Health : डायबिटीज के 30 फीसदी मरीजों के लिवर में मिली सूजन, मेडिकल कॉलेज के अध्ययन में हुआ खुलासा
जनपद के 30 फीसदी मधुमेह के मरीजों के लिवर में सूजन (लिवर फाइब्रोसिस) पाई गई है। यह खुलासा द लेंसेट रीजनल हेल्थ-साउथ ईस्ट एशिया में मधुमेह के रोगियों पर हुए अध्ययन में सामने आया है।
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जनपद के 30 फीसदी मधुमेह के मरीजों के लिवर में सूजन (लिवर फाइब्रोसिस) पाई गई है। यह खुलासा द लेंसेट रीजनल हेल्थ-साउथ ईस्ट एशिया में मधुमेह के रोगियों पर हुए अध्ययन में सामने आया है। इसमें पूरे देश के साथ प्रयागराज के मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज की तरफ से डायबिटीज टाइप टू के 150 मधुमेह रोगियों पर अध्ययन किया गया।
अध्ययन में पांच साल पुराने डायबिटीज रोगियों को शामिल किया गया। इन सभी डायबिटीज रोगियों की उम्र 18 से 60 वर्ष थी। इनमें 40 फीसदी महिलाएं और 60 फीसदी पुरुषों को अध्ययन में रखा गया। 2024 में शुरू किए गए अध्ययन में डायबिटीज के रोगियों की ब्लड शुगर नियंत्रण और रेटिनोपैथी, न्यूरोपैथी और किडनी रोग जैसी जटिलताओं के अलावा लिवर की भी जांच की गई। इनमें लिवर की जांच के लिए गैस्ट्रोलॉजी विभाग में डायबिटीज रोगियों का फाइब्रोस्कैन किया गया। करीब 30 फीसदी रोगियों के लिवर में सूजन, फैटी लिवर व लिवर सिरोसिस की समस्या पाई गई।
इनमें अधिकांश मरीज 30 से 50 वर्ष की उम्र के थे। इनमें जिन रोगियों का वजन कम और शरीर पतला-दुबला था, उनमें भी फैटी लिवर की समस्या देखने को मिली। अध्ययन में पाया गया कि डायबिटीज के मरीजों की रेटिनोपैथी, न्यूरोपैथी और किडनी रोग से संबंधित जांचों के अलावा लिवर के फाइब्रोस्कैन की जांच कराना भी आवश्यक है। वहीं, लोगों को चाहिए कि वह खानपान में सतर्कता के साथ नियमित व्यायाम करें।
प्रमुख नतीजे
1- 26 फीसदी रोगियों को क्लिनिकली महत्वपूर्ण लिवर फाइब्रोसिस
2- 14 फीसदी को एडवांस्ड (गंभीर) फाइब्रोसिस
3- पांच फीसदी को पहले से ही सिरोसिस हो चुका था
4- बिना मोटापे वाले और बिना फैटी लिवर वाले रोगियों में भी फाइब्रोसिस पाया गया
5- मोटापा, डिस्लिपिडीमिया, कमजोर किडनी फंक्शन और लंबे समय से मधुमेह होना मुख्य कारण
यह अध्ययन डायबिटीज इंडिया के डायबिटीज और लिवर इंटरेस्ट ग्रुप के तहत 48 चिकित्सकों, मधुमेह विशेषज्ञों और एंडोक्राइनोलॉजिस्ट्स की राष्ट्रव्यापी टीम ने पूरे देश में किया। वहीं, जनपद में करीब 30 फीसदी डायबिटीज के रोगियों में लिवर से संबंधित परेशानी पाई गई। ऐसे में खानापान मे सतर्कता के साथ लिवर फाइब्रोस्कैन की जांच भी जरूरी है। - डॉ. अनुभा श्रीवास्तव, मधुमेह रोग विशेषज्ञ, मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज।