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UP: 'बोला था न, मेरे लोगों के हत्थे न चढ़ जाना', संत आशुतोष पर हमले के बाद पोस्ट; फेसबुक पर इस नाम से प्रोफाइल

अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: Sharukh Khan Updated Mon, 09 Mar 2026 11:20 AM IST
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सार

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ एक मामले में एफआईआर दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी पर रीवा एक्सप्रेस में जानलेवा हमला किया गया। उन्होंने ट्रेन के शौचालय में खुद को बंद कर जान बचाई। 

Ashutosh Brahmachari attacked in Rewa Express Controversy over new post after attack in Prayagraj
Ashutosh Brahmachari attack - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

रीवा एक्सप्रेस में रविवार सुबह संत आशुतोष ब्रह्मचारी पर हुए जानलेवा हमले के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। फेसबुक पर स्वाति अघोरी नाम की प्रोफाइल से किए गए एक पोस्ट में कथित तौर पर लिखा गया- बोला था न, मेरे लोगों के हत्थे न चढ़ जाना...। 
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पोस्ट सामने आने के बाद यह दावा किया जा रहा है कि इस प्रोफाइल ने हमले की जिम्मेदारी ली है। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक इस पोस्ट की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। संवाद न्यूज एजेंसी भी ऐसे किसी पोस्ट की पुष्टि नहीं करती है।
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रीवा एक्सप्रेस में आशुतोष ब्रह्मचारी पर हमला, खुद को शौचालय में बंद कर बचाई जान
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ एक मामले में एफआईआर दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी पर रीवा एक्सप्रेस में जानलेवा हमला किया गया। उनका दावा है कि धारदार हथियार से किए गए हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। 

उन्होंने ट्रेन के शौचालय में खुद को बंद कर जान बचाई। आशुतोष शनिवार रात गाजियाबाद रेलवे स्टेशन से रीवा एक्सप्रेस में सवार होकर प्रयागराज आ रहे थे। आरोप है कि रविवार सुबह करीब पांच बजे ट्रेन सिराथू स्टेशन के पास पहुंची तो एसी कोच एच वन में उन पर कुछ अज्ञात लोगों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। 

इससे वह लहूलुहान हो गए और जान बचाने के लिए ट्रेन के शौचालय में छिप गए। हमलावरों ने नाक और दाहिनी बाजू पर हमला कर उन्हें लहूलुहान कर दिया और भाग निकले। शौचालय से निकलने के बाद उन्होंने शोर मचा कर बोगी में मौजूद यात्रियों से मदद मांगी।

 

घायल अवस्था में आशुतोष सुबह करीब छह बजे प्रयागराज पहुंचे। जीआरपी पुलिस बयान और तहरीर लेने के बाद उन्हें मोती लाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय (कॉल्विन) ले गई। आशुतोष ने हमले को साजिश बताते हुए शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके सहयोगियों पर संदेह जताया है।

 

पुलिस अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच में जुट गई है। जीआरपी डीएसपी प्रयागराज अरुण कुमार पाठक ने बताया कि घटना में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करते हुए आशुतोष को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। अब उनकी स्थिति खतरे से बाहर है।

नाक काटने आए थे हमलावर : आशुतोष
रविवार को कॉल्विन में इलाज कराने के लिए पुलिस के साथ पहुंचे घायल आशुतोष ने अपने बयान में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी नाक काटने के लिए 21 लाख रुपये का इनाम रखा गया था। हमलावरों ने उनकी नाक काटने के इरादे से ही हमला किया। आरोप है कि हमलावरों ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का नाम लेते हुए हाईकोर्ट में मुकदमा दाखिल करने का विरोध भी किया।
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