Aligarh: संजय बालजीवन फार्मेसी में आज उत्पादन बंद कराने जाएगी टीम, फर्म का लाइसेंस निलंबित, दो उत्पादों पर रोक
आयुष मंत्रालय को मिली शिकायत पर जांच समिति गठित की गई थी। समिति ने उत्पादन इकाई का निरीक्षण किया। इस दौरान दो उत्पाद शक्ति उमंग रेड और शक्ति उमंग रेगुलर ग्रीन के नमूने लिए थे। प्रयोगशाला में हुई जांच में यह दोनों नमूने जीएमपी मानकों पर खरे नहीं उतरे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अलीगढ़ शहर की चर्चित आयुर्वेदिक दवा निर्माता फर्म संजय बालजीवन फार्मेसी प्रा. लि. का औषधि निर्माण व विक्रय लाइसेंस निलंबित कर दिया है। कंपनी के दो प्रमुख उत्पाद शक्ति उमंग रेड और शक्ति उमंग रेगुलर ग्रीन के निर्माण और बिक्री पर भी रोक लगाई गई है। मंगलवार को स्थानीय आयुर्वेदिक टीम फार्मेसी पर पहुंचकर उत्पादन प्रक्रिया बंद कराएगी और दस्तावेजों की जांच करेगी। यह कार्रवाई प्रदेश के आयुष विभाग द्वारा की गई है।
आयुष मंत्रालय को मिली शिकायत के आधार पर पिछले वर्ष एक जांच समिति गठित की गई थी। समिति ने 25 अगस्त 2025 को यहां पहुंचकर उत्पादन इकाई का निरीक्षण किया। इस दौरान दो उत्पाद शक्ति उमंग रेड और शक्ति उमंग रेगुलर ग्रीन के नमूने लिए थे।
प्रयोगशाला में हुई जांच में यह दोनों नमूने जीएमपी मानकों पर खरे नहीं उतरे। जांच में कुछ ऐसे तत्व भी पाए गए जो निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थे। इसी आधार पर पिछले वर्ष दिसंबर में कंपनी को कारण बताओ नोटिस दिया गया था, जिसके जवाब से विभाग संतुष्ट नहीं हुआ।
संजय बालजीवन फार्मेसी प्रा. लि. के औषधि निर्माण व विक्रय लाइसेंस निलंबित किए जाने व कंपनी के दो प्रमुख उत्पाद शक्ति उमंग रेड और शक्ति उमंग रेगुलर ग्रीन का उत्पादन व बिक्री रोके जाने के संबंध में मुख्यालय का आदेश मिल गया है। इस क्रम में मंगलवार को एक टीम पुलिस व मजिस्ट्रेट संग फार्मेसी पर जाएगी और उत्पादन बंद कराने के साथ स्टॉक व बिक्री रजिस्टर भी जांचेगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहां तक इन दो उत्पादों को भेजा गया है। इस आधार पर इनकी बिक्री रोकी जाएगी।-डाॅ.नरेंद्र कुमार, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी
परिवार का ही हमारा विरोधी खेमा प्रतिद्वंद्विता में हमारे पीछे पड़ा हुआ है। इसी का परिणाम है कि प्रदेश भर की 1100 आयुर्वेदिक फार्मेसी उत्पादन इकाइयों में से अब तक के इतिहास में पिछले वर्ष हमारे यहां छापा व जांच हुई। हमारी गैर मौजूदगी में उन दो उत्पादों के नमूने ले गए जो क्लीनिकल जांच प्रक्रिया में चल रहे थे। वे हमारे उत्पाद ही नहीं हैं। पता नहीं किसके उत्पाद हैं, जिन्हें हमारे नाम पर थोपा गया है। हालांकि हमें अभी आदेश की प्रति नहीं मिली है। हम साक्ष्यों व तथ्यों के साथ अपना पक्ष उच्च स्तर पर रखेंगे। आदेश न मिलने तक हमारा उत्पादन जारी रहेगा।-रोहन बालजीवन, निदेशक संजय बालजीवन फार्मेसी प्रा. लि.