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UP Board 2026: बिना पेपर आउट पहली बार 19 दिन में रिजल्ट, कोई पुनर्परीक्षा नहीं

अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 26 Apr 2026 02:52 PM IST
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सार

माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की वर्ष 2026 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हुई। इस बार प्रदेश के किसी भी जिले में पेपर आउट की घटना सामने नहीं आई।

UP Board 2026: Results declared in 19 days for the first time without paper leak, no re-examination
यूपी बोर्ड परीक्षा का परिणाम जारी करते सभापति और निदेशक। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार

माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की वर्ष 2026 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हुई। इस बार प्रदेश के किसी भी जिले में पेपर आउट की घटना सामने नहीं आई। यही कारण रहा कि बोर्ड को किसी भी केंद्र पर दोबारा परीक्षा नहीं करानी पड़ी और रिकॉर्ड बनाते हुए मात्र 19 दिनों में परिणाम घोषित कर दिया गया।

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बोर्ड परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च तक प्रदेश के 8033 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित हुईं। हाईस्कूल में 25,91,831 संस्थागत और 9,550 व्यक्तिगत सहित कुल 26,01,381 परीक्षार्थी शामिल हुए, जिनमें 12,57,857 बालिकाएं थीं। वहीं इंटरमीडिएट में 24,09,551 संस्थागत और 76,521 व्यक्तिगत सहित कुल 24,86,072 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। आंशिक विषयों के तहत 58,134 अभ्यर्थी शामिल हुए। परीक्षा को नकलविहीन और सुरक्षित बनाने के लिए प्रयागराज सहित 18 जिलों को संवेदनशील घोषित किया गया था।
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इसके अलावा 20 परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाए गए। पहली बार प्रश्नपत्रों के प्रत्येक पृष्ठ पर केंद्रवार गोपनीय न्यूमेरिक क्रमांक अंकित किया गया, जिससे किसी भी प्रकार की लीक या गड़बड़ी की स्थिति में संबंधित केंद्र की तुरंत पहचान संभव हो सके। साथ ही, आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए सभी प्रश्नपत्रों के रिजर्व सेट तैयार किए गए। इन अवशेष प्रश्नपत्रों का उपयोग प्री-बोर्ड परीक्षाओं में किया गया। हालांकि संस्कृत विषय में एक केंद्र पर गड़बड़ी का मामला सामने आया, लेकिन पेपर लीक जैसी कोई बड़ी घटना नहीं हुई।

पहले हर साल सामने आते थे पेपर आउट के मामले

पिछले वर्षों में यूपी बोर्ड परीक्षाओं के दौरान पेपर लीक की घटनाएं आम थीं। वर्ष 2025 में हरदोई में परीक्षा से पहले पेपर हल करने के मामले में 19 लोग गिरफ्तार किए गए थे। आजमगढ़ में एसटीएफ ने कापियां लिखते हुए लोगों को पकड़ा था। 2024 में आगरा में व्हाट्सऐप ग्रुप पर पेपर वायरल हुआ था, जबकि बलिया में वर्ष 2022 में पेपर लीक के बाद 24 जिलों के 275 केंद्रों पर परीक्षा निरस्त करनी पड़ी थी। इससे पहले 2020 में बस्ती और 2018 में महराजगंज में भी पेपर लीक के मामले सामने आए थे। हालांकि वर्ष 2026 में मैनपुरी जिले में खेत में कापियां लिखे जाने का मामला सामने आया, लेकिन मौके से पेपर बरामद नहीं हुआ।

माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि इस वर्ष कहीं भी पेपर आउट की घटना प्रकाश में नहीं आई। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्रों पर अंकित गोपनीय न्यूमेरिक क्रमांक व्यवस्था परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित करने में बेहद प्रभावी साबित हुई।

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