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Prayagraj : ज्येष्ठ मास में होंगे आठ बड़े मंगल, पांच मई से होगी शुरुआत
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 04 May 2026 04:34 PM IST
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सार
इस वर्ष ज्येष्ठ मास में पड़ने वाला बड़ा मंगल (बुढ़वा मंगल) इस बार खास होने जा रहा है। ज्योतिषाचार्य कावेरी मुकर्जी बताती हैं कि अधिमास होने के कारण इस साल ज्येष्ठ माह में कुल आठ मंगलवार होंगे।
श्री बड़े हनुमानजी।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
इस वर्ष ज्येष्ठ मास में पड़ने वाला बड़ा मंगल (बुढ़वा मंगल) इस बार खास होने जा रहा है। ज्योतिषाचार्य कावेरी मुकर्जी बताती हैं कि अधिमास होने के कारण इस साल ज्येष्ठ माह में कुल आठ मंगलवार होंगे। यह एक दुर्लभ संयोग है। पहला बड़ा मंगल पांच मई व अंतिम बड़ा मंगल 23 जून को पड़ेगा।
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बड़े मंगल की तिथियां
पांच मई
12 मई
19 मई
26 मई
दो जून
नौ जून
16 जून
23 जून
क्या है धार्मिक महत्व
कावेरी मुकर्जी बताती हैं कि ज्येष्ठ मास के प्रत्येक मंगलवार को बड़ा मंगल कहा जाता है। इस दिन विशेष रूप से भगवान हनुमान की पूजा की जाती है। इससे संकट से मुक्ति, कर्ज से राहत, मानसिक तनाव में कमी और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। साथ ही भय, बाधाएं और नकारात्मकता दूर होती है।
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पूजा और उपाय
कावेरी मुकर्जी ने बताया कि बड़े मंगल के दिन हनुमान चालीसा व सुंदरकांड का पाठ और ओम हनुमते नम: का जप करना चाहिए। हनुमान जी को सिंदूर, चमेली का तेल और लाल फूल अर्पित करना चाहिए।
इस दिन जलसेवा, शरबत वितरण, अन्नदान और गरीबों को भोजन कराना अत्यंत पुण्यदायी होता है। बंदरों और गायों को भोजन कराना भी शुभ माना जाता है।
हर बड़े मंगल की विशेषता
ज्योतिषाचार्य के अनुसार पांच मई का पहला बड़ा मंगल अत्यंत शुभ रहेगा। 12 और 19 मई को पड़ने वाले मंगलवार मनोकामना पूर्ति के लिए विशेष माने जा रहे हैं। वहीं 23 जून को अंतिम बड़ा मंगल होगा।
19 साल बाद बना संयोग
यह अद्भुत संयोग 19 साल बाद बना है। जब ज्येष्ठ माह में बड़े मंगल की संख्या सामान्य चार या पांच से बढ़कर आठ हो गई है। मुकर्जी ने बताया कि प्रयागराज, लखनऊ, वाराणसी और पूरे पूर्वी उत्तर प्रदेश में बड़े मंगल को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिलता है।
कावेरी मुकर्जी ने बताया कि बड़े मंगल के दिन हनुमान चालीसा व सुंदरकांड का पाठ और ओम हनुमते नम: का जप करना चाहिए। हनुमान जी को सिंदूर, चमेली का तेल और लाल फूल अर्पित करना चाहिए।
इस दिन जलसेवा, शरबत वितरण, अन्नदान और गरीबों को भोजन कराना अत्यंत पुण्यदायी होता है। बंदरों और गायों को भोजन कराना भी शुभ माना जाता है।
हर बड़े मंगल की विशेषता
ज्योतिषाचार्य के अनुसार पांच मई का पहला बड़ा मंगल अत्यंत शुभ रहेगा। 12 और 19 मई को पड़ने वाले मंगलवार मनोकामना पूर्ति के लिए विशेष माने जा रहे हैं। वहीं 23 जून को अंतिम बड़ा मंगल होगा।
19 साल बाद बना संयोग
यह अद्भुत संयोग 19 साल बाद बना है। जब ज्येष्ठ माह में बड़े मंगल की संख्या सामान्य चार या पांच से बढ़कर आठ हो गई है। मुकर्जी ने बताया कि प्रयागराज, लखनऊ, वाराणसी और पूरे पूर्वी उत्तर प्रदेश में बड़े मंगल को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिलता है।