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Amethi News: एक साथ उठीं मां-बेटे की अर्थियां
Fri, 31 Jul 2026 12:53 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 31 Jul 2026 12:53 AM IST
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नुवावां गांव में गमगीन परिजन व ग्रामीण। स्रोत : स्थानीय
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अमेठी। नुवावा गांव से बृहस्पतिवार दोपहर मां-बेटे की अर्थियां उठीं तो चीख पुकार मच गई। सांत्वना देने पहुंचे लोग भी आंसू नहीं रोक पा रहे थे। पोस्टमार्टम के बाद मां गीता देवी (42) और उनके दिव्यांग बेटे दीपक विश्वकर्मा (23) के शव घर पहुंचे तो पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया। पति रमेश विश्वकर्मा पत्नी और बेटे के शव देखकर बिलख पड़े। बड़ा बेटा पंकज, छोटा बेटा आदर्श और विवाहित बेटी अंजली का रो-रोकर बुरा हाल था।
दरअसल, बुधवार शाम गांव के तालाब में मवेशी निकालने के दौरान दीपक गहरे पानी में डूबने लगा। बचाने के लिए गीता देवी भी तालाब में कूद पड़ीं। दोनों गहरे पानी में डूब गए। ग्रामीणों ने उन्हें किसी तरह बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। बृहस्पतिवार को गांव से दोनों की अंतिम यात्रा निकाली तो माहौल गमगीन हो गया। ग्रामीण बताते हैं कि गीता देवी अपना अधिकांश समय दिव्यांग बेटे दीपक की देखभाल में बिताती थीं। उसके खाने-पीने से लेकर हर छोटी-बड़ी जरूरत का ध्यान वह स्वयं रखती थीं।
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दरअसल, बुधवार शाम गांव के तालाब में मवेशी निकालने के दौरान दीपक गहरे पानी में डूबने लगा। बचाने के लिए गीता देवी भी तालाब में कूद पड़ीं। दोनों गहरे पानी में डूब गए। ग्रामीणों ने उन्हें किसी तरह बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। बृहस्पतिवार को गांव से दोनों की अंतिम यात्रा निकाली तो माहौल गमगीन हो गया। ग्रामीण बताते हैं कि गीता देवी अपना अधिकांश समय दिव्यांग बेटे दीपक की देखभाल में बिताती थीं। उसके खाने-पीने से लेकर हर छोटी-बड़ी जरूरत का ध्यान वह स्वयं रखती थीं।
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