UP Board : 103 साल के इतिहास में हाईस्कूल का सबसे शानदार परिणाम, लिख दी सफलता की नहीं इबारत
UP Board News : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल परीक्षा-2026 के परिणामों ने सफलता की नई इबारत लिख दी है। 103 साल के लंबे इतिहास में यह पहला मौका है जब परीक्षा के आधार पर अब तक का सबसे शानदार परिणाम रहा है।
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल परीक्षा-2026 के परिणामों ने सफलता की नई इबारत लिख दी है। 103 साल के लंबे इतिहास में यह पहला मौका है जब परीक्षा के आधार पर अब तक का सबसे शानदार परिणाम रहा है। आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष हाईस्कूल में 90.42 प्रतिशत परीक्षार्थी सफल घोषित किए गए हैं, जो पिछले साल के 90.11 फीसदी के रिकॉर्ड से भी अधिक है।
1923 से 2025 तक यूपी बोर्ड 104 परीक्षाएं करा चुका है। हालांकि, वर्ष 2021 में पास प्रतिशत 99.53 रहा था, लेकिन वह परिणाम बिना परीक्षा के कोरोना काल की विशेष परिस्थितियों में तैयार किया गया था। यही कारण है कि नियमित परीक्षा के आधार पर 2026 के इन नतीजों को ऐतिहासिक माना जा रहा है।
छात्राएं रहीं अव्वल
संगमनगरी स्थित बोर्ड मुख्यालय से जारी आंकड़ों के अनुसार, इस गौरवशाली उपलब्धि में एक बार फिर बेटियों का दबदबा साफ नजर आया। छात्राओं ने सफलता के मामले में छात्रों को काफी पीछे छोड़ दिया है। छात्राओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 93.76 रहा तो 87.30 प्रतिशत छात्र ही सफल हो सके। इस बार कुल पंजीकृत 27,61,972 विद्यार्थियों में से 26,01,381 ने परीक्षा दी थी। इसमें 23,52,181 परीक्षार्थी पास होकर अगली कक्षा में पहुंचे हैं।
बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय विद्यार्थियों के कड़े परिश्रम और बेहतर प्रदर्शन को दिया है। उन्होंने कहा कि समय पर परीक्षा और पारदर्शी मूल्यांकन के चलते यह साल सबसे यादगार बन गया है। वहीं, दूसरी ओर इस शानदार परिणाम के बाद प्रदेश भर के स्कूलों में जश्न का माहौल है और मेधावियों ने अपनी मेहनत से यूपी बोर्ड के गौरव को नई ऊंचाई प्रदान की है।
1992 में हाईस्कूल में उत्तीर्ण हुए थे मात्र 14.70 फीसदी विद्यार्थी
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के सौ साल से ज्यादा के इतिहास में साल 1992 एक ऐसा अध्याय है, जिसे याद कर आज भी पुराने परीक्षार्थियों के पसीने छूट जाते हैं। पिछले चार दशकों के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के कार्यकाल में हुई वह परीक्षा शुचिता और सख्ती का पर्याय बन गई थी। 1986 से लेकर अब तक के रिकॉर्ड बताते हैं कि 1992 में हाईस्कूल का परिणाम महज 14.70 प्रतिशत रहा था, जो कि अब तक का सबसे न्यूनतम स्तर है। आंकड़ों के मुताबिक, उस साल छात्रों की स्थिति बेहद खराब थी। मात्र 8.47 प्रतिशत छात्र ही पास हो पाए थे, जबकि छात्राओं का सफलता प्रतिशत 36.44 रहा था।
हाईस्कूल परीक्षा का परिणाम (2014 से 2026 तक)
वर्ष : प्रतिशत
2014 : 86.71
2015 : 83.74
2016 : 87.66
2017 : 81.18
2018 : 75.16
2019 : 80.07
2020 : 83.31
2021 : 99.53 (परीक्षा नहीं हुई )
2022 : 88.18
2023 : 89.78
2024 : 89.55
2025 : 90.11
2026 : 90.42
हाईस्कूल परीक्षाफल विश्लेषण
- - समस्त परीक्षार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 90.42 है
- - परीक्षा में 2591831 संस्थागत व 9550 व्यक्तिगत (कुल 2601381) परीक्षार्थी हुए शामिल
- - शामिल परीक्षार्थियों में 1343524 बालक व 1257857 बालिकाएं
- - 2345814 संस्थागत व 6367 व्यक्तिगत (कुल 2352181) परीक्षार्थी उत्तीर्ण घोषित किए गए
- - संस्थागत परीक्षार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 90.51 फीसदी और व्यक्तिगत परीक्षार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 66.67 फीसदी रहा
- - कुल उत्तीर्ण परीक्षार्थियों में 1172862 बालक व 1179319 बालिकाएं शामिल
- - बालकों का उत्तीर्ण प्रतिशत 87.30 व बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 93.76 रहा
- - बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत बालकों के उत्तीर्ण प्रतिशत से 6.46 अधिक रहा
- - संस्थागत परीक्षार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के उत्तीर्ण प्रतिशत से 23.84 फीसदी अधिक रहा
- - हाईस्कूल की उत्तर पुस्तिकाओं को मूल्यांकन 96803 परीक्षकों द्वारा संपन्न किया गया
- - आंशिक विषयों की परीक्षा में विनियम के अंतर्गत 3286 परीक्षार्थी शामिल हुए
इंटरमीडिएट परीक्षाफल विश्लेषण
- - इंटरमीडिएट परीक्षा के संपूर्ण परीक्षार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 80.38 रहा
- - 2409551 संस्थागत व 76521 व्यक्तिगत (कुल 2486072) परीक्षार्थी शामिल हुए
- - शामिल परीक्षार्थियों में 1309397 बालक व 1176675 बालिकाएं हैं
- - 1938986 संस्थागत व 59331 व्यक्तिगत (कुल 1998317) परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए
- - संस्थागत परीक्षार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 80.47 और व्यक्तिगत परीक्षार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 77.54 रहा
- - कुल उत्तीर्ण परीक्षार्थियों में 982610 बालक व 1015707 बालिकाएं शामिल
- - बालकों का उत्तीर्ण प्रतिशत 75.04 व बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 86.32 रहा
- - बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत बालकों के उत्तीर्ण प्रतिशत से 11.28 अधिक रहा
- - संस्थागत परीक्षार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के उत्तीर्ण प्रतिशत से 2.93 फीसदी अधिक रहा
- - हाईस्कूल की उत्तर पुस्तिकाओं को मूल्यांकन 55973 परीक्षकों द्वारा संपन्न किया गया
- - इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षाएं 18007 परीक्षा द्वारा कराई गई
- - आंशिक विषयों की परीक्षा में विनियम के अंतर्गत 58134 परीक्षार्थी शामिल हुए
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