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Health News : सावधान ! जालसाज बिना ओटीपी के खातों से उड़ा रहे रकम

Mon, 13 Jul 2026 03:42 PM IST
विनोद सिंह अमित गुप्ता, प्रयागराज
अमित गुप्ता, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 13 Jul 2026 03:42 PM IST
सार

साइबर ठगों ने ऑनलाइन ठगी का तरीका बदल दिया है। अब न तो पीड़ित के मोबाइल फोन पर ओटीपी आता है, न ही खाते से रकम निकलने का कोई मैसेज मिलता है। साइबर सेल में ऐसे मामले बहुतायत में पहुंच रहे हैं।

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Health News: Beware! Fraudsters are siphoning off money from accounts without an OTP.
OTP Fraud - फोटो : FREEPIK

विस्तार

साइबर ठगों ने ऑनलाइन ठगी का तरीका बदल दिया है। अब न तो पीड़ित के मोबाइल फोन पर ओटीपी आता है, न ही खाते से रकम निकलने का कोई मैसेज मिलता है। साइबर सेल में ऐसे मामले बहुतायत में पहुंच रहे हैं। जांच में सामने आ रहा है कि जालसाज लोगों के मोबाइल फोन को हैक कर सीधे बैंक खातों को निशाना बना रहे हैं।

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साइबर सेल के अधिकारियों के मुताबिक, पहले ठग ओटीपी, एटीएम कार्ड की जानकारी या लिंक भेजकर लोगों को फंसाते थे। अब ठगी के नए तरीके में ओटीपी की जरूरत नहीं पड़ रही है। कई मामलों में मोबाइल एप, बैंकिंग एक्सेस या अन्य तकनीकी माध्यमों का दुरुपयोग कर खातों से रकम निकाली जा रही है। पीड़ितों को रकम निकलने के बाद ठगी का पता चलता है। पुलिस ऐसे मामलों में बैंकिंग ट्रांजैक्शन, मोबाइल गतिविधियों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।

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लिंक पर क्लिक व एप डाउनलोड से बचें

साइबर जांच में पता चला कि कई बार फर्जी लिंक, संदिग्ध एप, स्क्रीन शेयरिंग, डिजिटल एक्सेस या बैंकिंग जानकारी लीक होने के कारण ठग खाते तक पहुंच बना लेते हैं। इसके बाद रकम निकालने की कोशिश की जाती है। कई बार पीड़ित को बैंकिंग गतिविधि का पता देर से चलता है क्योंकि मोबाइल पर तुरंत अलर्ट नहीं पहुंचता।

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बरतें ये सावधानियां

- संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और ना ही अनजान एप डाउनलोड करें

- संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखे तो तुरंत बैंक व साइबर हेल्पलाइन को सूचना दें।

- मोबाइल में स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस वाले एप इंस्टॉल न करें।

- समय-समय पर बैंक खाते और यूपीआई ट्रांजैक्शन की जांच करते रहें।

- सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क पर बैंकिंग से जुड़े काम करने से बचें।

- सोशल मीडिया पर अपनी निजी और बैंकिंग जानकारी साझा न करें।

- ठगी होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें।

केस-एक

कोतवाली एरिया निवासी सुशील कुमार ने बताया कि उनके खाते से 96,500 रुपये सम्राट बैरागी नामक व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर हो गए। इस लेन-देन की उन्हें कोई जानकारी नहीं थी। न तो मोबाइल पर कोई ओटीपी आया और ना ही कोई फोन या मैसेज मिला। साइबर पुलिस मामले की जांच कर रही है।

केस-दो

कौंधियारा निवासी रितेश जायसवाल ने बताया कि उनके बैंक खाते से सात लाख रुपये का ट्रांजैक्शन हो गया। रुपये कटने से पहले न तो कोई ओटीपी आया, न बाद में कोई मैसेज। बैंक गया तो रुपये कटने की जानकारी हुई। साइबर पुलिस मोबाइल नंबर व बैंक खाता नंबर के आधार पर ठगों की पहचान कर रही है।

थोड़ी सी सावधानी से साइबर ठगी से बचा जा सकता है। संदिग्ध लेनदेन होने पर तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन को सूचना दें। -घनश्याम यादव, साइबर सेल प्रभारी

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