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आत्मनिर्भरता विकल्प नहीं, आवश्यकता : राज्यपाल
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राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने शनिवार को प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) राज्य विश्वविद्यालय परिसर में कहा कि आज का भारत अवसरों से परिपूर्ण है। जहां प्रत्येक विद्यार्थी के पास अपने सपनों को साकार करने की असीम संभावनाएं हैं। युवा केवल रोजगार तक सीमित न रहें, बल्कि नवाचार, शोध व सृजनात्मक कार्यों के माध्यम से देश के विकास में योगदान दें।
वैश्विक स्थिति ने हमारे व्यापार व आर्थिक व्यवस्था को प्रभावित कर दिया है। इसे ध्यान में रखते हुए आत्मनिर्भरता विकल्प नहीं आज की आवश्यकता है। भारत दुनिया में परिवर्तन का नेतृत्वकर्ता बन रहा है। इस दौरान उन्होंने परिसर में 25 नव निर्मित शैक्षणिक प्रयोगशाला समेत कार्यों का लोकार्पण किया। कुलपति डॉ. अखिलेश कुमार सिंह ने पुष्पगुच्छ देकर राज्यपाल का स्वागत किया।
उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन और नैतिक मूल्यों के महत्व पर बल दिया। कहा कि विद्यार्थियों के लिए निर्मित शैक्षणिक सुविधाएं उत्कृष्ट व उच्च गुणवत्ता की होनी चाहिए। उन्होंने मूल्यांकन प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया, जिससे शिक्षा अधिक पारदर्शी व परिणामोन्मुखी बन सके। उन्होंने कहा कि अभिभावक भी समय-समय पर विश्वविद्यालय आकर यह अवलोकन करें कि उनके बच्चे क्या सीख रहे हैं और किस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
वर्तमान समय तकनीक, नवाचार एवं डिजिटल क्रांति का है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी उन्नत तकनीकों ने जीवन के प्रत्येक क्षेत्र को प्रभावित किया है। तकनीक के साथ-साथ मानवीय मूल्यों का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। 21वीं सदी का वर्तमान दशक चुनौतियों एवं संभावनाओं का संगम है, जहां वैश्विक परिस्थितियों के बीच आत्मनिर्भरता की आवश्यकता और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
उन्होंने बताया कि जनभवन की पहल पर डॉ..एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय एवं सीमेंस कंपनी के मध्य हुए समझौते के तहत सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन ऑटोमेशन एवं सिमुलेशन जैसे क्षेत्रों में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना की जा रही है।
इसके अंतर्गत लगभग 200 शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। जो आगे चलकर हजारों विद्यार्थियों को उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। इस दौरान उन्होंने परिसर स्थित देवालय का दर्शन करते हुए फॉर्मेसी विभाग, विज्ञान विभाग व कृषि विभाग के नव-निर्मित प्रयोगशालाओं, स्मार्ट कक्षाओं का निरीक्षण किया।
कुलपति डॉ. अखिलेश कुमार सिंह ने कहा कि विवि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। नव स्थापित प्रयोगशालाओं में विद्यार्थी केवल शोध कार्य ही नहीं करेंगे, बल्कि तर्क, विश्लेषण एवं नवाचार की क्षमता भी विकसित करेंगे।
कुलसचिव डॉ. विनीता यादव ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस मौके पर वित्त अधिकारी आस्था तिवारी, कुलानुशासक प्रो. राजकुमार गुप्त, अधिष्ठाता विद्यार्थी कल्याण प्रो. आशुतोष कुमार सिंह, अधिष्ठाता कला संकाय प्रो. विवेक कुमार सिंह मौजूद रहे। संचालन डॉ. गीतांजलि श्रीवास्तव ने किया। राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।
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वैश्विक स्थिति ने हमारे व्यापार व आर्थिक व्यवस्था को प्रभावित कर दिया है। इसे ध्यान में रखते हुए आत्मनिर्भरता विकल्प नहीं आज की आवश्यकता है। भारत दुनिया में परिवर्तन का नेतृत्वकर्ता बन रहा है। इस दौरान उन्होंने परिसर में 25 नव निर्मित शैक्षणिक प्रयोगशाला समेत कार्यों का लोकार्पण किया। कुलपति डॉ. अखिलेश कुमार सिंह ने पुष्पगुच्छ देकर राज्यपाल का स्वागत किया।
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उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन और नैतिक मूल्यों के महत्व पर बल दिया। कहा कि विद्यार्थियों के लिए निर्मित शैक्षणिक सुविधाएं उत्कृष्ट व उच्च गुणवत्ता की होनी चाहिए। उन्होंने मूल्यांकन प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया, जिससे शिक्षा अधिक पारदर्शी व परिणामोन्मुखी बन सके। उन्होंने कहा कि अभिभावक भी समय-समय पर विश्वविद्यालय आकर यह अवलोकन करें कि उनके बच्चे क्या सीख रहे हैं और किस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
वर्तमान समय तकनीक, नवाचार एवं डिजिटल क्रांति का है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी उन्नत तकनीकों ने जीवन के प्रत्येक क्षेत्र को प्रभावित किया है। तकनीक के साथ-साथ मानवीय मूल्यों का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। 21वीं सदी का वर्तमान दशक चुनौतियों एवं संभावनाओं का संगम है, जहां वैश्विक परिस्थितियों के बीच आत्मनिर्भरता की आवश्यकता और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
उन्होंने बताया कि जनभवन की पहल पर डॉ..एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय एवं सीमेंस कंपनी के मध्य हुए समझौते के तहत सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन ऑटोमेशन एवं सिमुलेशन जैसे क्षेत्रों में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना की जा रही है।
इसके अंतर्गत लगभग 200 शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। जो आगे चलकर हजारों विद्यार्थियों को उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। इस दौरान उन्होंने परिसर स्थित देवालय का दर्शन करते हुए फॉर्मेसी विभाग, विज्ञान विभाग व कृषि विभाग के नव-निर्मित प्रयोगशालाओं, स्मार्ट कक्षाओं का निरीक्षण किया।
कुलपति डॉ. अखिलेश कुमार सिंह ने कहा कि विवि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। नव स्थापित प्रयोगशालाओं में विद्यार्थी केवल शोध कार्य ही नहीं करेंगे, बल्कि तर्क, विश्लेषण एवं नवाचार की क्षमता भी विकसित करेंगे।
कुलसचिव डॉ. विनीता यादव ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस मौके पर वित्त अधिकारी आस्था तिवारी, कुलानुशासक प्रो. राजकुमार गुप्त, अधिष्ठाता विद्यार्थी कल्याण प्रो. आशुतोष कुमार सिंह, अधिष्ठाता कला संकाय प्रो. विवेक कुमार सिंह मौजूद रहे। संचालन डॉ. गीतांजलि श्रीवास्तव ने किया। राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।