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Amethi News: प्रतिमा हटाने पर बवाल, पथराव में चार पुलिसकर्मी घायल
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sun, 12 Apr 2026 12:36 AM IST
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सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट।
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अमेठी सिटी। रामगंज के नरहरपुर गांव में शनिवार को ग्राम समाज की सुरक्षित भूमि पर डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों ने विरोध करते हुए पथराव कर दिया, जिससे स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई। इस दौरान प्रभारी निरीक्षक सहित चार पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि कई ग्रामीणों को भी चोटें आईं। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
नरहरपुर गांव में करीब पांच बिस्वा भूमि सुरक्षित खाते में दर्ज है, जिसका उपयोग पशु शव निस्तारण के लिए किया जाता है। आरोप है कि कुछ लोगों ने इस भूमि पर कब्जे की नीयत से पहले मिट्टी डालकर चबूतरा तैयार किया और उस पर डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कर दी। ग्रामीणों की शिकायत पर नायब तहसीलदार अजय सिंह राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पैमाइश कराई। जांच में भूमि सुरक्षित पाई गई, जिसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करते हुए चबूतरा हटवा दिया गया और रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई।
शनिवार को दोबारा कुछ लोगों ने उसी स्थान पर चबूतरा बनाकर प्रतिमा स्थापित कर दी। सूचना मिलने पर प्रभारी निरीक्षक कृष्ण मोहन सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जेसीबी से चबूतरा हटवा दिया। प्रतिमा को सम्मानपूर्वक सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया गया। हालांकि पुलिस टीम के लौटते ही कुछ लोगों ने फिर से उसी स्थान पर प्रतिमा स्थापित कर दी।
इसके बाद एसडीएम अमेठी आशीष सिंह के नेतृत्व में रामगंज, पीपरपुर और संग्रामपुर थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। प्रशासन की ओर प्रतिमा हटाने की कार्रवाई शुरू होते ही भीड़ उग्र हो गई और विरोध करते हुए पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए हमले में प्रभारी निरीक्षक कृष्ण मोहन सिंह, चौकी प्रभारी विकास कुमार, महिला कांस्टेबल किरन सहित चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। सभी घायलों का मेडिकल परीक्षण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भादर में कराया गया। कई ग्रामीणों को भी चोटें आईं।
स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और भीड़ को तितर-बितर कर हालात पर नियंत्रण पाया। 15 लोगों हिरासत में लिया गया है। पूरे गांव में एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की चर्चा है।
एसडीएम आशीष सिंह ने बताया कि ग्राम समाज की सुरक्षित भूमि पर अवैध रूप से चबूतरा बनाए जाने की शिकायत मिली थी। पुलिस बल के साथ पहुंची राजस्व टीम ने चबूतरा हटवा दिया। प्रतिमा को सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया गया है।
मौजूदा और पूर्व प्रधान की भूमिका संदिग्ध
ग्रामीणों के अनुसार सुरक्षित भूमि पर निर्माण कराए जाने में मौजूदा व पूर्व प्रधान की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। पूर्व प्रधान रीना कोरी ने आरोप लगाया कि प्रतिमा स्थापना के लिए दिए गए पत्र पर उनके ससुर के फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। उन्होंने मामले से अपना कोई संबंध न होने की बात कहते हुए पुलिस को सूचना देने की जानकारी दी है।
22 मार्च को हुई थी बैठक
गांव में 22 मार्च को आंबेडकर प्रतिमा की स्थापना को लेकर बैठक हुई थी, जिसमें कुछ ग्रामीणों ने सहमति जताई थी। तहसील स्तर की जांच टीम ने इसे मान्य नहीं माना।
रिपोर्ट दर्ज, जांच शुरू
एसपी सरवण टी ने बताया कि मामले में 14 नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। 14 लोगों को हिरासत में लिया गया है। गांव में एहतियातन फोर्स तैनात की गई है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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नरहरपुर गांव में करीब पांच बिस्वा भूमि सुरक्षित खाते में दर्ज है, जिसका उपयोग पशु शव निस्तारण के लिए किया जाता है। आरोप है कि कुछ लोगों ने इस भूमि पर कब्जे की नीयत से पहले मिट्टी डालकर चबूतरा तैयार किया और उस पर डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कर दी। ग्रामीणों की शिकायत पर नायब तहसीलदार अजय सिंह राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पैमाइश कराई। जांच में भूमि सुरक्षित पाई गई, जिसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करते हुए चबूतरा हटवा दिया गया और रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई।
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शनिवार को दोबारा कुछ लोगों ने उसी स्थान पर चबूतरा बनाकर प्रतिमा स्थापित कर दी। सूचना मिलने पर प्रभारी निरीक्षक कृष्ण मोहन सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जेसीबी से चबूतरा हटवा दिया। प्रतिमा को सम्मानपूर्वक सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया गया। हालांकि पुलिस टीम के लौटते ही कुछ लोगों ने फिर से उसी स्थान पर प्रतिमा स्थापित कर दी।
इसके बाद एसडीएम अमेठी आशीष सिंह के नेतृत्व में रामगंज, पीपरपुर और संग्रामपुर थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। प्रशासन की ओर प्रतिमा हटाने की कार्रवाई शुरू होते ही भीड़ उग्र हो गई और विरोध करते हुए पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए हमले में प्रभारी निरीक्षक कृष्ण मोहन सिंह, चौकी प्रभारी विकास कुमार, महिला कांस्टेबल किरन सहित चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। सभी घायलों का मेडिकल परीक्षण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भादर में कराया गया। कई ग्रामीणों को भी चोटें आईं।
स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और भीड़ को तितर-बितर कर हालात पर नियंत्रण पाया। 15 लोगों हिरासत में लिया गया है। पूरे गांव में एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की चर्चा है।
एसडीएम आशीष सिंह ने बताया कि ग्राम समाज की सुरक्षित भूमि पर अवैध रूप से चबूतरा बनाए जाने की शिकायत मिली थी। पुलिस बल के साथ पहुंची राजस्व टीम ने चबूतरा हटवा दिया। प्रतिमा को सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया गया है।
मौजूदा और पूर्व प्रधान की भूमिका संदिग्ध
ग्रामीणों के अनुसार सुरक्षित भूमि पर निर्माण कराए जाने में मौजूदा व पूर्व प्रधान की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। पूर्व प्रधान रीना कोरी ने आरोप लगाया कि प्रतिमा स्थापना के लिए दिए गए पत्र पर उनके ससुर के फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। उन्होंने मामले से अपना कोई संबंध न होने की बात कहते हुए पुलिस को सूचना देने की जानकारी दी है।
22 मार्च को हुई थी बैठक
गांव में 22 मार्च को आंबेडकर प्रतिमा की स्थापना को लेकर बैठक हुई थी, जिसमें कुछ ग्रामीणों ने सहमति जताई थी। तहसील स्तर की जांच टीम ने इसे मान्य नहीं माना।
रिपोर्ट दर्ज, जांच शुरू
एसपी सरवण टी ने बताया कि मामले में 14 नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। 14 लोगों को हिरासत में लिया गया है। गांव में एहतियातन फोर्स तैनात की गई है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।