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Ambedkar Nagar News: स्कूलों के कार्यों पर रहेगी अभिभावकों की भी नजर
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बीएसए कार्यालय।-संवाद
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अंबेडकरनगर। जिले के सरकारी स्कूलों में विकास कार्यों और उपलब्ध संसाधनों के इस्तेमाल की प्राथमिकता अब विभाग ही नहीं, अभिभावक भी तय करेंगे। एक नवंबर से परिषदीय और पीएमश्री विद्यालयों में नई विद्यालय प्रबंधन समिति के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी। यह समिति स्कूलों की व्यवस्थाओं पर भी नजर रखेगी।
नई एसएमसी में कुल 15 सदस्य शामिल होंगे। इनमें से 11 विद्यार्थी-अभिभावक रहेंगे। समिति में महिलाओं की 50 फीसदी भागीदारी अनिवार्य की गई है। प्रत्येक कक्षा का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चयन अभिभावकों में से होगा। इनमें से एक पद महिला के लिए आरक्षित रहेगा। समिति में एएनएम और लेखपाल को भी सदस्य बनाया जाएगा। प्रधानाध्यापक समिति के सचिव की जिम्मेदारी संभालेंगे।
जिले के 1591 परिषदीय और 20 पीएमश्री विद्यालयों में एसएमसी के नाम से संयुक्त बचत खाते खोले जाएंगे। इन खातों का संचालन समिति अध्यक्ष और प्रधानाध्यापक के संयुक्त हस्ताक्षर से होगा। समग्र शिक्षा के तहत मिलने वाली अनुदान राशि इन्हीं खातों में भेजी जाएगी। इससे स्कूलों को छोटे-बड़े रखरखाव, मरम्मत और अन्य स्वीकृत कार्यों के लिए अलग-अलग बजट का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
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नई एसएमसी सिर्फ कागजों पर समिति बनकर नहीं रहेगी, बल्कि विद्यालय की व्यवस्थाओं पर भी नजर रखेगी। समिति स्कूल में नामांकन बढ़ाने और बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करेगी। शिक्षकों की मौजूदगी और मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता की भी निगरानी की जाएगी। आधारभूत सुविधाओं के साथ विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करने पर ध्यान दिया जाएगा। अनुदान राशि के सही इस्तेमाल पर भी समिति नजर रखेगी।
g खुली बैठक में होगा चयन : बीएसए डॉ. पूनम मिश्रा ने कहा कि नई समिति का चयन एक नवंबर से खुली बैठक में सर्वसम्मति से होगा। नवगठित समिति बच्चों के नामांकन, शिक्षकों की उपस्थिति व भोजन की गुणवत्ता सुधारने में अहम भूमिका निभाएगी।
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नई एसएमसी में कुल 15 सदस्य शामिल होंगे। इनमें से 11 विद्यार्थी-अभिभावक रहेंगे। समिति में महिलाओं की 50 फीसदी भागीदारी अनिवार्य की गई है। प्रत्येक कक्षा का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चयन अभिभावकों में से होगा। इनमें से एक पद महिला के लिए आरक्षित रहेगा। समिति में एएनएम और लेखपाल को भी सदस्य बनाया जाएगा। प्रधानाध्यापक समिति के सचिव की जिम्मेदारी संभालेंगे।
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जिले के 1591 परिषदीय और 20 पीएमश्री विद्यालयों में एसएमसी के नाम से संयुक्त बचत खाते खोले जाएंगे। इन खातों का संचालन समिति अध्यक्ष और प्रधानाध्यापक के संयुक्त हस्ताक्षर से होगा। समग्र शिक्षा के तहत मिलने वाली अनुदान राशि इन्हीं खातों में भेजी जाएगी। इससे स्कूलों को छोटे-बड़े रखरखाव, मरम्मत और अन्य स्वीकृत कार्यों के लिए अलग-अलग बजट का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
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नई एसएमसी सिर्फ कागजों पर समिति बनकर नहीं रहेगी, बल्कि विद्यालय की व्यवस्थाओं पर भी नजर रखेगी। समिति स्कूल में नामांकन बढ़ाने और बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करेगी। शिक्षकों की मौजूदगी और मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता की भी निगरानी की जाएगी। आधारभूत सुविधाओं के साथ विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करने पर ध्यान दिया जाएगा। अनुदान राशि के सही इस्तेमाल पर भी समिति नजर रखेगी।
g खुली बैठक में होगा चयन : बीएसए डॉ. पूनम मिश्रा ने कहा कि नई समिति का चयन एक नवंबर से खुली बैठक में सर्वसम्मति से होगा। नवगठित समिति बच्चों के नामांकन, शिक्षकों की उपस्थिति व भोजन की गुणवत्ता सुधारने में अहम भूमिका निभाएगी।