Prayagraj News : अनुबंध राशि बताने को तैयार नहीं टोल प्लाजा, करोड़ों की स्टाम्प चोरी
अनुबंध राशि छिपाकर प्रयागराज मंडल के टोल प्लाजा करोड़ों रुपये डकार गए। निबंधन विभाग ने जानकारी मांगी तो टोल प्लाजा से कोई जवाब नहीं आया और जब टोल प्लाजा संचालक की तलाश शुरू की गई तो कोई सामने नहीं आया।
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अनुबंध राशि छिपाकर प्रयागराज मंडल के टोल प्लाजा करोड़ों रुपये डकार गए। निबंधन विभाग ने जानकारी मांगी तो टोल प्लाजा से कोई जवाब नहीं आया और जब टोल प्लाजा संचालक की तलाश शुरू की गई तो कोई सामने नहीं आया। स्टाम्प चोरी के इन मामलों में निबंधन विभाग की ओर से चार टोल प्लाजा के खिलाफ डीएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है। वहीं, अन्य टोल प्लाजा अनुबंध राशि की जानकारी देने को तैयार नहीं हैं। बुधवार को ही कौशाम्बी स्थित टोल प्लाजा की ओर से डीआई स्टाम्प को जवाब भेजा गया कि यहां अनुबंध राशि के बारे में जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसके लिए दिल्ली स्थित एजेंसी के मुख्यालय से संपर्क करें।
डीआईजी स्टाम्प की ओर से अब तक प्रयागराज मंडल के एक दर्जन टोल प्लाजा को नोटिस देकर अनुबंध राशि के बारे में जानकारी मांगी जा चुकी है। टोल प्लाजा की ओर से जवाब न मिलने पर जब संचालकों को पत्र जारी कर इस बारे में जानकारी मांगी गई तो भी कोई जवाब नहीं आया। यहां तक कि जनसूचना अधिकार के तहत भी टोल प्लाजा की ओर से अनुबंध राशि के बारे में जानकारी नहीं दी गई।
नियम है कि ग्रामीण क्षेत्र में टोल प्लाजा की अनुबंध राशि का दो फीसदी और अर्धनगरीय क्षेत्र में अनुबंध राशि का चार फीसदी स्टाम्प शुल्क देना होता है। निबंधन विभाग ने फतेहपुर में तीन व कुंडा में एक टोल प्लाजा की अनुबंध राशि के बारे में जब अपने स्तर से दस्तावेजों की पड़ताल कराके जानकारी जुटाई तो पता चला कि वहां अब तक करोड़ों रुपये के स्टाम्प शुल्क की चोरी हुई है।
फतेहपुर के तीन टोल प्लाजा बडौरी बिंदकी, कटोघर खागा व जिंदपुर सदर पर पांच करोड़ 68 लाख 45 हजार 640 रुपये के स्टाम्प शुल्क की कमी निकाली गई, जबकि कुंडा प्रतापगढ़ टोल प्लाजा पर 87 लाख आठ हजार 40 रुपये के स्टाम्प शुल्क की कमी निकाली गई। जिलाधिकारी कोर्ट में मुकदमा दर्ज होने के बाद भी अगर ये टोल प्लाजा स्टाम्प शुल्क जमा नहीं करते हैं तो उन्हें रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) जारी किया जाएगा।
डीआईजी स्टाम्प सुरेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि अब तक प्रयागराज मंडल के एक दर्जन टोल प्लाजा को नोटिस जारी कर अनुबंध राशि के बारे में जानकारी मांगी जा चुकी है। उन्होंने जानकारी देने से इन्कार कर दिया और दिल्ली स्थित मुख्यालय से पत्राचार करने को कहा। जब दिल्ली में पत्राचार किया गया तो वहां से भी कोई जवाब नहीं मिला। अन्य टोल प्लाजा के खिलाफ भी जल्द ही विधिक कार्रवाई की जाएगी।