Prayagraj News : करछना में एसडीएम कोर्ट चलने पर भड़के अधिवक्ता, हंगामे से ठप हुआ कामकाज
करछना तहसील में एसडीएम और तहसीलदार न्यायालय के बहिष्कार को लेकर अधिवक्ताओं और प्रशासन के बीच टकराव का असर फरियादियों पर भी पड़ रहा है।
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करछना तहसील में एसडीएम और तहसीलदार न्यायालय के बहिष्कार को लेकर अधिवक्ताओं और प्रशासन के बीच टकराव का असर फरियादियों पर भी पड़ रहा है। सोमवार को एसडीएम के न्यायालय में बैठकर मुकदमों की सुनवाई शुरू करते ही अधिवक्ता नाराज हो गए और बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय पाण्डेय ,महामंत्री शिवेंद्र सिंह के साथ पूर्व अध्यक्ष चिंतामणि शुक्ला और पूर्व महामंत्री हंसराज सिंह के साथ सैकड़ो की संख्या में अधिवक्ताओ ने न्यायालय के बाहर हंगामा शुरू कर दिया।
बताया जा रहा है कि बीते एक महीने से तहसील के अधिवक्ता एसडीएम और तहसीलदार न्यायालय का बहिष्कार किए हुए हैं। सोमवार को जैसे ही एसडीएम भारती मीणा न्यायालय में बैठकर मामलों की सुनवाई करने लगीं, इसकी जानकारी मिलने पर अधिवक्ता बड़ी संख्या में वहां पहुंच गए। उन्होंने न्यायालय के सामने नारेबाजी करते हुए कामकाज बंद करा दिया और चेतावनी दी की जब तक समस्याओं का निराकरण नहीं किया जाता तब तक न्यायालय नहीं चलने देंगे।
एसडीएम भारती मीणा ने बताया कि अधिवक्ताओं की ओर से अब तक उनकी मांगों के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। इस संबंध में अधिवक्ताओं से वार्ता भी की जा चुकी है, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकल सका है। वही तहसीलदार बृजेश कुमार के द्वारा आए दिन अधिवक्ताओं के साथ अमर्यादित व्यवहार करने को लेकर भी अधिवक्ताओं में गहरी नाराजगी है जिसको लेकर जिलाधिकारी से भी शिकायत की गई थी और उनसे वार्ता भी हुई थी उन्होंने समस्याओं के निराकरण का भरोसा भी दिलाया था लेकिन अभी तक कोई निराकरण नहीं निकल सका। अधिकारियों के मनमाने रवैए के चलते न्यायालय का कामकाज प्रभावित होने से फरियादियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दूर-दराज से आने वाले लोगों को समय पर न्याय नहीं मिल पा रहा है। लगातार कामकाज बाधित रहने से मुकदमों की संख्या भी बढ़ती जा रही है, जिससे मामलों के निस्तारण में देरी होने की आशंका है।
