Prayagraj : आजाद पार्क में मनाया गया राष्ट्रीय पशु अधिकार दिवस, युवाओं ने उठाई क्रूरता-मुक्त जीवनशैली की मांग
प्रयागराज के ऐतिहासिक चंद्रशेखर आजाद पार्क में राष्ट्रीय पशु अधिकार दिवस के अवसर पर युवाओं, छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पशु क्रूरता के खिलाफ आवाज बुलंद की।
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प्रयागराज के ऐतिहासिक चंद्रशेखर आजाद पार्क में राष्ट्रीय पशु अधिकार दिवस के अवसर पर युवाओं, छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पशु क्रूरता के खिलाफ आवाज बुलंद की। कार्यक्रम में पशु अधिकारों की रक्षा, पर्यावरण संरक्षण और वीगन जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया गया।
प्रयागराज। संगम नगरी के चंद्रशेखर आजाद पार्क में रविवार को राष्ट्रीय पशु अधिकार दिवस (एनएआरडी) मनाया गया। ‘प्रयागराज वीगन क्रांति’ के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में युवाओं, छात्रों और जागरूक नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आयोजन ‘आवर प्लैनेट, देयर्स टू’ अभियान के तहत किया गया, जो दुनिया के 60 से अधिक देशों में एक साथ संचालित होने वाला वैश्विक आंदोलन है।
कार्यक्रम की शुरुआत फैक्ट्रियों, प्रयोगशालाओं और अन्य उद्योगों में मारे जाने वाले पशुओं की स्मृति में मोमबत्ती जलाकर तथा दो मिनट का मौन रखकर की गई। इसके बाद उपस्थित लोगों ने पशु अधिकारों की घोषणा का सामूहिक पाठ किया और सभी जीवों के प्रति करुणा एवं सह-अस्तित्व बनाए रखने की शपथ ली।
वक्ताओं ने कहा कि पशु क्रूरता न केवल नैतिक बल्कि पर्यावरणीय संकट का भी बड़ा कारण है। उन्होंने बताया कि पशुपालन और मांस-डेयरी उद्योग वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। कार्यक्रम में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 में संशोधन कर कड़े दंडात्मक प्रावधान लागू करने की मांग भी उठाई गई।
जागरूकता सत्र के दौरान पशु अधिकारों से जुड़ी कहानियां, कविताएं और तथ्य प्रस्तुत किए गए। वक्ताओं ने लोगों से अपने दैनिक जीवन और खानपान को अधिक संवेदनशील एवं क्रूरता-मुक्त बनाने की अपील की। कई प्रतिभागियों ने पशु अधिकारों के वैश्विक घोषणा-पत्र पर हस्ताक्षर कर समर्थन व्यक्त किया।
कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों ने हाथों में संदेश लिखी तख्तियां लेकर संक्षिप्त जागरूकता मार्च निकाला और आम लोगों को पंपलेट वितरित किए। आयोजकों ने कहा कि प्रयागराज केवल आस्था की ही नहीं, बल्कि करुणा की भी धरती है और समाज को बेजुबान पशुओं के अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए।