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Mahakumbh : महाकुंभ में युद्धरत रूस-यूक्रेन के संन्यासियों के लिए शांति गलियारा, आमने-सामने बनाए जा रहे कॉटेज

अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 30 Dec 2024 01:48 PM IST
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सार

रूस और युक्रेन के सैनिक जहां लंबे समय से युद्ध कर रहे हैं और एक दूसरे देश को विनाश करने के लिए हमले और धमाके कर रहे हैं वहीं महाकुंभ में संगम की रेती पर दोनों देशों के संत आमने सामने बैठकर हवन, यज्ञ और अनुष्ठान करके शांति की कामना करेंगे। जूना अखाड़े के शिविर में दोनों देशों के संतों के लिए शानदार कॉटेज और कॉरिडोर का निर्माण कराया जा रहा है। 

Peace corridor for the monks of warring Russia-Ukraine in Mahakumbh
महाकुंभ के सेक्टर 18 में बन रहा यूक्रेन गलियारा। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार

तीन साल से जारी विनाशकारी युद्ध को खत्म कराने की कोशिशें भले ही अब तक नाकाम रही हों, लेकिन संगम की रेती पर महाकुंभ में रूस-यूक्रेन के विदेशी संत एक ही शिविर में आमने-सामने शांति के लिए जप-तप-ध्यान करेंगे। इसके लिए लकड़ी और कांच से युक्त रूस-यूक्रेन आध्यात्मिक गलियारा तैयार किया जा रहा है। इसमें दोनों दुश्मन देशों के संन्यासी एक ही हवन कुंड पर विश्व शांति के लिए आहुति देंगे। इस शिवशक्ति महायज्ञ में एक हजार से अधिक विदेशी संत शामिल होंगे।

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एक-दूसरे की विपरीत विचारधाराओं, भिन्न-भिन्न संस्कृतियों, मत-मतांतरों के मिलन तट के रूप में वेद-पुराणों में विख्यात गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का त्रिवेणी तट इस बार दुनिया के दो जानी दुश्मन देशों के मिलन का साक्षी बनने जा रहा है। एक-दूसरे को मटियामेट करने पर तुले दोनों विरोधी देशों के संत एक ही शिविर में एक ही छत के नीचे ध्यान-पूजा करेंगे। विरोधी देशों के संतों के अद्भुत मिलन का यह दृश्य दुनिया इस बार संगम तट पर देख सकेगी।

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Peace corridor for the monks of warring Russia-Ukraine in Mahakumbh
रूस और यूक्रेन के संतों के लिए तैयार किया जा रहा वुडेन कॉरिडोर और कॉटेज। - फोटो : अमर उजाला।

हाल में ही ब्रह्मलीन हुए श्रीपंच दशनाम जूना अखाड़े के महायोगी महामंडलेश्वर स्वामी सोमनाथ गिरी उर्फ पायलट बाबा के शिविर में रूस और यूक्रेन के संतों के शाही वुडेन कॉटेज आमने-सामने लग रहे हैं। संगम लोवर पर सेक्टर-18 में पश्चिमी देशों के बीच हथियारों की होड़ और युद्ध पर अरबों रुपये डॉलर के धन प्रवाह के बीच विश्व के सबसे बड़े सांस्कृतिक समागम में रूस-यूक्रेन दोनों देशों के साधु-संन्यासियों के लिए एक ही हवन कुंड भी बनाया जा रहा है।

जापान की योगमाता के आचार्यत्व में करेंगे शांति का जतन

वहां जापान की योगमाता महामंडलेश्वर केको आईकावा उर्फ स्वामी कैला माता के आचार्यत्व में रूस-यूक्रेन के संन्यासी विश्व शांति के लिए जतन करेंगे। इसके लिए हवन कुंड और सत्संग भवन के पास ही दो मंजिला लकड़ी और शीशे से रूस-यूक्रेन गलियारा बनाया जा रहा है।

इसमें आधुनिक सुविधाओं से युक्त कुल डीलक्स कॉटेज लगाए जा रहे हैं। इसमें विश्व शांति के लिए महायज्ञ 25 से 30 जनवरी तक चलेगा। इसमें जापानी, अमेरिकन, कनाडाई संतों के साथ ही स्विट्जरलैंड, ऑस्ट्रेलिया और नेपाल के भी साधुओं के लिए शाही संत निवास बनाए जा रहे हैं। इन संत निवासों में सत्संग हाल के साथ ही लग्जरी बेड और शाही सुविधाएं मिलेंगी।

महाकुंभ में आने वाले रूस-यूक्रेन के 50 से अधिक संत श्री पंचदशनाम जूना अखाड़े से ही संन्यास दीक्षा लिए हुए हैं। इन संन्यासियों के लिए दो मंजिला सुविधाओं से युक्त वुडेन कॉटेज बनाया जा रहा है। इसमें एक ही गलियारे में आमने-सामने दोनों देशों के संतों का कॉटेज बन रहे हैं। - महातपस्वी खप्पर बाबा, श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा

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