शाहगंज में तिहरा हत्याकांड : 40 घंटे बाद भी नहीं हो सकी तीनों शवों की शिनाख्त नहीं, खंगाले गए कैमरे
मूक-बधिर दंपती व एक अन्य महिला की मौत के मामले में 40 घंटे बाद भी मृतकों की शिनाख्त नहीं हो सकी। बुधवार दोपहर पुलिस वाराणसी पीएसी के एक जवान के बेटे को पोस्टमार्टम हाउस लेकर पहुंची। उससे शवों की पहचान कराई, लेकिन उसने किसी भी मृतक के नाम की जानकारी होने से इन्कार कर दिया।
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मूक-बधिर दंपती व एक अन्य महिला की मौत के मामले में 40 घंटे बाद भी मृतकों की शिनाख्त नहीं हो सकी। बुधवार दोपहर पुलिस वाराणसी पीएसी के एक जवान के बेटे को पोस्टमार्टम हाउस लेकर पहुंची। उससे शवों की पहचान कराई, लेकिन उसने किसी भी मृतक के नाम की जानकारी होने से इन्कार कर दिया।
पुलिस जांच में पता चला कि पीएसी जवान मेजा इलाके के रहने वाले हैं। वर्तमान में उनकी तैनाती वाराणसी में है। वह परिवार के साथ वहीं रहते हैं। उनके बेटे के आधार कार्ड पर मृतक दंपती का सिम पंजीकृत था। इसीलिए उनके बेटे से पूछताछ की गई।
मृतकों की पहचान के लिए आसपास के जिलों के थानों को सूचना भेजी गई। गुमशुदगी के रिकॉर्ड का मिलान कराया गया लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिली है। एसीपी कोतवाली रवि गुप्ता का कहना है कि पहचान होने के बाद हत्या की गुत्थी सुलझाने में अहम सुराग मिल सकते हैं।
जंक्शन व मजार के पास लगे कैमरों खंगाल रही पुलिस
पुलिस जांच में पता चला कि मृतक मूक-बधिर दंपती अक्सर प्रयागराज जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 और स्टेशन परिसर स्थित मजार के आसपास समय बिताते थे। पुलिस वहां लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही है। अब तक 60 से ज्यादा कैमरे खंगाले गए हैं।
संदिग्धों की तस्वीरें दिखाकर की गई पूछताछ
सीसीटीवी फुटेज में कैद दो संदिग्ध युवकों की पहचान के लिए पुलिस ने आसपास के लोगों से घंटों पूछताछ की। जांच टीम ने संदिग्धों की तस्वीरें स्थानीय दुकानदारों, राहगीरों और क्षेत्र के लोगों को दिखाईं, लेकिन देर शाम तक उनकी पहचान नहीं हो सकी।