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Ambedkar Nagar News: अपहरण व दुष्कर्म के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
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अंबेडकरनगर। राजेसुल्तानपुर क्षेत्र में वर्ष 2024 में किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म के मामले में आरोपी सहगापुर निवासी राजन मिश्रा (23) की दूसरी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई। अपर जिला व सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मोहन कुमार की कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राहत देने से इन्कार कर दिया।
राजेसुल्तानपुर के एक व्यक्ति ने प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि उनकी मिठाई की दुकान पर गुड्डू काम करता था। गुड्डू उनकी नाबालिग पुत्री से बातचीत करता था। परिजनों की ओर से कई बार समझाने और मना करने के बाद भी संपर्क जारी रहा। 22 नवंबर 2024 की शाम करीब सात बजे किशोरी घर से लापता हो गई। तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने के बाद पुलिस ने किशोरी को ढूंढ़ निकाला, साथ ही राजन मिश्रा नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया। सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष की ओर से कहा गया कि शुरुआती एफआईआर में राजन मिश्रा का नाम नहीं था। शिकायत में गुड्डू और उसके परिवार का उल्लेख था। बाद की जांच में संदीप मद्धेशिया को मुख्य आरोपी बना दिया गया।
मामले में पीड़िता ने जांच के दौरान पुलिस को दिए बयान और कोर्ट में दिए बयान में अलग-अलग घटनाक्रम बताए। कोर्ट के समक्ष सुनवाई से पहले दर्ज बयान में पीड़िता ने बताया कि राजन उन्हें धमकी देकर बाइक से आजमगढ़ ले गया, जहां संदीप ने आधार कार्ड देकर होटल में कमरा लिया। बाद में उसे हैदराबाद ले जाया गया। जबकि पुलिस जांच के दौरान दिए गए बयान में पीड़िता ने अलग घटनाक्रम बताया था और संदीप के साथ हैदराबाद जाने की बात कही थी। कोर्ट ने पीड़िता, केस रिकॉर्ड और गंभीर परिस्थितियों को देखते हुए जमानत नहीं दी। 19 मई को आरोपी की पहली अर्जी इसी कोर्ट से खारिज हो चुकी थी और नया आधार न मिलने पर दूसरी अग्रिम जमानत याचिका निरस्त की गई।
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राजेसुल्तानपुर के एक व्यक्ति ने प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि उनकी मिठाई की दुकान पर गुड्डू काम करता था। गुड्डू उनकी नाबालिग पुत्री से बातचीत करता था। परिजनों की ओर से कई बार समझाने और मना करने के बाद भी संपर्क जारी रहा। 22 नवंबर 2024 की शाम करीब सात बजे किशोरी घर से लापता हो गई। तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने के बाद पुलिस ने किशोरी को ढूंढ़ निकाला, साथ ही राजन मिश्रा नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया। सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष की ओर से कहा गया कि शुरुआती एफआईआर में राजन मिश्रा का नाम नहीं था। शिकायत में गुड्डू और उसके परिवार का उल्लेख था। बाद की जांच में संदीप मद्धेशिया को मुख्य आरोपी बना दिया गया।
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मामले में पीड़िता ने जांच के दौरान पुलिस को दिए बयान और कोर्ट में दिए बयान में अलग-अलग घटनाक्रम बताए। कोर्ट के समक्ष सुनवाई से पहले दर्ज बयान में पीड़िता ने बताया कि राजन उन्हें धमकी देकर बाइक से आजमगढ़ ले गया, जहां संदीप ने आधार कार्ड देकर होटल में कमरा लिया। बाद में उसे हैदराबाद ले जाया गया। जबकि पुलिस जांच के दौरान दिए गए बयान में पीड़िता ने अलग घटनाक्रम बताया था और संदीप के साथ हैदराबाद जाने की बात कही थी। कोर्ट ने पीड़िता, केस रिकॉर्ड और गंभीर परिस्थितियों को देखते हुए जमानत नहीं दी। 19 मई को आरोपी की पहली अर्जी इसी कोर्ट से खारिज हो चुकी थी और नया आधार न मिलने पर दूसरी अग्रिम जमानत याचिका निरस्त की गई।