राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की हत्या के बाद माफिया की कमर तोड़ने की कार्रवाई में शुक्रवार को पीडीए ने प्रयागराज और कौशाम्बी में अलग-अलग जगहों पर एक साथ बुलडोजर चलवाकर दो भवनों को ध्वस्त करा दिया। इसमें एक असरौली के ग्राम प्रधान माशूकउद्दीन की शिक्षिका बहू का नवनिर्मित मकान तोड़ा गया। जबकि, कौशाम्बी के भखंदा गांव में राजू पाल हत्याकांड में 18 साल से फरार मोस्ट वांटेड शूटर अब्दुल कवि का भी भवन शामिल है। दोनों जगह पुलिस-पीएसी की कड़ी घेराबंदी के बीच देर शाम तक कार्रवाई चलती रही।
उमेश पाल हत्याकांड: माफिया अतीक के मददगार और फरार शूटर के घरों को मिट्टी में मिलाया, गरजा बुलडोजर, असलहे बरामद
इसमें एक असरौली के ग्राम प्रधान माशूकउद्दीन की शिक्षिका बहू का नवनिर्मित मकान तोड़ा गया। जबकि, कौशाम्बी के भखंदा गांव में राजू पाल हत्याकांड में 18 साल से फरार मोस्ट वांटेड शूटर अब्दुल कवि का भी भवन शामिल है। दोनों जगह पुलिस-पीएसी की कड़ी घेराबंदी के बीच देर शाम तक कार्रवाई की।
18 साल से फरार चल रहा है कवि अहमद, राजू पाल की हत्या में आया था नाम
विधायक राजू पाल हत्याकांड के आरोपी कवि अहमद के सरायअकिल स्थित मकान को पीडीए ने बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स के बीच कई जेसीबी और एक पोकलैंड मशीन लगाकर मकान को ध्वस्त कर दिया गया।
माफिया अतीक अहमद के खास गुर्गे कवि अहमद के मकान के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से पहले घर के सामान को बाहर निकाला गया। इस दौरान आधा दर्जन अवैध तमंचे मिले। कवी अहमद का घर कौशांबी जिले में सरायअकिल थाना क्षेत्र में भखंदा गांव में है। कवि अहमद का नाम पूर्व विधायक राजू पाल हत्याकांड में आया था।
कारण पूछने पर पहले अफसर भवन निर्माण अवैध रूप से कराए जाने की ही बात कहते रहे। कुछ देर बाद तौहीद के शौहर शाहनवाज मौलाना रजिस्ट्री के कागज के साथ ही नक्शा पास कराने के लिए पूरी की गई प्रक्रिया से संबंधित आवेदन और लेआउट चार्ज के तौर पर 1.66 लाख रुपये शुल्क जमा कराने की रसीद दिखाने लगे, लेकिन अफसरों ने उनका कागज देखने से मना कर दिया।
पीडीए के सचिव अजीत कुमार सिंह का कहना था कि यह भवन एयरफोर्स की प्रतिबंधित सीमा में बना है। इसलिए इसे अवैध निर्माण घोषित किया गया है। इसके नक्शे से संबंधित प्रकिया भी रद्द कर दी गई है। बावजूद इसके शाहनवाज उस भवन को वैध बताते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई रोकने की गुहार लगाते रहे। तब तक खेत से लेकर सड़क तक पुलिस-पीएसी ने पूरे परिसर की घेराबंदी कर ली।
दीवार में कैप्टी बनाकर रखे गए थे असलहे
कवि अहमद का मकान जब ध्वस्त होने लगा तो दीवार के भीतर से असलहे निकलने लगे। बताया जाता है कि दीवार में कैप्टी बनाकर असलहो को रखा गया था ताकि किसी को भनक न लगे और तलाशी के दौरान पुलिस के हाथ न लग सके। मकान गिरने के बाद कवि अहमद की सारी चालाकी धरी रह गई।
इस दौरान असरौली गांव के लोगों की सड़क पर खचाखच भीड़ लगी रही। परिजनों ने तमाम कोशिशों के बाद भी अपना पक्ष मीडिया के सामने रखने से इन्कार कर दिया। उधर, अंदरखाने माशूकउद्दीन पर माफिया अतीक से नजदीकी रखने का भी आरोप लगाया जा रहा था। इस पर प्रधान, उनके परिवार के सदस्यों और गांव के कुछ लोगों का कहना था कि उनका माफिया से दूर-दूर तक कोई नाता कभी नहीं रहा है। उधर, कौशाम्बी जिले के सराय अकिल थाना क्षेत्र में भखंदा गांव में भी दोपहर बाद राजू पाल हत्याकांड में 18 साल से फरार शूटर अब्दुल कवि के घर पर पीडीए ने बुलडोजर चलवा दिया।
इस सरकार में मुझे कुछ नहीं कहना है: प्रधान माशूकउद्दीन
ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान असरौली के प्रधान माशूकउद्दीन अपने कुछ समर्थकों के साथ गम और गुस्से में भरे नजर आए। जब उनसे ध्वस्तीकरण की वजहों के बारे में पूछा गया तब उनका कहना था कि इस सरकार में उन्हें कुछ भी नहीं कहना है। उन्हें पता है कि सुनवाई कहीं नहीं होनी है। समय आने पर इसका जवाब दिया जाएगा। साथ ही उनका यह भी कहना था कि उनको जो भी कहना होगा, वह कोर्ट के सामने कहेंगे।