बिजली कर्मियों की हड़ताल के दूसरे दिन शनिवार को जिले में कुल 141 उपकेंद्रों में 91 बंद रहे। तमाम मान मनौव्वल के बाद भी संविदा कर्मी भी काम पर वापस नहीं आए। बिजली न होने से करेलाबाग का पेयजल संयंत्र बंद होने की वजह से पुराने शहर समेत कई हिस्सों में जलापूर्ति ठप हो गई। बिजली-पानी के संकट को लेकर करेली, साठ फीट रोड के अलावा सिविल लाइंस और तेलियरगंज में नागरिकों का गुस्सा बढ़ गया। लोग सड़कों पर उतर आए। जगह सड़क जाम कर विरोध-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान मनमानी और लापरवाही के आरोप में जिलाधिकारी ने 10 अवर अभियंताओं के निलंबन की संस्तुति कर दी।
बिजली हड़ताल : 141 में 91 उपकेंद्र बंद, बिजली-पानी के संकट के बीच सड़क पर उतरे लोग, 10 जेई होंगे निलंबित
बिजली कर्मियों की हड़ताल के दूसरे दिन शनिवार को जिले में कुल 141 उपकेंद्रों में 91 बंद रहे। तमाम मान मनौव्वल के बाद भी संविदा कर्मी भी काम पर वापस नहीं आए। बिजली न होने से करेलाबाग का पेयजल संयंत्र बंद होने की वजह से पुराने शहर समेत कई हिस्सों में जलापूर्ति ठप हो गई।
बिजली कटौती से नाराज कांग्रेसियों का प्रदर्शन
बिजली कटौती से नाराज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट तथा झूंसी में प्रदर्शन किया। उन्होंने बिजली बहाली की मांग की। कार्यकर्ताओं ने रमजान एवं नवरात्रि पर सफाई कराने की भी मांग की। शहर कांग्रेस कमेटी की बैठक में कार्यकर्ताओं ने बिजली कर्मियों की हड़ताल को लेकर सरकार को घेरा। उनका कहना था कि सरकार की अड़ियन रवैया की वजह से लोग बिजली-पानी के लिए परेशान हो गए हैं। बैठक में महानगर अध्यक्ष प्रदीप मिश्र अंशुमन, मोहम्मद असलम, प्रवीण सिंह भोले, अजेंद्र गौड़, राकेश पाठक आदि मौजूद रहे।
गंगापार के अध्यक्ष सुरेश यादव, हसीब अहमद, राकेश पटेल, सिद्धनाथ मौर्य, भानू कुशवाहा, मनोज पासी आदि ने झूंसी पावर हाउस के सामने प्रदर्शन किया एवं विद्युत बहाली की मांग की। कलेक्ट्रेट पहुंचे इरशाद उल्ला, राजकुमार सिंह, महताब खान, अजय श्रीवास्तव आदि कार्यकर्ताओं ने बिजली बहाली के साथ रमजान एवं नवरात्र में सफाई कराने की मांग की। उन्होंने ज्ञापन भी सौंपा।
दो दिन में सवा सौ करोड़ का कारोबार प्रभावित
बिजली कर्मियों की हड़ताल का साइड इफेक्ट प्रयागराज के बाजार पर भी पड़ा है। बीते दो दिन में ही तकरीबन सवा सौ करोड़ का कारोबार संगमनगरी में प्रभावित हुआ है। शनिवार को शहर की धड़कन कहे जाने वाले चौक बाजार में आम दिनों के मुकाबले चहल पहल कम रही, जबकि वीकेंड पर चौक शहर के अन्य बाजारों के मुकाबले ज्यादा गुलजार रहता है। ग्राहकों की कम आवाजाही से कारोबारी भी खासे निराश दिखे। लाइट न होने से व्यापारी अपना ई वे बिल आदि भी नहीं बनवा सके।
चौक में रेडीमेड गारमेंट्स के विक्रेता मुसाब खान ने बताया कि दो दिन से लाइट ने परेशान कर दिया है। जानसेन गंज, मानसरोवर, कटरा आदि इलाकों में बिजली न आने से कारोबार का बुरा हाल है। कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल ने बताया कि दो दिन में सवा सौ करोड़ के आसपास का कारोबार प्रभावित होने का अनुमान है। दो दिन से लाइट न होने की वजह से दुकानों में रखी आइसक्रीम, मक्खन आदि खराब हो गए।
बिजली गुल से परेशान छात्र मोबाइल चार्ज करने पहुंचे प्रयाग स्टेशन
शहर में बीते 24 घंटे से अधिक वक्त से बिजली की समस्या लगातार बनी हुई है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों की फोन पर चलने वाली ऑनलाइन कक्षाएं सीधे तौर पर प्रभावित हो रहीं है। इतने लंबे वक्त तक बिजली न आना और मोबाइल बंद हो जाना परेशानी का सबब बन गया है। प्रयाग स्टेशन के आसपास के क्षेत्रों छोटा बघाड़ा, एलनगंज, रामप्रिया रोड पर रहने वाले सैकड़ों प्रतियोगी छात्रों को फोन चार्ज करने के लिए प्रयाग स्टेशन पर जाना पड़ रहा है।
बस्ती के प्रतियोगी छात्र सिकंदर अली का कहना है कि बिजली का भरोसा नहीं रह गया। इसकी राह देखते हुए 24 घंटे बीत गए। फोन बंद होने से घर वाले भी परेशान हो रहे होंगे। इसके लिए फोन चार्ज करने प्रयाग स्टेशन आ पहुंचे हैं। अब ज्यादातर भुगतान फोन से ही करते हैं, जब फोन ही चालू नहीं रहेगा तो सभी काम ठप हो जाएंगे। वहीं जौनपुर के संदीप बताते है कि बिजली न आने से पूरी दिनचर्या खराब हो गई है।
मोबाइल चार्ज तो स्टेशन पर कर ले रहे हैं लेकिन कमरे पर पानी भी नहीं है। बिजली पानी के चक्कर में अभी तक भूखे बैठे हैं। सुबह उठने से पहले ही टंकी खाली हो गई। अब दैनिक क्रिया करने में भी दिक्कत हो रही है। कमरे में अंधेरा होने की वजह से पढ़ाई एकदम बंद हो गई।
खुसरोबाग में दूसरे दिन भी सभी पंप ठप, हजारों घरों में 48 घंटे से पानी नहीं
शहर के बड़े हिस्से में पानी के लिए त्राहि-त्राहि मच गई है। रॉ वाटर पंपिंग स्टेशन के नहीं चलने से पुराने शहर के हजारों घरों में 48 घंटों से पानी नहीं पहुंचा है। वहीं 100 से अधिक ट्यूबवेल भी बंद पड़े हैं। इसकी वजह से लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस गए हैं और पूरी दिनचर्या ही बिगड़ गई है। ज्यादातर परिवारों ने आरओ वाटर खरीदकर खाने और पीने का काम तो चलाया लेकिन अन्य काम प्रभावित हो गए हैं।
अफसरों और कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से बृहस्पतिवार रात से ही बिजली आपूर्ति पटरी से उतरी हुई है। पुराने शहर के ज्यादातर मोहल्लों, सिविल लाइंस आदि क्षेत्रों में रॉ वाटर पंपिंग स्टेशन से पानी की आपूर्ति की जाती है। करेलाबाग में यमुना नदी से पानी पंप करके खुसरोबाग भेजा जाता है। फिर साफ करने के बाद नौ केंद्रों के माध्यम से जलापूर्ति की जाती है। बिजली आपूर्ति बाधित रहने से शुक्रवार को दोनों वक्त खुसरोबाग से पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी थी।