Research : एलपीजी का मजबूत विकल्प होगी हाइड्रोजन, बिजली उत्पादन के भी करीब पहुंचे वैज्ञानिक
Domestic Gas : एलपीजी व पेट्रोल-डीजल के संकट और ग्लोबल वॉर्मिंग से जूझ रही दुनिया वैकल्पिक ऊर्जा के स्रोत तलाशने में जुटी है। इस दिशा में देश के वैज्ञानिकों ने बड़ी सफलता हासिल की है। वह दिन दूर नहीं जब हाइड्रोजन एलपीजी व पेट्रोल-डीजल के मजबूत विकल्प के साथ बिजली उत्पादन का बड़ा जरिया होगी।
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एलपीजी व पेट्रोल-डीजल के संकट और ग्लोबल वॉर्मिंग से जूझ रही दुनिया वैकल्पिक ऊर्जा के स्रोत तलाशने में जुटी है। इस दिशा में देश के वैज्ञानिकों ने बड़ी सफलता हासिल की है। वह दिन दूर नहीं जब हाइड्रोजन एलपीजी व पेट्रोल-डीजल के मजबूत विकल्प के साथ बिजली उत्पादन का बड़ा जरिया होगी।
दुनिया के शीर्ष दो फीसदी वैज्ञानिकों में शुमार इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के भौतिक विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर रहे और अब दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रोफेसर डॉ. टीपी यादव व उनकी टीम ने मल्टी कंपोनेंट सिस्टम के जरिये एक ऐसा उत्प्रेरक तैयार किया है जिसकी मदद से 100 डिग्री सेंटीग्रेड पर हाइड्रोजन का संभरण किया जा सकता है।
इस शोध को पेटेंट कराने के लिए मई में एक प्रस्ताव भारतीय पेटेंट कार्यालय को भेजा जाएगा और इसके साथ ही अगले चरण के तहत कमरे के तापमान यानी 30 से 35 डिग्री पर हाइड्रोजन संभरण के लिए शोध को आगे बढ़ाया जाएगा। हाइड्रोजन ग्रीन एनर्जी के मजबूत विकल्पों में से एक है और इसे जलाने से पानी बनता है। ऐसे में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह शोध क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकता है।
कमरे के तापमान में संभरण से उपयोग सुरक्षित
वैज्ञानिक अब कमरे के तापमान में हाइड्रोजन के संभरण के लिए अगले चरण का शोध करेंगे। अधिक तापमान में संभरण पर विस्फोट का खतरा होता है। कमरे के तापमान में संभरण से हाइड्रोजन का उपयोग सुरक्षित होगा और इससे भोजन भी पकाया जा सकेगा। साथ ही वाहनों के ईंधन के रूप में इसका इस्तेमाल होगा और इससे बिजली का उत्पादन किया जा सकेगा। प्रो. टीपी यादव ने बताया कि सामान्य तौर पर 400 डिग्री तक के तापमान पर हाइड्रोजन का संभरण किया जाता है लेकिन अब मल्टी कंपोनेंट के इस्तेमाल से तैयार किए गए उत्प्रेरक से 100 डिग्री तक के तापमान पर संभरण संभव हो सका है।
नैनो पार्टिकल से कई गुना बढ़ी संभरण की क्षमता
शोध के दौरान कुछ ऐसे मैग्नीशियम आधारित हाइड्रोजन एनर्जी सिस्टम मिले जो बहुत ज्यादा हाइड्रोजन को स्टोर कर सकते हैं। हाई एंट्रॉपी एलॉय मल्टी कंपोनेंट में शामिल आयरन, कोबाल्ट, निकिल, कॉपर व क्रोमियम के नैनो पार्टिकल के इस्तेमाल से एक ऐसा उत्प्रेरक तैयार किया गया जो क्षमता से कई गुना अधिक हाइड्रोजन का संभरण कम तापमान पर कर सकता है।
काशीपुर में अपने शोध को साझा करेंगे प्रो. टीपी यादव
विश्व पृथ्वी दिवस पर प्रो. टीपी यादव को राधे हरि गवर्नमेंट पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज काशीपुर (उधमसिंह नगर) में व्याख्यान के लिए आमंत्रित किया गया है। प्रो. यादव बुधवार को वहां रिसर्च एंड डेवलपमेंट इन हाइड्रोजन एनर्जी : करेंट अप्लीकेशन पर व्याख्यान देंगे और अपने नवीनतम शोध को साझा करेंगे।

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