सोमवार को 1426 जोड़े एक दूसरे के हो गए। श्रम विभाग की योजना के तहत 1126 जोड़ों ने सात फेरे लिए। वहीं समाज कल्याण विभाग की मुख्यमंत्री सामूहिक योजना के अंतर्गत 300 जोड़ों की शादी हुई। श्रम विभाग की कन्याा विवाह सहायता योजना के अंतर्गत मंडल के 1143 श्रमिकों की बेटियों को पात्र पाया गया था। परेड मैदान में बनाए गए भव्य पंडाल में 1126 जोड़ों की शादी कराई गई। अलग-अलग समूह में सभी को सात फेरे डलवाए गए।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना : 1426 जोड़ों ने लीं एक-दूजे के साथ जीने की कसमें
सोमवार को 1426 जोड़े एक दूसरे के हो गए। श्रम विभाग की योजना के तहत 1126 जोड़ों ने सात फेरे लिए। वहीं समाज कल्याण विभाग की मुख्यमंत्री सामूहिक योजना के अंतर्गत 300 जोड़ों की शादी हुई।
मंत्री ने बताया कि प्रदेश में यह सामूहिक विवाह का चौथा आयोजन था। इससे पहले गाजियाबाद में 3003, अयोध्या में 1705 और मिर्जापुर मंडल में 1108 जोड़ों की सामूहिक शादी कराई जा चुकी है। संचालन डॉ.रंजना त्रिपाठी ने किया। इस मौके पर श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री मनोहर लाल मन्नू कोरी, विधायक प्रवीण पटेल, गुरू प्रसाद मौर्य, पीयूष रंजन निषाद, एमएलसी सुरेंद्र चौधरी, किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर स्वामी कौशल्यानंद गिरि, डीएम संजय कुमार खत्री, उप श्रमायुक्त राजेश मिश्रा आदि मौजूद रहे।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत डूडा की ओर से तेलियरगंज स्थित नार्दन रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी परिसर में 300 जोड़ों की शादी कराई गई। औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने प्रतिकात्मक रूप में 20 जोड़ों को शादी के प्रमाण पत्र वितरित किए। योजना के अंतर्गत मदद के अलावा नव निवाहित जोड़ों को एक संस्था की ओर से मिक्सी, पंखा एवं कंबल भी उपहार में दिए गए। संचालन प्रभाकर त्रिपाठी ने किया। इस मौके पर ऊषा, नगर आयुक्त चंद्रमोहन गर्ग, अपर नगर आयुक्त रत्नप्रिया, जिला समाज कल्याण अधिकारी त्रिनेत्र सिंह, परियोजना अधिकारी डूडा वर्तिका सिंह आदि मौजूद रहीं।
देर से पहुंचे कई जोड़े, अलग से हुई शादी
श्रम विभाग की ओर से आयोजित सामूहिक विवाह में कई जोड़े समय से नहीं पहुंच पाए। ऐसे में उनकी शादी अलग से हुई। कोरांव की कंचन झूंसी के संदीप कुमार तथा करछना की जोधा मेजा के संजय कुमार से शादी के लिए परेड मैदान पहुंची थीं। उनके साथ परिजन भी थे। देर से पहुंचने की वजह से वे काफी देर तक भटकते रहे। इसी दौरान उनकी अन्य काम से वहां पहुंचे सच्चिदानंद द्विवेदी से मुलाकात हो गई। सच्चिदानंद ने इस तरह से भटक रहे अन्य सभी जोड़ों की एक साथ शादी कराई। उपायुक्त श्रम राजेश मिश्रा का कहना है कि ये लोग काफी देर से पहुंचे। इसलिए सामूहिक विवाह आयोजन में शामिल नहीं हो सके। इनकी अलग से शादी कराई गई।
पैसे का इंतजार करते रहे लाभार्थी
श्रम विभाग की ओर से सामूहिक विवाह के पात्रों को 75 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसमें से 10 हजार रुपये उनके खाते में ट्रांसफर कर दिए गए हैं। हालांकि कोरांव की संजू देवी का कहना था कि उन्हें अब तक कोई राशि नहीं मिली है। इस तरह की शिकायत कई अन्य लाभार्थियों की भी रही। उप श्रमायुक्त का कहना है कि सभी पात्रों के खाते में 11 मार्च की रात में 10 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए गए हैं। रविवार को छुट्टी थी। इसलिए उन लोगों ने अभी अपना खाता नहीं देखा होगा।
हर गरीब परिवार को मिलेगा रोजगार
श्रम मंत्री अनिल राजभर ने नव विवाहित जोड़ों को शादी की बधाई दी। उन्होंने कहा कि अब बेटियां अपने पिता पर बोझ नहीं होंगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्रत्येक गरीब परिवार का विवरण एकत्रित किया जा रहा है। हर परिवार में कम से कम एक व्यक्ति को रोजगार से जोड़ा जाएगा। उन्होंने विभाग की योजनाओं की भी जानकारी दी। साथ ही लोगों से इनका लाभ लेने की अपील की। राज्यमंत्री मनोहर लाल ने भी श्रमिकों के लिए शुरू विभागीय योजनाओं की जानकारी दी।
धन के अभाव में नहीं रुकेगी बेटियों की शादी
औद्योगिक विकास मंत्री नंद गाेेपाल गुप्ता नंदी ने कहा, प्रदेश सरकार ने संकल्प लिया है कि धनाभाव एवं दहेज की वजह से किसी भी बेटी की शादी नहीं रुकेगी। उनकी धूमधाम से शादी कराई जाएगी। इसी क्रम में धूमधाम से शादी कराई गई। इतना ही नहीं उनका आगे का जीवन सुखमय हो इसके लिए भी कई तरह की योजनाएं शुरू की गई हैं। सभी पात्र उनका लाभ उठा सकते हैं। मंत्री ने अफसरों से भी कहा कि सभी पात्रों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।