Aligarh: रंग हरियाणा-यूपी रोडवेज बस का, कमाई डग्गामार वाहन की, यात्रियों को गुमराह करने वाली सात बसें सीज
अलीगढ़ में फर्जी रोडवेज बस संचालन का मामला नया नहीं है। इससे पहले भी कासगंज, अतरौली, मथुरा और टप्पल मार्ग पर यूपी रोडवेज के रंग में रंगी बसें पकड़ी जा चुकी हैं। वर्ष 2024 और 2021 में भी इस तरह की फर्जी बसों पर कार्रवाई हुई थी।
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अलीगढ़ जिले में फर्जी रोडवेज बस संचालित करने वाला गिरोह एक बार फिर सक्रिय हो गया है। अलीगढ़-खैर-टप्पल मार्ग पर डग्गामारी कर रहीं सात बसों को सोमवार को परिवहन विभाग की टीम ने जब्त कर लिया। इनमें पांच बसें हरियाणा रोडवेज के रंग में रंगी हुई थीं, जबकि दो बसें यूपी रोडवेज के रंग में संचालित की जा रही थीं।
परिवहन विभाग की टीम ने सभी बसों को जब्त कर आरटीओ कार्यालय परिसर में खड़ा करा दिया है। कार्रवाई का नेतृत्व एआरटीओ रोड सेफ्टी सान्या ने किया। आरटीओ प्रवर्तन दिनेश कुमार ने बताया कि अवैध रूप से संचालित इन बसों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। विभाग की इस अचानक कार्रवाई से डग्गामार बस संचालकों में खलबली मच गई।
अधिकारियों के अनुसार, अलीगढ़-खैर-टप्पल मार्ग पर लंबे समय से अवैध बसों के संचालन की शिकायतें मिल रही थीं। जांच में सामने आया कि कई बसें बिना परमिट और फिटनेस प्रमाण पत्र के यात्रियों को ढो रही थीं। कुछ बसों को सरकारी बसों की तरह रंगकर चलाया जा रहा था, जिससे यात्रियों को भ्रमित किया जा रहा था।
यात्रियों की सुरक्षा के लिए अभियान
परिवहन विभाग का कहना है कि डग्गामार बसें अक्सर सुरक्षा मानकों की अनदेखी करती हैं। इनमें ओवरलोडिंग, तेज गति और बिना फिटनेस के संचालन से हादसों का खतरा बना रहता है। अभियान का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित और वैध परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध बसों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। साथ ही ऐसे वाहनों पर भी कार्रवाई की जाएगी, जो नियमों का उल्लंघन कर सड़क पर संचालित हो रहे हैं।
पहले भी पकड़ी जा चुकी हैं फर्जी बसें
अलीगढ़ में फर्जी रोडवेज बस संचालन का मामला नया नहीं है। इससे पहले भी कासगंज, अतरौली, मथुरा और टप्पल मार्ग पर यूपी रोडवेज के रंग में रंगी बसें पकड़ी जा चुकी हैं। वर्ष 2024 और 2021 में भी इस तरह की फर्जी बसों पर कार्रवाई हुई थी। इसके अलावा अलीगढ़ से नेपाल तक फर्जी परमिट के आधार पर बस संचालन का मामला भी सामने आया था। इस मामले में बन्नादेवी थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। परिवहन विभाग अब ऐसे वाहनों पर लगातार निगरानी रखने का दावा कर रहा है।