एक मां ने अपने ही कलेजे के टुकड़े पांच साल के मासूम को फावड़े से काटकर उसकी निर्मम हत्या कर दी। घटना की खबर से इलाके में हड़कंप मच गया। जानकारी होते ही ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
Prayagraj News Update: प्रयागराज में मां ने कलेजे के टुकड़े को फावड़े से काट डाला
बड़ा बेटा रितेश फूलपुर कनौजा कला स्थित अपने मामा के यहां ही रहकर पढ़ाई करता है और ऋषि मां के साथ कसेरूआ में रहता था। परिजनों के मुताबिक रेनू पटेल का मानसिक संतुलन पिछले कई वर्षों से ठीक नहीं चल रहा है। वह करीब बीस दिन पहले छोटे बेटे ऋषि के साथ मायके आई हुई थी। मंगलवार शाम परिवार के सभी सदस्य भोजन करने के बाद जगह-जगह बाहर ही चारपाई लगाकर सो गए।
आधी रात बाद करीब एक बजे रेनू ने पड़ोस में रखे फावड़े से साथ में चारपाई पर सोए अपने ही छोटे बेटे ऋषि गर्दन पर लगातार दो वार करने के बाद पीठ और सीने पर भी कई वार किए। खून से लथपथ बेटे को लेकर दरवाजे पर स्थित कुएं में फेकने जा रही थी। इसी बीच बाहर ही चारपाई पर सो रही उसकी चचेरी बहन राधिका की नींद खुल गई।
रेनू को लहूलुहान मासूम कुएं की तरफ ले जाते देखा तो चिल्लाई तो परिजन जग गए। बच्चे को उससे छीन लिया और रेनू को पकड़कर एक कमरे में बंद कर दिया। लहूलुहान मासूम ऋषि को परिजन लेकर फूलपुर स्थित निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से डाक्टरों ने रेफर कर दिया और रास्ते में उसकी मौत हो गई।
सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी बृजेश सिंह, इफको चौकी इंचार्ज रामकेवल यादव तत्काल मौके पर पहुंच गए और बेटे की हत्या करने वाली रेनू पटेल को गिरफ्तार करते हुए ऋषि के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना की जानकारी पर क्षेत्राधिकारी उमेश शर्मा भी घटना स्थल पर पहुंचकर जांच पड़ताल की।
घर के पास ही खोद रखा था गड्ढ़ा
फूलपुर के कनौजा कला गांव में बेटे की फावड़े से काटकर हत्या करने वाली रेनू पटेल ने दिन में ही घर के पास ही गड्ढ़ा खोद रखा था। चर्चा रही कि शव को दफनाने के लिए ही तो यह गड्ढ़ा नहीं खोदा था। फिलहाल इसे लेकर दिन भर गांव में चर्चाओं का बाजार गर्म रहा कि आखिर उसने अपने ही जिगर के टुकड़े को फावड़े से क्यों काट डाला।
संयोग ही था कि साथ नहीं सोए थे दोनों बेटे
फूलपुर के कनौजा कला गांव में हुई दिल दहला देने वाली घटना के बाद बुधवार को मौके पर जुटे लोग व परिजन यह चर्चा करते देखे गए कि रेेनू अपने छोटे बेटे ऋषि को शाम को नहलाया और भोजन करने के बाद दोनों बेटों को अपने पास सुलाने की बात परिजनों से कह रही थी, लेकिन उसके भाई निर्भय ने बड़े बेटे रितेश को अपने पास सुला लिया। नहीं तो शायद उसके साथ भी कोई अनहोनी हो सकती थी।