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Amethi News: तीन दिन में दस गुना बढ़ी इंडेक्शन चूल्हे की खरीद
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Thu, 12 Mar 2026 12:43 AM IST
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अमेठी सिटी। घरेलू सिलिंडरों की सप्लाई में अड़ंगा लगने से अस्पतालों, परिषदीय व कस्तूरबा विद्यालय, ढाबा, रेस्टोरेंट संग घरों में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। परेशानी से बचने के लिए लोगों ने इंडक्शन खरीदना शुरू कर दिया है। इसके चलते ही बीते तीन दिनों में इसकी बिक्री में 10 गुना तक उछाल आया है।
शहर में कई परिवार अस्थायी समाधान के तौर पर इंडक्शन का सहारा ले रहे हैं, ताकि घर में खाना बनाने में दिक्कत न हो। इलेक्ट्रॉनिक सामान के दुकानदार सूरज ने बताया कि पहले उनके यहां प्रतिदिन दो से तीन इंडक्शन ही बिकते थे, लेकिन पिछले दो दिनों से लगातार लोग इसकी खरीदारी कर रहे हैं। अब प्रतिदिन करीब 30 से 40 इंडेक्शन की बिक्री हो रही है।
बुधवार को जिला अस्पताल में मरीजों को भोजन आपूर्ति करने वाली सुमित्रा सिंह ने बताया कि व्यावसायिक व घरेलू गैस सिलिंडर मिलने में दिक्कत आ रही है। करीब 60 से 70 मरीजों को दो समय का खाना बनाकर देना होता है। वहीं बाजारशुकुल ब्लॉक में संचालित 114 परिषदीय विद्यालय के सापेक्ष आधे से अधिक विद्यालयों में सिलिंडरों में गैस खत्म होने के बाद लकड़ी के चूल्हे पर एमडीएम बन रहा है।
गौरीगंज निवासी ढाबा संचालक सौरभ मिश्र और पप्पू ऊर्फ दीपक पांडेय ने बताया कि गैस सिलिंडर नहीं मिला। कहा कि अगर यही हालात रहे तो या तो व्यापार बंद करना पड़ेगा या लकड़ी व कोयला की भट्ठी का इंतजाम करवाना पड़ेगा। खाद्य सुरक्षा अधिकारी सतीश कुमार शुक्ल ने बताया कि जिले में छोटे-बड़े 6000 से अधिक खाद्य पदार्थों के व्यवसायी हैं। वहीं ढाबा, होटल, रेस्टोरेंट 1500 तो 25 हजार से अधिक ठेला करोबारी होने का अनुमान है, जो गैस सिलिंडर का उपयोग करते हैं।
बीएसए बोले, अभी तक नहीं मिली शिकायत
बीएसए संजय तिवारी ने बताया कि जिले में 1570 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। सभी विद्यालयों में एमडीएम गैस सिलिंडर पर बन रहा है। बताया कि गैस सिंलिंडर की उपलब्धता को लेकर डीएसओ से बात की गई है। कहा कि कस्तूरबा संग अन्य विद्यालयों में दिक्कत नहीं आएगी। अभी तक गैस सिलिंडर की किल्लत की कोई शिकायत नहीं मिली है।
चार हजार से अधिक वैवाहिक व अन्य आयोजन
स्वामी राघवेंद्राचार्य, भागवताचार्य श्रीमहराज, पंडित मिथिलेश शास्त्री, पंडित सुभाष शांडिल्य आदि ने बताया कि वैवाहिक कार्यक्रम संग श्रीमद्भागवत, श्रीराम कथा, तिलक, शिव पुराण, यज्ञ अनुष्ठान संग अन्य कार्यक्रम हो रहे हैं। जिले में 4000 से अधिक वैवाहिक व अन्य आयोजन होने का अनुमान है। इस स्थिति में कॉमर्शियल गैस सिलिंडर नहीं मिलने से परेशानी बढ़ सकती है। कैटरिंग करोबारी कल्लू अग्रहरि, अंकित मोदनवाल आदि ने बताया कि सिलिंडर नहीं मिल पाने से भट्ठी लगाना पड़ रही है।
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शहर में कई परिवार अस्थायी समाधान के तौर पर इंडक्शन का सहारा ले रहे हैं, ताकि घर में खाना बनाने में दिक्कत न हो। इलेक्ट्रॉनिक सामान के दुकानदार सूरज ने बताया कि पहले उनके यहां प्रतिदिन दो से तीन इंडक्शन ही बिकते थे, लेकिन पिछले दो दिनों से लगातार लोग इसकी खरीदारी कर रहे हैं। अब प्रतिदिन करीब 30 से 40 इंडेक्शन की बिक्री हो रही है।
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बुधवार को जिला अस्पताल में मरीजों को भोजन आपूर्ति करने वाली सुमित्रा सिंह ने बताया कि व्यावसायिक व घरेलू गैस सिलिंडर मिलने में दिक्कत आ रही है। करीब 60 से 70 मरीजों को दो समय का खाना बनाकर देना होता है। वहीं बाजारशुकुल ब्लॉक में संचालित 114 परिषदीय विद्यालय के सापेक्ष आधे से अधिक विद्यालयों में सिलिंडरों में गैस खत्म होने के बाद लकड़ी के चूल्हे पर एमडीएम बन रहा है।
गौरीगंज निवासी ढाबा संचालक सौरभ मिश्र और पप्पू ऊर्फ दीपक पांडेय ने बताया कि गैस सिलिंडर नहीं मिला। कहा कि अगर यही हालात रहे तो या तो व्यापार बंद करना पड़ेगा या लकड़ी व कोयला की भट्ठी का इंतजाम करवाना पड़ेगा। खाद्य सुरक्षा अधिकारी सतीश कुमार शुक्ल ने बताया कि जिले में छोटे-बड़े 6000 से अधिक खाद्य पदार्थों के व्यवसायी हैं। वहीं ढाबा, होटल, रेस्टोरेंट 1500 तो 25 हजार से अधिक ठेला करोबारी होने का अनुमान है, जो गैस सिलिंडर का उपयोग करते हैं।
बीएसए बोले, अभी तक नहीं मिली शिकायत
बीएसए संजय तिवारी ने बताया कि जिले में 1570 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। सभी विद्यालयों में एमडीएम गैस सिलिंडर पर बन रहा है। बताया कि गैस सिंलिंडर की उपलब्धता को लेकर डीएसओ से बात की गई है। कहा कि कस्तूरबा संग अन्य विद्यालयों में दिक्कत नहीं आएगी। अभी तक गैस सिलिंडर की किल्लत की कोई शिकायत नहीं मिली है।
चार हजार से अधिक वैवाहिक व अन्य आयोजन
स्वामी राघवेंद्राचार्य, भागवताचार्य श्रीमहराज, पंडित मिथिलेश शास्त्री, पंडित सुभाष शांडिल्य आदि ने बताया कि वैवाहिक कार्यक्रम संग श्रीमद्भागवत, श्रीराम कथा, तिलक, शिव पुराण, यज्ञ अनुष्ठान संग अन्य कार्यक्रम हो रहे हैं। जिले में 4000 से अधिक वैवाहिक व अन्य आयोजन होने का अनुमान है। इस स्थिति में कॉमर्शियल गैस सिलिंडर नहीं मिलने से परेशानी बढ़ सकती है। कैटरिंग करोबारी कल्लू अग्रहरि, अंकित मोदनवाल आदि ने बताया कि सिलिंडर नहीं मिल पाने से भट्ठी लगाना पड़ रही है।