दो महीने के बाद प्रयागराज एयरपोर्ट पर रौनक लौटी। सोमवार दिन में एक बजे बंगलूरू-प्रयागराज फ्लाइट के आते ही एयरपोर्ट की खामोशी दूर हुई। कोविड-19 की वजह से एयरपोर्ट भी पूरा बदला-बदला सा नजर आया।
प्रयागराजः दो महीने बाद एयरपोर्ट पर लौटी रौनक, बंगलूरू फ्लाइट के आते ही टूटा सन्नाटा, देखें तस्वीरें
प्रयागराज एयरपोर्ट पर 24 मार्च से ही सभी यात्री उड़ानें बंद हैं। पिछले सप्ताह ही तय हुआ था कि 25 मई से विमान संचालन शुरू होगा। पहले चरण में प्रयागराज से कुल तीन शहरों की उड़ान शुरू होनी है। इसमें बंगलूरू और मुंबई की उड़ान सोमवार से शुरू हो गई, जबकि दिल्ली की सीधी उड़ान मंगलवार से शुरू होगी।
पहले दिन बंगलूरू से आई 180 सीट वाली एयर बस में कुल 118 यात्री दिन में एक बजे यहां पहुंचे। इसी फ्लाइट से दिन में 1.50 बजे कुल 31 यात्री बंगलूरू के लिए रवाना हुए। इसके बाद मुंबई से दूसरी एयर बस अपने निर्धारित समय 2.55 की जगह 2.44 बजे ही यहां पहुंच गई। इस फ्लाइट से कुल 141 यात्री आए, जबकि इससे जाने वाले यात्रियों की संख्या 49 रही।
विमान संचालन को लेकर एयरपोर्ट में खास तैयारी की गई। कोविड-19 की वजह से टर्मिनल में आने वाले हर एक यात्रियों के लगेज के साथ उनके जूते-चप्पल तक भी लिक्विड मैट से सैनिटाइज करवाए गए। हर एक यात्री की थर्मल स्कैनिंग के बाद ही उन्हें प्रवेश दिया गया। बाहर से आने वाले यात्रियों की भी थर्मल स्कैनिंग की गई। एयरपोर्ट प्रशासन द्वारा हर एक यात्री को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाया गया।
आरोग्य सेतु एप भी चेक किया गया। थर्मल स्कैनिंग के बाद वेब कैमरे से पुलिस ने आईडी तथा टिकट की जांच की। एसएचए में भी ग्लास स्क्रीन के बाहर से बोर्डिंग कार्ड दिखाते हुए सोशल डिस्टेंस मेनटेन रखा गया। हर एक यात्री का लगेज टर्मिनल में प्रवेश के पहले ही सैनिटाइज किया गया। जिन यात्रियों ने प्रदेश सरकार की साइट पर अपना विवरण नहीं भरा था वह मौके पर ही भरवाया गया।
इसके पूर्व एयरपोर्ट आने वाले एवं बाहर से आने वाले सभी यात्रियों को हाथ जोड़कर एयरपोर्ट निदेशक सुनील यादव ने स्वागत किया। इस दौरान टर्मिनल मैनेजर दिव्यार्थ, सुशांत, निरीक्षक अंबिका, श्याम कार्तिक सिंह ने भी यात्रियों को तमाम दिशा निर्देशों के बारे में जानकारी दी। एसडीएम सदर अजय नारायण राय भी वहां दिन भर मौजूद रहे। जिला प्रशासन की ओर से वहां बाहर से आने वाले यात्रियों से कहा गया कि वह अगले 14 दिन होम क्वारंटीन ही रहें।
सॉफ्टवेयर इंजीनियर शिखा सिंह को मिला पहला बोर्डिंग पास
दो माह बाद शुरू हुए फ्लाइट संचालन में प्रयागराज से रवोना हुई बंगलूरू की पहली फ्लाइट का पहला बोड्रिंग पास सॉफ्टवेयर इंजीनियर शिखा सिंह एवं उनकी चार वर्ष की बेटी को मिला। शिखा बंगलूरू में ही कार्यरत हैं। लॉक डाउन की वजह से वह प्रयागराज में रुकी हुई थीं।
