Prayagraj : एमबीबीएस छात्रा ही नहीं 25 और मौतों का राज भी फॉरेंसिक लैब की शीशियों में कैद, नहीं आई रिपोर्ट
झलवा की एमबीबीएस छात्रा सृष्टि मिश्रा की मौत का राज जानने के लिए उसका विसरा जांच के लिए भेजा गया है लेकिन वह अकेली नहीं है जिसकी मौत का सच रिपोर्ट के इंतजार में अटका हो, ऐसी कई मौतें हैं जिनका राज फॉरेंसिक लैब की शीशियों में कैद है।
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झलवा की एमबीबीएस छात्रा सृष्टि मिश्रा की मौत का राज जानने के लिए उसका विसरा जांच के लिए भेजा गया है लेकिन वह अकेली नहीं है जिसकी मौत का सच रिपोर्ट के इंतजार में अटका हो, ऐसी कई मौतें हैं जिनका राज फॉरेंसिक लैब की शीशियों में कैद है। पुलिस अफसरों ने बताया कि जिले में पिछले डेढ़ साल में 45 लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है।
इसमें अमिताभ बच्चन स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स के हॉस्टल में रहने वाले वॉलीबॉल खिलाड़ी प्रत्यूष राय, एसआरएन के रेजिडेंट डॉक्टर आदित्य की मौत भी शामिल है। कई मामलों में मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने पर विसरा सुरक्षित कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया। इनमें से 25 मामलों की रिपोर्ट नहीं आई है। रिपोर्ट आने पर मौत के कारण का पता चलेगा। वॉलीबॉल खिलाड़ी की मौत की वजह जानने के लिए डीसीपी मनीष कुमार शांडिल्य ने कई बार फॉरेंसिक टीम को रिमांइडर भेजा लेकिन रिपोर्ट नहीं आई।
क्यों सुरक्षित किया जाता है विसरा?
विसरा (शरीर के अंदरूनी अंगों के नमूने) को तब सुरक्षित किया जाता है, जब पोस्टमार्टम के दौरान मौत का कारण साफ नहीं हो पाता या किसी संदिग्ध परिस्थिति की आशंका होती है। डॉक्टर पेट, लीवर, किडनी, आंतों आदि के नमूने फॉरेंसिक लैब भेजते हैं। जहां वैज्ञानिक जांच से मौत की वजह जानने की कोशिश करते हैं। पता करते हैं कि मृतक के शरीर में किसी जहरीले पदार्थ की मौजूदगी थी या नहीं।
केस-एक: वालीबॉल खिलाड़ी प्रत्यूष की मौत
फरवरी 2026 में कर्नलगंज स्थित अमिताभ बच्चन स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स के हॉस्टल में वॉलीबॉल खिलाड़ी प्रत्यूष राय संदिग्ध परिस्थितियों में हॉस्टल के कमरे में मृत मिले थे। पोस्टमार्टम के दौरान जहर की आशंका होने पर विसरा जांच के लिए भेजा गया। पुलिस को अब भी अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है।
केस-दो: रेजिडेंट डॉक्टर की मौत का नहीं खुला राज
अप्रैल 2026 में स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर आदित्य की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। डॉक्टरों ने विसरा सुरक्षित किया लेकिन आज तक अंतिम निष्कर्ष के लिए फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है।
केस-तीन: छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
फरवरी 2026 में टैगोर टाउन में 12वीं के छात्र आशुतोष प्रताप गिरि का शव कमरे में फंदे से लटका मिला था। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई थी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। मौत की वजह सामने न आने पर विसरा को फॉरेंसिक लैब भेजा था।