High Court : घर में घुसकर मारपीट करने की आरोपी की अर्जी हाईकोर्ट ने की खारिज
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने घर में घुसकर मारपीट करने, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने आदि के आरोप में दर्ज मुकदमे की कार्यवाही का रद्द करने से इन्कार कर दिया है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने घर में घुसकर मारपीट करने, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने आदि के आरोप में दर्ज मुकदमे की कार्यवाही का रद्द करने से इन्कार कर दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति नंदप्रभा शुक्ला की एकलपीठ ने रामाकांत समेत पांच आरोपियों की याचिका को खारिज कर दिया। देवरिया के भटनी थाना क्षेत्र से याचियों के खिलाफ विभिन्न आरोप में एफआईआर दर्ज है। ट्रायल कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ संज्ञान/समन आदेश जारी किया है। इस फैसले को याचियों ने हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए समन आदेश सहित पूरी कार्यवाही को रद्द करने की गुहार लगाई है।
न्यायमूर्ति नंद प्रभा शुक्ला की एकल पीठ ने कहा कि उपलब्ध अभिलेखों और तथ्यों के आधार पर इस स्तर पर यह नहीं कहा जा सकता कि आरोपियों के खिलाफ कोई अपराध नहीं बनता। हालांकि, हाईकोर्ट ने आरोपियों को राहत देते हुए निर्देश दिया कि यदि वे 45 दिनों के भीतर ट्रायल कोर्ट में उपस्थित होकर जमानत अर्जी दाखिल करते हैं, तो उस पर शीघ्र सुनवाई कर निर्णय लिया जाए।
अदालत ने यह भी कहा कि यदि आरोपी निर्धारित अवधि में डिस्चार्ज अर्जी दाखिल करते हैं तो ट्रायल कोर्ट उसे कानून के अनुसार कारणयुक्त आदेश के साथ तय करेगा। इसके अतिरिक्त, अदालत ने आदेश दिया कि 45 दिनों की अवधि अथवा डिस्चार्ज अर्जी के निस्तारण तक, जो भी पहले हो, आरोपियों के विरुद्ध कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी।