सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Bhavna Kumbh is also important for feeding lotus

भाजपा का कमल खिलाने में भव्य कुंभ भी रहा अहम

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 24 May 2019 02:15 AM IST
विज्ञापन
Bhavna Kumbh is also important for feeding lotus
chunav - फोटो : प्रयागराज
विज्ञापन
अबकी लोकसभा चुनाव में किसी एक संसदीय सीट पर नहीं बल्कि  पूरे देश में ही ‘मोदी मैजिक’ जमकर चला लेकिन संगम नगरी से जुड़ीं इलाहाबाद और फूलपुर संसदीय सीटों पर भाजपा का कमल खिलाने में भव्य कुंभ की भी अहम भूमिका रही। कुंभ के बहाने बदली शहर की सूरत के साथ ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कुंभ को विरासत का दर्जा मिलना और इसी रूप में इसे प्रचारित करनेे की पहल का मतदाताओं के बीच अच्छा प्रभाव रहा।
Trending Videos


आजादी के बाद पहली बार संगमनगरी की सूरत बदली। परंपरागत शहर में हुए बदलाव का शहरियों ने स्वागत किया और सराहा भी। शहर में पंद्रह पुलों का निर्माण हुआ जिसमें हाईकोर्ट के करीब एक और फ्लाईओवर सहित रेल ओवर ब्रिज तथा रेल अंडर ब्रिज शामिल हैं। ललिता देवी मंदिर समिति के अध्यक्ष हरिमोहन वर्मा कहते हैं, अतिक्रमण हटने और नालों को ढंकते हुए सड़कें चौड़ी करने से शहरियों को जाम की जबर्दस्त समस्या से काफी सीमा तक निजात मिली। वहीं नई रोशनी से शहर नहा उठा।
विज्ञापन
विज्ञापन


कुंभ की भव्यता और सफलता सरकार के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न रही। इसीलिए प्रदेश और किसी हद तक केंद्र सरकार ने भी इसकी तैयारियों को अहमियत दी। परंपरागत रूप से अर्द्धकुंभ को कुंभपर्व के तौर पर देश और दुनिया भर में प्रचारित किया गया। कारोबारी मोहनजी टंडन कहते हैं, सफाई से लेकर सुरक्षा तक हर स्तर पर तैयारियों में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी गई। कुं भ को वैश्विक स्तर पर ‘सांस्कृतिक विरासत’ के रूप में प्रस्तुत करते हुए प्रवासी भारतीयों और राजनयिकों को कुंभ पर्व पर आमंत्रित करते हुए संगम की भव्यता से परिचित कराया गया।


कुंभ पर्व को भव्य रूप देते हुए सरकार ने देश-दुनिया के संतों और श्रद्धालुओं को साधने की कोशिश की। धर्मसंसद और परमधर्मसंसद में संतों के साथ ही विभिन्न दलों के प्रतिनिधि, चिंतक, मनीषी भी शामिल हुए। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और लोकसभा अध्यक्ष तो आईं ही, केंद्र सरकार के मंत्रियों से लेकर कई प्रदेशों के पूर्व और वर्तमान मुख्यमंत्रियों के अतिरिक्त उत्तर प्रदेश सरकार की पूरी कैबिनेट ने डुबकी लगाई और कुंभ क्षेत्र में ही मंत्रिमंडल की बैठक भी हुई। तीर्थपुरोहित राजेंद्र पालीवाल ने जोड़ा, तैयारियों की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दर्जन भर से ज्यादा बार आना बड़ी बात है।

तक्षक पीठाधीश्वर रविशंकर कहते हैं, प्रधानमंत्री की पहल पर अक्षय पुण्यदायी अक्षयवट का दर्शन आमजन के लिए सुलभ हो सका जो अब तक संभव नहीं था। वहीं प्रयागराज कुंभपर्व के दौरान तकरीबन दो दशकों बाद फिर प्रयाग परिक्रमा आरंभ हुई। इसका लोगों के बीच अच्छा प्रभाव रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed