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Ambedkar Nagar News: गांवों में बस संचालन के लिए सिर्फ एक आवेदन
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Mon, 30 Mar 2026 01:42 AM IST
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अंबेडकरनगर। ग्रामीण इलाकों से जिला मुख्यालय के लिए बसें चलाने को शुरू की गई अनुबंध योजना विभागीय अनदेखी और प्रचार प्रसार के अभाव में दम तोड़ रही है। इसके लिए विभाग ने विज्ञप्ति जारी कर आवेदन मांगे लेकिन एक सप्ताह की मियाद पूरी होने के बाद भी सिर्फ एक ही आवेदन आ सका।
परिवहन निगम ने गांवों का सफर सुरक्षित बनाने के लिए यह महत्वाकांक्षी योजना शुरू की थी। इसके तहत 28 मार्च तक आवेदन मांगे गए थे। डीएम की अध्यक्षता में गठित चार सदस्यीय समिति को प्रस्तावित रूटों पर अंतिम मुहर लगानी थी। इसमें 15 से 28 सीट वाली बसों को अनुबंधित किया जाना था। इसके लिए बस मालिक को 2000 रुपये आवेदन शुल्क, 5000 रुपये सिक्योरिटी मनी जमा करनी थी। किसी भी रूट पर बस चलाने के लिए आरटीओ कार्यालय से परमिट लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बस की पूरी कमाई वाहन स्वामी ही रखेगा।
एक बस दिनभर में कम से कम दो फेरे लगाएगी, जबकि दो से अधिक फेरे लगाने पर कोई रोक नहीं है। जिले में सैकड़ों निजी बसें संचालित होने के बावजूद सिर्फ एक ही आवेदन आ सका है। ऐसे में यह महत्वाकांक्षी योजना प्रभावी नहीं हो सकी है। एआरएम हरिओम श्रीवास्तव ने बताया कि अब तक ब्लॉक जहांगीरगंज से सिर्फ एक आवेदन मिला है। अभी तक किसी ने शुल्क जमा नहीं किया है।
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परिवहन निगम ने गांवों का सफर सुरक्षित बनाने के लिए यह महत्वाकांक्षी योजना शुरू की थी। इसके तहत 28 मार्च तक आवेदन मांगे गए थे। डीएम की अध्यक्षता में गठित चार सदस्यीय समिति को प्रस्तावित रूटों पर अंतिम मुहर लगानी थी। इसमें 15 से 28 सीट वाली बसों को अनुबंधित किया जाना था। इसके लिए बस मालिक को 2000 रुपये आवेदन शुल्क, 5000 रुपये सिक्योरिटी मनी जमा करनी थी। किसी भी रूट पर बस चलाने के लिए आरटीओ कार्यालय से परमिट लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बस की पूरी कमाई वाहन स्वामी ही रखेगा।
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एक बस दिनभर में कम से कम दो फेरे लगाएगी, जबकि दो से अधिक फेरे लगाने पर कोई रोक नहीं है। जिले में सैकड़ों निजी बसें संचालित होने के बावजूद सिर्फ एक ही आवेदन आ सका है। ऐसे में यह महत्वाकांक्षी योजना प्रभावी नहीं हो सकी है। एआरएम हरिओम श्रीवास्तव ने बताया कि अब तक ब्लॉक जहांगीरगंज से सिर्फ एक आवेदन मिला है। अभी तक किसी ने शुल्क जमा नहीं किया है।