Prayagraj : जेवर एयरपोर्ट से प्रयागराज के बीच होगी सीधी उड़ान, नागर विमानन महानिदेशालय ने मिल चुकी है मंजूरी
जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से प्रयागराज से सीधी उड़ान की सुविधा मिलेगी। शनिवार को पीएम मोदी के हवाईअड्डे के प्रथम चरण के उद्घाटन करने के साथ ही संगम नगरी के लिए विकास के नए द्वार खुल गए हैं।
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जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से प्रयागराज से सीधी उड़ान की सुविधा मिलेगी। शनिवार को पीएम मोदी के हवाईअड्डे के प्रथम चरण के उद्घाटन करने के साथ ही संगम नगरी के लिए विकास के नए द्वार खुल गए हैं। 11,200 करोड़ की लागत से तैयार यह ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट न केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश बल्कि पूर्वांचल और विशेषकर प्रयागराज की अर्थव्यवस्था को नई गति देने वाला साबित होगा।
विमानन कंपनी इंडिगो प्रयागराज से जेवर के लिए सीधी उड़ान शुरू करेगी। इसके लिए नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) से अनुमति मिल चुकी है, हालांकि समर शेड्यूल में अभी इसे शामिल होना शेष है। इस सेवा के शुरू होने से प्रयागराज के लोगों को दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट की भीड़भाड़ से मुक्ति मिलेगी और वे सीधे एनसीआर पहुंच सकेंगे। आईजीआई एयरपोर्ट की तुलना में जेवर से नोएडा, ग्रेनो एवं गाजियाबाद की दूरी कम है। प्रयागराज एयरपोर्ट के निदेशक राजेश चावला ने बताया कि प्रयागराज-जेवर उड़ान को डीजीसीए ने मंजूरी दे दी है। जल्द ही समय सारिणी जारी होने की उम्मीद है।
नोएडा एयरपोर्ट के भारत का सबसे बड़ा कार्गो हब बनने का सीधा लाभ प्रयागराज के किसानों और उद्यमियों को मिलेगा। कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल बताते हैं कि प्रयागराज के अमरूद, आम और भिंडी जैसे कृषि उत्पादों के साथ-साथ यहां के हस्तशिल्प को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना अब सस्ता और सुलभ होगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे।
धार्मिक पर्यटन को लगेगा बूस्ट
होली वाटर्स कंपनी के टूर ऑपरेटर नीलेश नारायण का मानना है कि महाकुंभ-2025 में पहुंचे 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के रिकॉर्ड के बाद अब नोएडा एयरपोर्ट विदेशी पर्यटकों के लिए बेहतर विकल्प बनेगा। ट्रेवल्स सेफ के संदीप शुक्ला कहते हैं कि अंतरराष्ट्रीय हब होने के नाते विदेशी सैलानी सीधे यहां उतरकर प्रयागराज की कनेक्टिंग फ्लाइट ले सकेंगे। इससे समय की बचत होगी और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
जेवर से सीधी हवाई कनेक्टिविटी का यह मिलेगा फायदा
प्रयागराज के अमरूद और हस्तशिल्प को मिलेंगे वैश्विक पंख।
कार्गो हब बनने से विदेशी बाजारों तक पहुंचेगी संगम नगरी की उपज।
महाकुंभ जैसे बड़े आयोजनों में विदेशी श्रद्धालुओं के लिए राह होगी आसान।
प्रयागराज के आसपास के जिलों के लोग भी कम समय में पहुंच सकेंगे एनसीआर।