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High Court : फर्जी धर्म परिवर्तन प्रमाणपत्र के आधार पर की गई शादी अमान्य, 25 हजार का जुर्माना भी लगाया
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 24 Sep 2025 05:32 PM IST
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सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फर्जी धर्म परिवर्तन प्रमाणपत्र के आधार पर सुरक्षा की मांग में आए बालिग जोड़े की शादी को अमान्य घोषित करते हुए उन पर 25 हजार रुपये हर्जाना लगाया है।
अदालत(सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फर्जी धर्म परिवर्तन प्रमाणपत्र के आधार पर सुरक्षा की मांग में आए बालिग जोड़े की शादी को अमान्य घोषित करते हुए उन पर 25 हजार रुपये हर्जाना लगाया है। साथ ही दोनों को विशेष विवाह कानून के अंतर्गत प्रयागराज में बिना धर्म परिवर्तन किए शादी पंजीकृत कराने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्रीवास्तव ने मोहम्मद बिन कासिम उर्फ अकबर व अन्य की याचिका पर दिया है।
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गाजीपुर निवासी मोहम्मद बिन कासिम उर्फ अकबर मुस्लिम और एक युवती ने सुरक्षा के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। याचियों का कहना था कि दोनों विपरीत धर्म के हैं। अपनी मर्जी से मुस्लिम धर्म स्वीकार किया है। धर्म परिवर्तन प्रमाण-पत्र के आधार पर निकाह किया है। सरकारी वकील ने बताया कि धर्म परिवर्तन का प्रमाण पत्र फर्जी है।
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इस पर कोर्ट ने फर्जी प्रमाण पत्र लगाने पर 25 हजार रुपये हर्जाना लगाया है। साथ ही कोर्ट ने कहा कि धर्म परिवर्तन फर्जी तो शादी भी अवैध है। क्योंकि, मुस्लिम कानून के तहत इस्लाम को मानने वालों के बीच ही निकाह का करार हो सकता है। हालांकि, संविधान दो बालिगों को अपनी मर्जी से शादी करने का अधिकार देता है। इसलिए दोनों विशेष विवाह कानून के तहत बिना धर्म बदले शादी का पंजीकरण करा सकते हैं।