Prayagraj : कोडीनयुक्त कफ सिरप प्रकरण का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, वाराणसी-कानपुर तक फैला था नेटवर्क
कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध खरीद-फरोख्त के मामले में शाहगंज निवासी मुख्य आरोपी मोहम्मद सैफ को पुलिस ने बुधवार को एयरपोर्ट थाना क्षेत्र स्थित देवघर तिराहे के पास से गिरफ्तार किया है।
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प्रयागराज में मेसर्स एमके हेल्थकेयर और वाराणसी में पीडी फार्मा जैसी फर्जी फर्मों के नाम पर कोडीनयुक्त कफ सिरप की सप्लाई की जाती थी। सैफ का भाई फैजुर रहमान वाराणसी में इसी तरह की अवैध गतिविधियों में संलिप्त था। उसे 23 जनवरी को वाराणसी पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इसके अलावा कानपुर में भी नेटवर्क फैला था।
बुधवार को एयरपोर्ट थाना पुलिस ने आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। एयरपोर्ट थाना प्रभारी विनय कुमार सिंह ने बताया कि विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपी सैफ के भाई फैजुर रहमान का नाम भी इस मामले में जोड़ा गया है।
30 नवंबर 2025 को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि निरीक्षक संंतोष कुमार पटेल ने पुलिस को बताया था कि धूमनगंज के लखनपुर स्थित फर्म मेसर्स एमके हेल्थकेयर से कोडीनयुक्त कफ सिरप की 100 एमएल की 89,600 बोतलों की खरीद फरोख्त की जानकारी मिली है। सत्यापन के लिए फर्म के निरीक्षण पर गए तो वह बंद मिली।
फर्म के प्रोपराइटर मोहम्मद सैफ ने बताया कि वह दिल्ली में है और अगले दो दिन में आकर फर्म के निरीक्षण की कार्रवाई पूरी कराएगा। इसके अगले दिन सैफ के भाई फैजुर रहमान ने कफ सिरप की खरीद-फरोख्त के दस्तावेज दिखाए, जिससे पता चला कि उक्त फर्म ने वाराणसी में कफ सिरप की 89,600 बोतलें बेची हैं।
20 नवंबर को निरस्त किया गया लाइसेंस
एफआईआर के मुताबकि, प्रयागराज मंडल औषधि सहायक आयुक्त संजय ने उक्त फर्म को 17 अक्तूबर 2025 को कारण बताओ नोटिस जारी किया। फर्म की ओर से कोई जवाब न मिलने पर 20 नवंबर को इसका लाइसेंस निरस्त कर दिया गया। वहीं, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि आयुक्त कार्यालय से मिली एक्सेल शीट के आधार पर जब प्रदेश भर के रिकॉर्ड खंगाले गए तो पता चला कि उक्त कंपनी की ओर से फेनसेडिल डीएक्स सिरप की 9,67,724 बोतलें विभिन्न तारीखों पर खरीदी गई थीं। ये सभी कोडीनयुक्त नॉरकोटिक कैटेगरी की औषधियां हैं, जिनका बिना चिकित्सकीय सलाह के उपयोग गैरकानूनी है।
