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Ambedkar Nagar News: महिला बंदियों को मिलेगा हुनर, बनेंगी आत्मनिर्भर
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अंबेडकरनगर। विभिन्न मामलों में जेल में निरुद्ध महिला बंदियों को अब प्रशासन व्यावसायिक हुनर मुहैया कराएगा। महिलाएं इस हुनर का प्रयोग कर आत्मनिर्भर बन सकेंगी। जेल में निरुद्ध महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए 35 दिनों का ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण बड़ौदा स्वरोजगार विकास संस्थान (आरसेटी) की ओर से दिया जाएगा।
सीडीओ आनंद शुक्ला ने बृहस्पतिवार को प्रशिक्षण का शुभारंभ किया। अभी तक जेल में महिला बंदियों के लिए इस तरह का कोई प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं चल रहा है। डीएम के निरीक्षण के बाद महिला बंदियों को प्रशिक्षण दिलाए जाने के निर्देश दिए गए थे। इसमें प्रशिक्षक की ओर बंदियों को ब्यूटी पार्लर से संबंधित विभिन्न गुर सिखाएं जाएंगे। वहीं, कारागार से बाहर निकलने पर उनके पास कमाई का जरिया होगा जो उन्हें रोजगार से जोड़ेगा और महिलाएं अपने पारिवारिक जीवन को खुशहाल बना पाएंगी।
संस्थान निदेशक राजेश कुमार ने बताया कि कारागार में बड़ौदा आरसेटी की ओर से महिला बंदियों को 35 दिवस तक ब्यूटी पार्लर प्रबंधन से संबंधित विभिन्न जानकारियां प्रदान की जाएंगी। सीडीओ ने महिला बंदियों से अपने जीवन में निरंतर आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर उन्हें एनआरएलएम की योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई, ताकि रिहाई के बाद महिला बंदी अपना जीवन यापन सुचारू रूप से चला सकें। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से महिला बंदियों को आत्मनिर्भर बनने व समाज की मुख्यधारा से जुड़ने में सहायता मिलेगी। सीएम युवा उद्यमी अभियान और संस्थान की ओर चलाए जा रहे निशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी गई। इस दौरान जेल अधीक्षक शिवमूरत सिंह, जेलर विजय लक्ष्मी सिंह, डिप्टी जेलर सूर्यभान सरोज, डिप्टी जेलर शीतल जायसवाल व अन्य मौजूद रहे।
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सीडीओ आनंद शुक्ला ने बृहस्पतिवार को प्रशिक्षण का शुभारंभ किया। अभी तक जेल में महिला बंदियों के लिए इस तरह का कोई प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं चल रहा है। डीएम के निरीक्षण के बाद महिला बंदियों को प्रशिक्षण दिलाए जाने के निर्देश दिए गए थे। इसमें प्रशिक्षक की ओर बंदियों को ब्यूटी पार्लर से संबंधित विभिन्न गुर सिखाएं जाएंगे। वहीं, कारागार से बाहर निकलने पर उनके पास कमाई का जरिया होगा जो उन्हें रोजगार से जोड़ेगा और महिलाएं अपने पारिवारिक जीवन को खुशहाल बना पाएंगी।
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संस्थान निदेशक राजेश कुमार ने बताया कि कारागार में बड़ौदा आरसेटी की ओर से महिला बंदियों को 35 दिवस तक ब्यूटी पार्लर प्रबंधन से संबंधित विभिन्न जानकारियां प्रदान की जाएंगी। सीडीओ ने महिला बंदियों से अपने जीवन में निरंतर आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर उन्हें एनआरएलएम की योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई, ताकि रिहाई के बाद महिला बंदी अपना जीवन यापन सुचारू रूप से चला सकें। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से महिला बंदियों को आत्मनिर्भर बनने व समाज की मुख्यधारा से जुड़ने में सहायता मिलेगी। सीएम युवा उद्यमी अभियान और संस्थान की ओर चलाए जा रहे निशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी गई। इस दौरान जेल अधीक्षक शिवमूरत सिंह, जेलर विजय लक्ष्मी सिंह, डिप्टी जेलर सूर्यभान सरोज, डिप्टी जेलर शीतल जायसवाल व अन्य मौजूद रहे।