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Amroha News: जिले के 800 से ज्यादा स्कूलों में नहीं हुआ नामांकन, स्पष्टीकरण तलब
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अमरोहा। नए शैक्षिक सत्र में स्कूल चलो अभियान के बावजूद बड़ी लापरवाही सामने आई है। जिले के करीब 800 से ज्यादा परिषदीय विद्यालयों में अब तक एक भी नए छात्र का नामांकन नहीं हो सका है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए बीएसए ने संबंधित प्रधानाध्यापकों का स्पष्टीकरण तलब किया है। साथ ही एक सप्ताह के भीतर नामांकन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
दरअसल, एक अप्रैल से शुरू हुए नए सत्र में विभाग द्वारा स्कूल चलो अभियान के तहत गांव-गांव रैलियां निकालकर अभिभावकों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए थे। शिक्षकों को यह जिम्मेदारी दी गई थी कि वह नए बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करें और उसकी रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करें। बावजूद इसके, बड़ी संख्या में विद्यालयों में नामांकन शून्य पाया गया, जिससे विभागीय दावों की पोल खुल गई है। जिले में कुल 1266 से अधिक प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं, जिनमें लगभग एक लाख छात्र पहले से पंजीकृत हैं। लेकिन नए सत्र में अपेक्षित प्रगति नहीं हो सकी है।
जिला समन्वयक प्रशांत कुमार ने बताया कि पोर्टल पर समीक्षा के दौरान यह स्थिति सामने आई, जिसके बाद संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। नामांकन बढ़ाने के लिए शिक्षकों को गांव-गांव जाकर बाल गणना करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके तहत छह से 14 वर्ष तक के बच्चों की सूची तैयार की जा रही है, ताकि उन्हें विद्यालयों से जोड़ा जा सके। वहीं आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से तीन से छह वर्ष तक के बच्चों का डेटा भी एकत्र किया जा रहा है। यदि निर्धारित समय में नामांकन की स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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दरअसल, एक अप्रैल से शुरू हुए नए सत्र में विभाग द्वारा स्कूल चलो अभियान के तहत गांव-गांव रैलियां निकालकर अभिभावकों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए थे। शिक्षकों को यह जिम्मेदारी दी गई थी कि वह नए बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करें और उसकी रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करें। बावजूद इसके, बड़ी संख्या में विद्यालयों में नामांकन शून्य पाया गया, जिससे विभागीय दावों की पोल खुल गई है। जिले में कुल 1266 से अधिक प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं, जिनमें लगभग एक लाख छात्र पहले से पंजीकृत हैं। लेकिन नए सत्र में अपेक्षित प्रगति नहीं हो सकी है।
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जिला समन्वयक प्रशांत कुमार ने बताया कि पोर्टल पर समीक्षा के दौरान यह स्थिति सामने आई, जिसके बाद संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। नामांकन बढ़ाने के लिए शिक्षकों को गांव-गांव जाकर बाल गणना करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके तहत छह से 14 वर्ष तक के बच्चों की सूची तैयार की जा रही है, ताकि उन्हें विद्यालयों से जोड़ा जा सके। वहीं आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से तीन से छह वर्ष तक के बच्चों का डेटा भी एकत्र किया जा रहा है। यदि निर्धारित समय में नामांकन की स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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