कपड़ा कारोबारी हत्याकांड: आरोपी साबिर को भेजा जेल, उसके चेहरे पर नहीं था कोई पछतावा, रॉड भी बरामद
मृतक अब्दुल्ला ने आरोपी साबिर को 4.50 लाख रुपये उधार दिए थे। उधर दिए रुपये अब्दुल्लाह लगातार वापस मांग रहा था, तो आरोपी ने कर्ज चुकाने के बजाय उसे रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अलीगढ़ सपा महानगर अध्यक्ष अब्दुलाह हमीद घोसी के भांजी दामाद और रेडीमेड कपड़ा कारोबारी अब्दुल्ला की हत्या में मुख्य आरोपी साबिर को पुलिस ने भेज दिया है। निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई लोहे की रॉड बरामद की गई है। जेल जाते वक्त आरोपी साबिर के चेहरे कोई पछतावा नहीं था।
पूछताछ में सामने आया है कि मृतक अब्दुल्ला ने आरोपी साबिर को 4.50 लाख रुपये उधार दिए थे। उधर दिए रुपये अब्दुल्लाह लगातार वापस मांग रहा था, तो आरोपी ने कर्ज चुकाने के बजाय उसे रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। आरोपी ने कबूल किया है कि इस हत्याकांड को उसने अकेले ही अंजाम दिया था। हत्या के बाद उसने शव को मकान की पहली मंजिल से घसीटकर ग्राउंड फ्लोर के बाथरूम में छिपा दिया था। इसके बाद रात में पुरदिलनगर निवासी अपने साले शाहरुख को फोन किया और कार लेकर बुला लिया। हालांकि, रात में अलीगढ़ जाने की बात सुनकर एहतियातन एक अन्य युवक अल्फैज भी शाहरुख के साथ बैठ गया।
यह भी पढ़ें... UP: 'उसने दो लाख के 4.20 लाख किए...', पड़ोसी ने इस कारण किया कारोबारी का कत्ल; तीसरे बेटे का नहीं देख पाए चेहरा
जब दोनों साबिर के घर पहुंचे, तो अल्फैज को देखकर साबिर घबरा गया। स्थिति संभालने के लिए उसने होटल से खाना मंगवाया। खाना खाने के बाद, अल्फैज की गैर-मौजूदगी में साबिर ने शाहरुख को बताया कि उसने अब्दुल्ला की हत्या कर दी है। यह सुनकर शाहरुख के पैरों तले जमीन खिसक गई और वह डर गया कि वह भी इस मुसीबत में फंस सकता है, लेकिन साबिर के समझाने पर वह शव ठिकाने लगाने के लिए तैयार हो गया था।
आरोपी साबिर को जेल भेज दिया गया है। लाश को ठिकाने लगाने में शामिल रहे शाहरुख और अल्फैज की भी पुलिस तलाश कर रही है। साबिर के भाई ताहिर को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। - मनीष कुमार मिश्रा, पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण।
सिगरेट पीने के बहाने अल्फैज को दिया चकमा
साबिर और शाहरुख ने योजना के तहत अल्फैज को हत्या की बात से पूरी तरह अनजान रखा। उन्हें लगा कि बात जितने कम लोगों तक रहेगी, उतने ही वह सुरक्षित रहेंगे। इसके बाद वे अल्फैज को घर पर छोड़कर यह कहकर निकले कि वे दोनों सिगरेट पीने जा रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने चुपचाप कार की डिग्गी में अब्दुल्ला के शव को चादर से ढंककर रखा और हरदुआगंज क्षेत्र के हकीमगढ़ी माइनर की पटरी पर झाड़ियों में फेंककर वापस अलीगढ़ भाग आए।
भाई की संलिप्तता पर परिवार ने दी सफाई
पुलिस ने आरोपी साबिर के भाई ताहिर को भी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। जानकारी होने पर उसकी बहन फरहा, चाची और अन्य रिश्तेदार सोमवार दोपहर थाने पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि ताहिर पूरी तरह बेकसूर है और घटना की रात वह अपने घर पर ही था। ताहिर पिता के साथ कॉस्मेटिक की दुकान चलाता है और उसका घर व दुकान साबिर से अलग है। बहन फरहा ने बताया कि साबिर ने परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर शादी की थी, जिसके चलते माता-पिता और भाई-बहनों ने पहले ही उससे सारे रिश्ते तोड़ लिए थे और वे उससे 200 मीटर दूर दूसरी गली में रहते हैं।