UPESSC Exam : ईयर डिवाइस से नकल कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 13 गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) की सहायक बोरिंग टेक्नीशियन मुख्य परीक्षा में माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिये नकल कराने वाले अंतरजनपदीय गिरोह का एसटीएफ ने रविवार को भंडाफोड़ किया।
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उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) की सहायक बोरिंग टेक्नीशियन मुख्य परीक्षा में माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिये नकल कराने वाले अंतरजनपदीय गिरोह का एसटीएफ ने रविवार को भंडाफोड़ किया। एसटीएफ ने गिरोह से जुड़े 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें गिरोह के सदस्य, सॉल्वर और दो अभ्यर्थी शामिल हैं।
शनिवार को लखनऊ, गाजियाबाद और वाराणसी में आयोजित परीक्षा के दौरान नकल की आशंका के मद्देनजर पहले से निगरानी की जा रही थी। सूचना मिली थी कि प्रयागराज का एक गिरोह मोटी रकम लेकर माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के माध्यम से अभ्यर्थियों को नकल कराता है। सूचना पर एसटीएफ की वाराणसी इकाई ने जाल बिछाकर वाराणसी के सिगरा और कोतवाली क्षेत्र स्थित दो परीक्षा केंद्रों और प्रयागराज के बहरिया स्थित रामगढ़ कोठारी में सॉल्वर गैंग से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई की।
इस दौरान दोनों जगहों से टीम ने दो अभ्यर्थियों समेत 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरोह का सरगना शिवजीत पटेल और उसका सहयोगी राजेंद्र यादव उर्फ धीरेंद्र यादव मौके से फरार हो गए। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ एसटीएफ ने सिगरा और कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है।
पांच-पांच लाख में हुई थी डील
अभ्यर्थियों ने बताया कि परीक्षा पास कराने के लिए उनसे मोटी रकम वसूली गई। एक अभ्यर्थी धर्मेंद्र कुमार ने 3.75 लाख रुपये ऑनलाइन और 1.25 लाख रुपये नकद, जबकि दूसरे अभ्यर्थी विपिन कुमार वर्मा ने पांच लाख रुपये नकद व इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के नाम पर 25 हजार रुपये दिए थे। आरोपियों के कब्जे से 11 मोबाइल फोन, चार इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, दो प्रिंटर, दो प्रवेश पत्र, दो प्रश्नपत्र और दो ओएमआर शीट बरामद हुई हैं।
प्रश्न हल के लिए दिए जाते थे 20 हजार रुपये
परीक्षा शुरू होने के बाद प्रश्नपत्र गुप्त तरीके से प्रयागराज पहुंचाया जाता था, जहां पहले से मौजूद सॉल्वर उसे हल करते थे। इसके बाद माइक्रो ईयर डिवाइस के जरिये वाराणसी के परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा दे रहे अभ्यर्थियों को सही उत्तर बताए जाते थे। सॉल्वरों को प्रश्न हल कराने के लिए 20-20 हजार रुपये दिए जाते थे। गिरोह परीक्षा केंद्रों के बाहर भी अपने लोगों को तैनात करता था, जो गतिविधियों पर नजर रखते थे।
इनकी हुई गिरफ्तारी
बहरिया के रामगढ़ कोठारी निवासी कप्तान सिंह पटेल, ओम प्रकाश पटेल, सराय ममरेज के सोनबरसा निवासी राकेश कुमार पटेल, उतरांव बल्लीपुर यासीनपुर निवासी धर्मेंद्र कुमार सिंह, फूलपुर निवासी लालता प्रसाद उर्फ गुड्डू, सोरांव, ग्राम डिहा मौरव निवासी अनुज कुमार पाल, उतरांव ग्राम मैथईपुर निवासी शिव प्रकाश पटेल, प्रतापगढ़ के थाना जेठवारा, ग्राम नंदा का पुरवा निवासी मनोज कुमार थाना पट्टी, ग्राम रायपुर निवासी विपिन कुमार वर्मा, पट्टी के ग्राम रमईपुर नेवादा निवासी धर्मेंद्र कुमार, लालगंज, ग्राम मुडियन का पुरा निवासी चंदर पट्टी, ग्राम बेसार सलाहपुर निवासी दीपक पटेल और प्रतापगढ़ के थाना पट्टी, ग्राम श्रीनाथपुर निवासी रविकांत वर्मा उर्फ अखिलेश शामिल हैं।