Prayagraj Weather : सुबह से ही कड़क धूप, हर दिन बढ़ रही तपिश, मार्च में ही बढ़ने लगी गर्मी
मौसम का मिजाज हर दिन बदलने से सूरज की तल्खी बढ़ रही है। मार्च में ही सुबह से हो रही कड़क धूप से गर्मी बढ़ रही है। हर दिन बढ़ रहा तापमान परेशानी का कारण बनता जा रहा है। हाल यह है कि रात की गर्मी नींद पर भारी पड़ रही है।
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मौसम का मिजाज हर दिन बदलने से सूरज की तल्खी बढ़ रही है। मार्च में ही सुबह से हो रही कड़क धूप से गर्मी बढ़ रही है। हर दिन बढ़ रहा तापमान परेशानी का कारण बनता जा रहा है। हाल यह है कि रात की गर्मी नींद पर भारी पड़ रही है। बिना पंखा चलाए लोगों को नींद नहीं आ रही है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि यदि यही हाल रहा तो मार्च में अधिकतम तापमान 40 डिग्री के पार जा सकता है।
शुक्रवार को सुबह से ही तेज धूप खिली रही। दिन चढ़ने के साथ ही धूप के तेवर भी बढ़ते रहे। इस दौरान सामान्य से अधिक गति से चलीं हवाओं ने लोगों को कुछ राहत दी। इसके बाद भी अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान 16.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वातावरण में नमी का स्तर असंतुलित रहा। मौसम वैज्ञानिक इविवि के डॉ. शैलेश राय के मुताबिक आने वाले दिनों में कोई सिस्टम सक्रिय नहीं है, इसलिए तापमान में वृद्धि संभावित है।
बढ़ रहा मच्छरों का प्रकोप, छिड़काव-फाॅगिंग नहीं
बढ़ते तापमान के साथ मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। हाल यह है कि रात ही नहीं, दिन में भी मच्छर भनभना रहे हैं। ऑनलाइन शिकायतों की भरमार है, लेकिन नगर निगम कीटनाशक के छिड़काव और फॉगिंग के काम में तेजी नहीं ला रहा है। महापौर गणेश केसरवानी के मुताबिक फॉगिंग और मच्छरों से निजात के लिए प्रभावी उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं।
सेहत पर भारी पड़ रही सर्दी-गर्मी
दिन में गर्मी और रात में हल्की सर्दी का मौसम लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। लोग सर्दी-जुकाम और छाती में जकड़ने के साथ बुखार से परेशान हैं। एसआरएन अस्पताल और चिल्ड्रेन अस्पताल की ओपीडी में सामान्य से अधिक भीड़ हो रही है। हर कक्ष में मरीजों का आंकड़ा 400 तक पहुंच रहा है। फिजीशियन डॉ. अनुभा श्रीवास्तव के मुताबिक खान-पान में सावधानी बरतने की जरूरत है। दिक्कत होने पर चिकित्सक के परामर्श पर ही दवा लें। नाक, कान और गला रोग विशेषज्ञ डॉ. राम सिया सिंह बताते हैं कि इस वक्त गले में खराश से हुई दिक्कत खांसी फिर बुखार तक पहुंच रही है। ऐसे मौसम में बच्चों को पानी उबाल कर दें और शीतल पेय पदार्थ देने से बचें। कहा कि मरीजों में बच्चों और बुजुर्गों की संख्या अधिक है।
