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Amethi News: मार्च में सुबह जनवरी जैसा कोहरा, दोपहर में बढ़ी तपिश
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Thu, 12 Mar 2026 12:45 AM IST
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अमेठी सिटी। मार्च के महीने में मौसम का अचानक बदला मिजाज बुधवार तड़के लोगों के लिए हैरानी का कारण बन गया। सुबह के समय ग्रामीण इलाकों में जनवरी जैसा कोहरा छाने से लोगों को ठंडक और धुंध का अहसास हुआ। हालांकि कुछ ही देर बाद सूरज निकलने के साथ ही कोहरा भी छट गया और दोपहर होते-होते धूप की तेज तपिश ने लोगों को परेशान कर दिया। मौसम के मिजाज में आ रहे इस बदलाव से लोगों की सेहत भी बिगड़ने लगी है। जिससे ओपीडी में बुखार, जुकाम व पेट दर्द के मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. अमर नाथ मिश्र के अनुसार पिछले कुछ दिनों से तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। रात के समय तापमान में आई तेज गिरावट के कारण वातावरण में नमी बढ़ गई, जिसकी वजह से मंगलवार तड़के कोहरा छा गया। सुबह के समय नमी और हल्की ठंडक के कारण धुंध की स्थिति बन गई थी। हालांकि सूरज निकलने के बाद तापमान तेजी से बढ़ने लगा और दोपहर तक मौसम पूरी तरह साफ हो गया।
मौसम में इस तरह का अचानक बदलाव किसानों के लिए चिंता का विषय बन सकता है। अगर अगले दो-तीन दिनों तक इसी तरह सुबह के समय कोहरा या अधिक नमी बनी रहती है तो इसका असर गेहूं की फसल पर पड़ सकता है। खेतों में नमी बढ़ने से गेहूं की बालियों में फंगस या अन्य रोग लगने की संभावना बढ़ जाती है।
मौसम में बदलाव के साथ ही बुखार, जुकाम संग पेट संबंधी बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में ऐसे रोगियों की भीड़ रही। हाल यह रहा कि परचा काउंटर से लेकर दवा लेने तक मरीजों को परेशानी हुई। ओपीडी कक्षों के बाहर मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ा।
जिला अस्पताल के बाल रोग विभाग के चिकित्सक डॉ. लईक उज जमा ने बताया कि ज्यादातर बच्चे जुकाम, बुखार व खांसी से पीड़ित हो रहे हैं। कहा कि यह बदलता मौसम बच्चों का हाजमा बिगाड़ रहा है। इस लिए अभिभावक सतर्कता बरते। मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण ओपीडी में लंबी कतारें लगी रहीं। मरीजों को बारी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। चिकित्सक डॉ. अमित यादव ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। दिन में गर्मी और रात में हल्की ठंडक के कारण लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
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कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. अमर नाथ मिश्र के अनुसार पिछले कुछ दिनों से तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। रात के समय तापमान में आई तेज गिरावट के कारण वातावरण में नमी बढ़ गई, जिसकी वजह से मंगलवार तड़के कोहरा छा गया। सुबह के समय नमी और हल्की ठंडक के कारण धुंध की स्थिति बन गई थी। हालांकि सूरज निकलने के बाद तापमान तेजी से बढ़ने लगा और दोपहर तक मौसम पूरी तरह साफ हो गया।
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मौसम में इस तरह का अचानक बदलाव किसानों के लिए चिंता का विषय बन सकता है। अगर अगले दो-तीन दिनों तक इसी तरह सुबह के समय कोहरा या अधिक नमी बनी रहती है तो इसका असर गेहूं की फसल पर पड़ सकता है। खेतों में नमी बढ़ने से गेहूं की बालियों में फंगस या अन्य रोग लगने की संभावना बढ़ जाती है।
मौसम में बदलाव के साथ ही बुखार, जुकाम संग पेट संबंधी बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में ऐसे रोगियों की भीड़ रही। हाल यह रहा कि परचा काउंटर से लेकर दवा लेने तक मरीजों को परेशानी हुई। ओपीडी कक्षों के बाहर मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ा।
जिला अस्पताल के बाल रोग विभाग के चिकित्सक डॉ. लईक उज जमा ने बताया कि ज्यादातर बच्चे जुकाम, बुखार व खांसी से पीड़ित हो रहे हैं। कहा कि यह बदलता मौसम बच्चों का हाजमा बिगाड़ रहा है। इस लिए अभिभावक सतर्कता बरते। मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण ओपीडी में लंबी कतारें लगी रहीं। मरीजों को बारी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। चिकित्सक डॉ. अमित यादव ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। दिन में गर्मी और रात में हल्की ठंडक के कारण लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।