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Ambedkar Nagar News: गलत अनुभव प्रमाणपत्र लगाने पर ठेकेदार ब्लैक लिस्ट
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नगर पंचायत इल्तिफातगंज कार्यालय। संवाद
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अंबेडकरनगर। नगर पंचायत इल्तिफातगंज की 83.86 लाख रुपये की ई निविदा में फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र लगाने का मामला सामने आया है। इस मामले में ठेकेदार रामअचल को एक वर्ष के लिए नगर पंचायत की सभी निविदाओं से प्रतिबंधित कर दिया गया है। साथ ही संबंधित निविदा भी निरस्त कर दी गई है।
शिकायतकर्ता अधिवक्ता अरुण चौरसिया ने मुख्यमंत्री से एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। उन्होंने अनुभव प्रमाणपत्र जारी करने वाले अधिकारी पर विभागीय कार्रवाई की भी मांग की। ठेकेदार की धरोहर राशि जब्त करने और पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने की भी मांग की गई है। यह मामला आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायत से शुरू हुआ था।
नगर पंचायत इल्तिफातगंज ने 3 फरवरी 2026 को ई-निविदा जारी की थी। यह पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर विकास योजना के तहत थी। कार्य संख्या-02 बेलमऊ तिराहा से दुर्गा विसर्जन घाट तक रिटेनिंग वॉल एवं सीसी रोड निर्माण का था। इसकी अनुमानित लागत 83.86 लाख रुपये थी। अपर जिलाधिकारी न्यायिक की जांच में इसमें अनियमितता पाई गई। निविदा की शर्तों के अनुसार बोलीदाता के पास कम से कम 28 लाख रुपये के समान कार्य का अनुभव होना आवश्यक था। ठेकेदार रामअचल ने नगर पंचायत जहांगीरगंज से जारी अनुभव प्रमाणपत्र में हेरफेर किया। उन्होंने लगभग 16.01 लाख रुपये के कार्य को 30.32 लाख रुपये दर्शाया था। जांच रिपोर्ट में इसे गंभीर अनियमितता माना गया। पूरी निविदा प्रक्रिया को त्रुटिपूर्ण बताया गया।
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कार्रवाई और प्रतिबंध
तत्कालीन जिलाधिकारी के निर्देश पर निविदा निरस्त कर पुनः निविदा आमंत्रित की गई। वरिष्ठ कोषाधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में निविदा शर्तों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि गलत दस्तावेज प्रस्तुत करने पर बोलीदाता को एक वर्ष तक वंचित किया जा सकता है। अधिशासी अधिकारी अजीत कुमार बागी ने बताया कि 15 जुलाई 2026 से ठेकेदार रामअचल को प्रतिबंधित किया गया है। वह नगर पंचायत इल्तिफातगंज की किसी भी निविदा में आगामी एक वर्ष तक भाग नहीं ले सकेंगे।
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शिकायतकर्ता अधिवक्ता अरुण चौरसिया ने मुख्यमंत्री से एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। उन्होंने अनुभव प्रमाणपत्र जारी करने वाले अधिकारी पर विभागीय कार्रवाई की भी मांग की। ठेकेदार की धरोहर राशि जब्त करने और पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने की भी मांग की गई है। यह मामला आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायत से शुरू हुआ था।
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नगर पंचायत इल्तिफातगंज ने 3 फरवरी 2026 को ई-निविदा जारी की थी। यह पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर विकास योजना के तहत थी। कार्य संख्या-02 बेलमऊ तिराहा से दुर्गा विसर्जन घाट तक रिटेनिंग वॉल एवं सीसी रोड निर्माण का था। इसकी अनुमानित लागत 83.86 लाख रुपये थी। अपर जिलाधिकारी न्यायिक की जांच में इसमें अनियमितता पाई गई। निविदा की शर्तों के अनुसार बोलीदाता के पास कम से कम 28 लाख रुपये के समान कार्य का अनुभव होना आवश्यक था। ठेकेदार रामअचल ने नगर पंचायत जहांगीरगंज से जारी अनुभव प्रमाणपत्र में हेरफेर किया। उन्होंने लगभग 16.01 लाख रुपये के कार्य को 30.32 लाख रुपये दर्शाया था। जांच रिपोर्ट में इसे गंभीर अनियमितता माना गया। पूरी निविदा प्रक्रिया को त्रुटिपूर्ण बताया गया।
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कार्रवाई और प्रतिबंध
तत्कालीन जिलाधिकारी के निर्देश पर निविदा निरस्त कर पुनः निविदा आमंत्रित की गई। वरिष्ठ कोषाधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में निविदा शर्तों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि गलत दस्तावेज प्रस्तुत करने पर बोलीदाता को एक वर्ष तक वंचित किया जा सकता है। अधिशासी अधिकारी अजीत कुमार बागी ने बताया कि 15 जुलाई 2026 से ठेकेदार रामअचल को प्रतिबंधित किया गया है। वह नगर पंचायत इल्तिफातगंज की किसी भी निविदा में आगामी एक वर्ष तक भाग नहीं ले सकेंगे।