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Prayagraj : कटान रोकने के लिए चल रहे कार्य के दौरान मजदूर 50 फीट नीचे गंगा में गिरा, छह घंटे बाद मिला शव
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 22 Apr 2026 01:14 PM IST
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सार
डेंगुरपुर गंगा घाट पर बाढ़ कटान रोकने के लिए एक माह से चल रहे निर्माण कार्य के दौरान बुधवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। डेंगुरपुर गंगा घाट पहुंचने के महज 15 मिनट बाद ही लखीमपुर खीरी निवासी एक मजदूर 50 फीट नीचे खाई में गिरकर गंगा में समा गया। काफी मशक्कत के बाद छह घंटे के बाद शव बरामद किया गया।
घटना के बाद जुटी भीड़।
- फोटो : संवाद।
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विस्तार
डेंगुरपुर गंगा घाट पर बाढ़ कटान रोकने के लिए एक माह से चल रहे निर्माण कार्य के दौरान बुधवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। डेंगुरपुर गंगा घाट पहुंचने के महज 15 मिनट बाद ही लखीमपुर खीरी निवासी एक मजदूर 50 फीट नीचे खाई में गिरकर गंगा में समा गया। घटना के बाद कार्यस्थल पर अफरातफरी मच गई और साथी मजदूर बेबस देखते रह गए। लापता मजदूर की खोजबीन की जाती रही। करीब छह घंटे के बाद शव को बरामद किया जा सका।
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बाढ़ प्रखंड की ओर से अधिकृत ठेकेदार भवंर इंटरप्राइजेज की ओर से जियो टेक्सटाइल ट्यूब कटर और पत्थर पिचिंग का कार्य पिछले एक माह से कराया जा रहा है। बुधवार सुबह करीब सात बजे लखीमपुर खीरी जिले के थाना धरहरा क्षेत्र के पहाड़ियापुर गांव समेत आसपास के गांवों से 12 मजदूर काम पर पहुंचे थे। इनमें अवधराम (35) पुत्र तेजी भी शामिल थे।
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काम शुरू होते ही अवधराम घाट की ओर बढ़े। घाट पर पहले से बनी करीब 50 फीट गहरी खाई के पास पहुंचते ही उनका संतुलन बिगड़ गया और वह फिसलकर मिट्टी और चट्टानों से टकराते हुए सीधे गंगा में जा गिरे। कुछ ही क्षण में वह गंगा की लहरों में समा गए। शोर सुनकर आसपास के मछुआरे नाव लेकर मौके पर पहुंचे और काफी देर तक तलाश की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। साथी मजदूरों का आरोप है कि एक माह से काम चलने के बावजूद खाई के पास न तो बैरिकेडिंग की गई और न ही किसी तरह के सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। इससे हादसे की आशंका पहले से बनी हुई थी।
मजदूरों ने बताया कि वे लोग मंगलवार दोपहर लखीमपुर खीरी से निकले थे और बुधवार सुबह साइट पर पहुंचे थे। काम शुरू होने के कुछ ही मिनट बाद हादसा हो गया। घटना के करीब चार घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची। दरोगा चंद्रपाल सिंह टीम के साथ पहुंचे और स्थानीय मछुआरों को लगाकर गंगा में डूबे मजदूर की तलाश शुरू कराई। छह घंटे के बाद उसकी लाश पाई गई।

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