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जाति-धर्म नहीं इंसानियत की तस्वीर: बेड पर एक तरफ अली और दूसरी तरफ मुस्कान, दोनों बोले-आधा तेरा, आधा मेरा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Thu, 21 May 2026 06:25 PM IST
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सार
भीषण गर्मी ने भले अस्पताल की व्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ा दिया हो, लेकिन बच्चा वार्ड की यह तस्वीर बता गई की तकलीफ के समय इंसानियत सबसे बड़ी पहचान बन जाती है।
जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में एक बेड पर दो-दो मरीज
- फोटो : नितिन गुप्ता
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विस्तार
भीषण गर्मी और लू के चलते अलीगढ़ जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड से समाज को जोड़ने वाली एक तस्वीर सामने आई। तीन दिन से जारी गर्मी के कारण बच्चों के बीमार पड़ने का सिलसिला बढ़ा तो 30 बिस्तर वाला बच्चा वार्ड पूरी तरह भर गया। हालत यह रहे कि 19 मई शाम तक यहां 37 बच्चों को भर्ती करना पड़ा। मरीज बढ़े तो डॉक्टर को मजबूरी में एक बिस्तर पर दो-दो बच्चों को लेना पड़ा।
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इसके बाद वार्ड में ऐसी तस्वीर देखी जिसने बीमारी के बीच इंसानियत और साझेदारी का चेहरा सामने ला दिया। एक ही बिस्तर के एक तरफ उषा अपनी बेटी मुस्कान को गोद में लिए बैठी थी तो दूसरी तरफ अली अपनी मां शबनम के साथ भर्ती था। पास के दूसरे बेड पर मरियम अपनी मां रुखसाना के साथ थी तो उसी बेड पर राधा अपनी मां आशा के साथ इलाज कर रही थी।
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वार्ड में कहीं धर्म नहीं था कहीं जाति नहीं थी, बस बच्चों को तबीयत ठीक होने की चिंता थी। डॉक्टर वैभव जैन ने मुस्कुराते हुए कहा भीषण गर्मी ने भले अस्पताल की व्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ा दिया हो, लेकिन बच्चा वार्ड की यह तस्वीर बता गई की तकलीफ के समय इंसानियत सबसे बड़ी पहचान बन जाती है।