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Prayagraj :17 साल से फरार चल रहे ठगी के आरोपी बंटी और बबली गुजरात से गिरफ्तार, घोषित था 50-50 हजार का इनाम

Fri, 16 Aug 2024 05:58 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 16 Aug 2024 05:58 PM IST
सार

अपनी कंपनी में नौकरी के नाम पर यह दंपती बड़ी संख्या में लोगों से लाखों रुपये की ठगी कर 2007 में फरार हो गए थे। पुलिस 17 साल से इन्हें खोज रही थी। दोनों के ऊपर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया। 

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Bunty and Babli, who escaped after cheating lakhs, were arrested from Gujarat, reward of Rs 50,000
बंटी और बबली को पुलिस ने किया गिरफ्तार। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

जार्जटाउन में नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी कर फरार हुए 50-50 हजार के इनामी बंटी-बबली शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिए गए। 17 साल से फरार नैनी अमित श्रीवास्तव व उसकी पत्नी शिखा श्रीवास्तव को एसटीएफ ने गुजरात के अहमदाबाद से पकड़ा। दोनों वहां छिपकर फरारी काट रहे थे। ट्रांजिट रिमांड बनवाकर दोनों को प्रयागराज लाया जा रहा है।

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एसटीएफ को थाना जार्जटाउन धोखाधड़ी व अन्य आरोपों में दर्ज मुकदमे में वांछित दंपति अमित व शिखा के गुजरात के जनपद अहमदबाद में छिपकर रहने की सूचना प्राप्त हुई थी। इस पर एक टीम ने वहां पहुंचकर दोनों को शिवान्ता अपार्टमेन्ट से गिरफ्तार कर लिया। एसटीएफ के मुताबिक, पूछताछ में अमित ने बताया कि उसने जार्जटाउन में इन्फोकान्स कन्सलटेन्टस प्राइवेट लिमिटेड नाम से एक कम्पनी खोली थी। वह इसका मैनेजिंग डायरेक्टर और उसकी पत्नी शिखा सह डायरेक्टर थी।
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इस कम्पनी में लोगों से पैसा जमा कराकर उन्हें सॉफ्टवेयर डेवलपर व इंजीनियर के पद पर नौकरी दी जाती थी। उन्हें वेतन के रूप में प्रतिमाह 8500/- रुपये दिए जाते थे। जबकि सिक्योरिटी के रूप में प्रति व्यक्ति पद के अनुसार 80 हजार से एक लाख रुपये जमा करा लिए जाते थे।
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सर्विस एग्रीमेन्ट में तीन वर्ष तक कम्पनी में कार्य करने का बन्धपत्र तथा तीन वर्ष बाद सिक्योरिटी मनी वापस करने के साथ-साथ 06 माह कार्य करने के उपरान्त वेतन वृद्धि का आश्वासन भी दिया जाता था। इस तरह से लाखों रुपये जमा करने के बाद दंपति कंपनी बंद कर फरार हो गए। दोनों नैनी के गुरुनानक नगर के रहने वाले हैं।

काफी दिनों तक दिल्ली में काटी फरारी

पूछताछ में दोनों ने यह भी बताया कि प्रयागराज से फरार होने के बाद वह काफी दिनों तक दिल्ली में रहे। पिछले 06-07 वर्ष से वह अहमदाबाद में शिवान्ता अपार्टमेन्ट, बेकरी सिटी, थाना क्षेत्र वेजलपुर, गुजरात में फ्लैट खरीद कर रह रहे थे। दोनों जिमनी साॅफ्टवेयर के नाम से एक कम्पनी चलाते थे जो मेडिकल कार्य से सम्बन्धित साॅफ्टवेयर उपलब्ध कराने का काम करती है।दुबई में इसका वर्चुअल कार्यालय भी है जहां पर 12-15 लोग काम करते है। यह कंपनी विदेशों में मेडिकल कार्य से सम्बन्धित साॅफ्टवेयर की सप्लाई का काम भी करती है। भारत में बंगलुरु, कोलकाता, जयपुर तथा उ०प्र० के जनपद प्रयागराज में स्थित युनाइटेड मेडिकल काॅलेज में इस कम्पनी के साॅफ्टवेयर की सप्लाई की गई है। इसकी कीमत 20-25 हजार रुपये है।

खाते में मिले 10 लाख रुपये

एसटीएफ ने बताया कि दंपति के महराष्ट्रा बैंक, प्रयागराज स्थित खाते में लगभग 10 लाख रुपये हैं जो फ्रिज कराया जा चुका है। ठगी से पहले अमित प्रयागराज में स्कूलों में शिक्षा से सम्बन्धित एडमिशन से लेकर लेनदेन के हिसाब रखने वाले साॅफ्टवेयर की सप्लाई का भी काम कर चुका है। थाना वेजलपुर, जनपद अहमदाबाद, गुजरात में दाखिल करने के बाद न्यायालय अपर जिला सत्र न्यायाधीश अहमदाबाद गुजरात के समक्ष पेश कर उनका ट्रांजिट रिमांड बनवाया गया। अब उन्हें प्रयागराज लाया जा रहा है।



 
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