Greater Aligarh: सितंबर में लॉन्च होगी ग्रेटर अलीगढ़ आवासीय योजना, शहर को मिलेगा दूसरा सेंटर पॉइंट
कॉलोनी के ठीक बीचों-बीच एक खूबसूरत सेंटर पॉइंट विकसित किया जाएगा, जिसके आसपास व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भूखंड आरक्षित किए गए हैं। इस तरह शहर में पहले से मौजूद एक सेंटर पॉइंट के अलावा यह दूसरा सेंटर पॉइंट होगा।
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अलीगढ़ विकास प्राधिकरण की महत्वाकांक्षी ग्रेटर अलीगढ़ योजना अपने निर्णायक दौर में पहुंच चुकी है। सब कुछ तय योजना के मुताबिक रहा, तो सितंबर में यह योजना आम जनता के लिए लॉन्च कर दी जाएगी। छह अगस्त को होने वाली एडीए बोर्ड बैठक में योजना के ले आउट की स्वीकृति के लिए प्रस्ताव रखा जाएगा।
खैर रोड पर ट्रांसपोर्ट नगर के ठीक सामने, कुल 7 गांवों की 323 हेक्टेयर भूमि पर इस अत्याधुनिक शहर को बसाया जा रहा है। शुरुआती चरण में इसके 70 हेक्टेयर क्षेत्र को तेजी से विकसित किया जाएगा, जिसमें कुल 2,594 से अधिक आवासीय और 305 व्यावसायिक प्लॉट उपलब्ध होंगे।
यह नया शहर आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। इस मेगा प्रोजेक्ट को बिल्कुल मॉडर्न टाउनशिप की तर्ज पर डिजाइन किया गया है। योजना के तहत 45 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क बनाई जाएगी, जबकि विभिन्न सेक्टरों को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग 12 मीटर चौड़े होंगे। ले आउट में चौड़ी सड़कों के साथ-साथ विशाल ग्रीन बेल्ट, सुंदर पार्क, आधुनिक खेल सुविधाएं, निर्बाध जलापूर्ति और मजबूत ड्रेनेज सिस्टम को प्राथमिकता दी गई है।
शहर को मिल जाएगा दूसरा सेंटर पॉइंट
कॉलोनी के ठीक बीचों-बीच एक खूबसूरत सेंटर पॉइंट विकसित किया जाएगा, जिसके आसपास व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भूखंड आरक्षित किए गए हैं। इस तरह शहर में पहले से मौजूद एक सेंटर पॉइंट के अलावा यह दूसरा सेंटर पॉइंट होगा। यह पूरी योजना नई भवन उपविधि-2025 के नियमों के अनुरूप तैयार की गई है। लगभग 700 करोड़ रुपये की लागत वाली इस विशाल परियोजना के लिए प्रदेश सरकार अब तक 350 करोड़ रुपये का फंड उपलब्ध करा चुकी है, जबकि शेष राशि का खर्च एडीए अपने संसाधनों से उठा रहा है।
2023 में रखी गई योजना की नींव
इस योजना की नींव सितंबर 2023 में किसानों की आपसी सहमति से भूमि खरीद के साथ शुरू हुई थी। एडीए अब तक लगभग 250 हेक्टेयर भूमि अपने कब्जे में ले चुका है, जिसमें करीब 230 हेक्टेयर जमीन किसानों से सीधे खरीदी गई है और 20 हेक्टेयर सरकारी भूमि का पुनर्ग्रहण किया गया है। खास बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतते हुए किसानों को अब तक लगभग 500 करोड़ रुपये का मुआवजा भी वितरित किया जा चुका है।
एडीए द्वारा इस योजना का विस्तृत ले आउट पूरी तरह तैयार कर लिया गया है। छह अगस्त को होने वाली एडीए की बोर्ड बैठक में इस पर औपचारिक मुहर लगते ही ले आउट को अंतिम स्वीकृति मिल जाएगी। इसके बाद सितंबर में इस ड्रीम प्रोजेक्ट के लॉन्च होने का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाएगा।- कुलदीप मीणा, उपाध्यक्ष, एडीए