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Ambedkar Nagar News: जल्द पूरा होगा औद्योगिक कॉरिडोर के लिए अधिग्रहण
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जलालपुर क्षेत्र में स्थित गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे का टोल प्लाजा।द्ध संवाद
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अंबेडकरनगर। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर अकबरपुर तहसील क्षेत्र और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर जलालपुर तहसील क्षेत्र में 932 एकड़ में प्रस्तावित औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने के लिए अगले कुछ माह में अधिग्रहण पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से अकबरपुर व जलालपुर के आठ गांवों की सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन अध्ययन (एसआईए) रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद अधिग्रहण की प्रारंभिक और फिर अंतिम अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। भूमि अधिग्रहण पूरा होने के बाद ही यहां सुविधाएं विकसित की जा सकेंगी।
पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के निकट अकबरपुर तहसील क्षेत्र में 570 एकड़ और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के निकट जलालपुर तहसील क्षेत्र में 362 एकड़ क्षेत्रफल में एकीकृत निर्माण और लॉजिस्टिक क्लस्टर (आईएमएलसी) औद्योगिक कॉरिडोर की स्थापना की जा रही है। इन कॉरिडोर का उद्देश्य खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, टेक्सटाइल और अन्य विनिर्माण इकाइयों को बढ़ावा देना है। वर्ष 2023 में भूमि जुटाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। वर्तमान में करीब 95 प्रतिशत सरकारी व निजी क्षेत्र की भूमि का बैनामा यूपीडा के पक्ष में कराया जा चुका है।
अभी अकबरपुर की पांच ग्राम पंचायतों बेवाना, जगदीशपुर मुस्लिमपुर, खानजहांपुर, सिवरा और होरिलपुर में 17.96 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत की जानी बाकी है। इसी तरह जलालपुर के जलालपुर के नूरपुर, अजमलपुर और गौरी बारा में 17.44 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। इस अधिग्रहण से 221 परिवारों के करीब 1180 लोग प्रभावित हो रहे हैं। मौजूदा समय में एसआईए रिपोर्ट के आधार पर लोगों से आपत्तियां व सुझाव मांगे गए हैं। (संवाद)
मूल्य निर्धारित पर शुरू हो पाया आवंटन
जलालपुर में निवेशकों को 4800 रुपये व अकबरपुर में 4950 रुपये वर्ग मीटर की दर से जमीन मुहैया कराई जाएगी। जिला उद्योग केंद्र की ओर से निवेशकों से संपर्क स्थापित कर भूमि आवंटन के लिए आवेदन लिए जाने लगे हैं। यूपीडा की ओर से यहां सड़क, बिजली, पानी आदि की सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। दोनों एक्सप्रेसवे के किनारे बनने वाले औद्योगिक कॉरिडोर में उद्योग स्थापित करने के लिए लखनऊ से लेकर नेपाल तक के उद्यमी एमओयू कर चुके हैं। उत्तराखंड, महाराष्ट्र के उद्यमियों ने भी भूमि की मांग की है।
प्रमुख निवेशक और भूमि की आवश्यकता
श्याम इंडस्ट्रीज, बसखारी - ट्रक बॉडी पार्ट्स- सात एकड़
यशोदा फूड्स, नेपाल- नूडल्स एंड कुकीज- पांच एकड़
जय भवानी नमकीन, महाराष्ट्र- फूड- पांच एकड़
इराटोस फार्मास्युटिकल, वाराणसी- मेडिसिन- पांच एकड़
श्रेया इनवॉयरमेंटल उत्तराखंड- मेडिसिन- पांच एकड़
विंध्या एसबी, जौनपुर- मेडिसिन- तीन एकड़
एसएम इंजीनियर्स, नोएडा - इलेक्ट्रिकल पैनल- तीन एकड़
एसआईए रिपोर्ट स्वीकृत होने के बाद होगा धारा 11 व 19 का प्रकाशन
शासन से एसआईए रिपोर्ट स्वीकृत होने के बाद भूमि अर्जन के लिए जिला प्रशासन की ओर से धारा 11 के तहत भूमि अधिग्रहण के लिए प्रारंभिक अधिसूचना प्रकाशित की जाएगी। इसमें जांच के बाद जिलाधिकारी की ओर से यह तय किया जाएगा कि जमीन का सही बाजार मूल्य क्या है और कितना मुआवजा दिया जाएगा। भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 की धारा 19 के तहत सरकार सार्वजनिक उपयोग के लिए चिह्नित भूमि के अधिग्रहण की औपचारिक घोषणा करती है। यह धारा 11 (प्रारंभिक अधिसूचना) के 12 महीनों के भीतर प्रकाशित होती है जिसमें पुनर्वास, पुनर्व्यवस्थापन की योजना और भूमि का विस्तृत ब्योरा शामिल होता है।
दो माह में पूरी होगी प्रक्रिया
दोनों औद्योगिक कॉरिडोर के लिए अकबरपुर व जलालपुर में करीब 34 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना बाकी है। इसके लिए एसआईए रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। मंजूरी मिलने के बाद धारा 11 व 19 का प्रकाशन किया जाना है। अगले दो माह में प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास किया जा रहा है।
- अनुपम शुक्ला, जिलाधिकारी
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पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के निकट अकबरपुर तहसील क्षेत्र में 570 एकड़ और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के निकट जलालपुर तहसील क्षेत्र में 362 एकड़ क्षेत्रफल में एकीकृत निर्माण और लॉजिस्टिक क्लस्टर (आईएमएलसी) औद्योगिक कॉरिडोर की स्थापना की जा रही है। इन कॉरिडोर का उद्देश्य खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, टेक्सटाइल और अन्य विनिर्माण इकाइयों को बढ़ावा देना है। वर्ष 2023 में भूमि जुटाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। वर्तमान में करीब 95 प्रतिशत सरकारी व निजी क्षेत्र की भूमि का बैनामा यूपीडा के पक्ष में कराया जा चुका है।
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अभी अकबरपुर की पांच ग्राम पंचायतों बेवाना, जगदीशपुर मुस्लिमपुर, खानजहांपुर, सिवरा और होरिलपुर में 17.96 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत की जानी बाकी है। इसी तरह जलालपुर के जलालपुर के नूरपुर, अजमलपुर और गौरी बारा में 17.44 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। इस अधिग्रहण से 221 परिवारों के करीब 1180 लोग प्रभावित हो रहे हैं। मौजूदा समय में एसआईए रिपोर्ट के आधार पर लोगों से आपत्तियां व सुझाव मांगे गए हैं। (संवाद)
मूल्य निर्धारित पर शुरू हो पाया आवंटन
जलालपुर में निवेशकों को 4800 रुपये व अकबरपुर में 4950 रुपये वर्ग मीटर की दर से जमीन मुहैया कराई जाएगी। जिला उद्योग केंद्र की ओर से निवेशकों से संपर्क स्थापित कर भूमि आवंटन के लिए आवेदन लिए जाने लगे हैं। यूपीडा की ओर से यहां सड़क, बिजली, पानी आदि की सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। दोनों एक्सप्रेसवे के किनारे बनने वाले औद्योगिक कॉरिडोर में उद्योग स्थापित करने के लिए लखनऊ से लेकर नेपाल तक के उद्यमी एमओयू कर चुके हैं। उत्तराखंड, महाराष्ट्र के उद्यमियों ने भी भूमि की मांग की है।
प्रमुख निवेशक और भूमि की आवश्यकता
श्याम इंडस्ट्रीज, बसखारी - ट्रक बॉडी पार्ट्स- सात एकड़
यशोदा फूड्स, नेपाल- नूडल्स एंड कुकीज- पांच एकड़
जय भवानी नमकीन, महाराष्ट्र- फूड- पांच एकड़
इराटोस फार्मास्युटिकल, वाराणसी- मेडिसिन- पांच एकड़
श्रेया इनवॉयरमेंटल उत्तराखंड- मेडिसिन- पांच एकड़
विंध्या एसबी, जौनपुर- मेडिसिन- तीन एकड़
एसएम इंजीनियर्स, नोएडा - इलेक्ट्रिकल पैनल- तीन एकड़
एसआईए रिपोर्ट स्वीकृत होने के बाद होगा धारा 11 व 19 का प्रकाशन
शासन से एसआईए रिपोर्ट स्वीकृत होने के बाद भूमि अर्जन के लिए जिला प्रशासन की ओर से धारा 11 के तहत भूमि अधिग्रहण के लिए प्रारंभिक अधिसूचना प्रकाशित की जाएगी। इसमें जांच के बाद जिलाधिकारी की ओर से यह तय किया जाएगा कि जमीन का सही बाजार मूल्य क्या है और कितना मुआवजा दिया जाएगा। भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 की धारा 19 के तहत सरकार सार्वजनिक उपयोग के लिए चिह्नित भूमि के अधिग्रहण की औपचारिक घोषणा करती है। यह धारा 11 (प्रारंभिक अधिसूचना) के 12 महीनों के भीतर प्रकाशित होती है जिसमें पुनर्वास, पुनर्व्यवस्थापन की योजना और भूमि का विस्तृत ब्योरा शामिल होता है।
दो माह में पूरी होगी प्रक्रिया
दोनों औद्योगिक कॉरिडोर के लिए अकबरपुर व जलालपुर में करीब 34 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना बाकी है। इसके लिए एसआईए रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। मंजूरी मिलने के बाद धारा 11 व 19 का प्रकाशन किया जाना है। अगले दो माह में प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास किया जा रहा है।
- अनुपम शुक्ला, जिलाधिकारी