Railway : संगमनगरी से बद्री विशाल तक का सफर होगा आसान, 2028 तक प्रयागराज से सीधे कर्ण प्रयाग तक पहुंचेगी ट्रेन
NCR Railway News : संगम नगरी से बद्री विशाल तक का सफर आसान होगा। दिसंबर 2028 तक प्रयागराज से कर्णप्रयाग के बीच सीधी ट्रेन सेवा शुरू होगी। इससे चारधाम यात्रा न केवल सुगम होगी बल्कि यात्रियों के समय में भी बचत होगी।
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संगम नगरी से बद्री विशाल तक का सफर आसान होगा। दिसंबर 2028 तक प्रयागराज से कर्णप्रयाग के बीच सीधी ट्रेन सेवा शुरू होगी। इससे चारधाम यात्रा न केवल सुगम होगी बल्कि यात्रियों के समय में भी बचत होगी। ऋषिकेश से कर्णप्रयाग के बीच रेल लाइन बिछाई जा रही है। 125.20 किमी लंबे इस रेलमार्ग के निर्माण के बाद श्रद्धालु एवं पर्यटक ट्रेन से सीधे कर्णप्रयाग पहुंच सकेंगे। प्रयागराज से वर्तमान में योगनगरी ऋषिकेश के लिए सीधी ट्रेन है।
बताया जा रहा है कि इस रेलमार्ग के निर्माण के बाद प्रयागराज संगम-योगनगरी ऋषिकेश एक्सप्रेस का विस्तार कर्णप्रयाग तक करने की तैयारी है। कर्णप्रयाग तक ट्रेन शुरू होने के बाद वहां चार धाम यात्रा में लगने वाला समय तकरीबन आधा हो जाएगा। सड़क मार्ग से ऋषिकेश से कर्णप्रयाग पहुंचने में छह घंटे लगते हैं, वहीं ट्रेन से यह दूरी दो से तीन घंटे में तय हो जाएगी।
रेलमार्ग निर्माण में एनसीआर की भी भूमिका
इस रेलमार्ग के निर्माण कार्य में उत्तर मध्य रेलवे की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। महाकुंभ-2025 के दौरान रिकाॅर्ड स्पेशल ट्रेनों की आवाजाही करवाने वाले डीआरएम एवं एनसीआर के वरिष्ठ उपमहाप्रबंधक रहे हिमांशु बडौनी को प्रतिनियुक्ति पर पिछले दिनों ही रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) का मुख्य परियोजना प्रबंधक बनाकर भेजा गया है। वहां उन्होंने पदभार संभाल लिया है।
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का निर्माण आरवीएनएल कर रही है। इस रेलमार्ग पर 16 सुरंग बनाई जा रही है। देश की सबसे बड़ी सुरंग जिसकी लंबाई 14.58 किमी है, वह भी इसी रेलमार्ग में रहेगी। मौजूदा समय सबसे लंबी सुरंग पीर पंजाल रेलवे सुरंग है जो जम्मू और कश्मीर में है। इस रेलमार्ग पर सबसे ऊंचे पुल की ऊंचाई 46.99 मीटर है। सबसे बड़ा पुल श्रीनगर के पास 489 मीटर लंबा रहेगा। इसके अलावा छह रोड ब्रिज, दो रेल ओवर ब्रिज, तीन रेल अंडर ब्रिज के साथ 12 रेलवे स्टेशन भी रहेंगे। कर्णप्रयाग को टर्मिनल स्टेशन के रूप में विकसित किया जा जाएगा। यहां रेल लाइनों की संख्या 25 रहेगी। इस रेलमार्ग पर अधिकतम 100 की स्पीड से यात्री ट्रेन एवं 65 किमी की रफ्तार से मालगाड़ी का संचालन होगा।
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलमार्ग का कार्य तेजी से चल रहा है। यह महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के निर्धारित समय से पहले पूरा होने की उम्मीद है। - हिमांशु शेखर उपाध्याय, सीपीआरओ, उत्तर रेलवे
कोहरे ने लगाया ब्रेक, 14 घंटे में सूबेदारगंज पहुंची प्रयागराज एक्सप्रेस
उत्तर भारत में घने कोहरे और खराब दृश्यता ने रेल यातायात की रफ्तार पर पहरा लगा दिया है। बुधवार को नई दिल्ली से प्रयागराज आने वाले यात्रियों के लिए सफर किसी दुस्वप्न से कम नहीं रहा। आठ से नौ घंटे में तय होने वाली यह दूरी तमाम ट्रेनों ने 14 से 16 घंटे में पूरी की। नाराज यात्रियों ने रेलवे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रेल मंत्री और डीआरएम को भी शिकायत की।
सुबह 6.55 की जगह प्रयागराज एक्सप्रेस सूबेदारगंज स्टेशन पर इसका आगमन दोपहर 1:30 बजे हुआ। आनंद विहार टर्मिनल से प्रयागराज जंक्शन आने वाली हमसफर एक्सप्रेस भी तकरीबन सात घंटे की देरी से दोपहर 1:15 बजे पहुंच सकी। रीवा एक्सप्रेस का आगमन सुबह 6:10 की जगह 12:50 बजे तो पुरुषोत्तम एक्सप्रेस सुबह 6:55 की जगह 1:18 बजे प्रयागराज जंक्शन पहुंची।
नई दिल्ली से आने वाली स्वतंत्रता सेनानी 6.50 घंटे, ब्रह्मपुत्र मेल 6.45 घंटे, लालगढ़-प्रयागराज सुपरफास्ट 2.40 घंटे, देहरादून-सूबेदारगंज 4.40 घंटे तक लेट रही। राजधानी और वंदे भारत भी समय से नहीं पहुंची। वंदे भारत दो घंटे तो हावड़ा राजधानी आठ घंटे की देरी से जंक्शन पहुंच सकी।
