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Auraiya News: बेला उप डाकघर गबन मामले में खंगाले गए 900 खाते, जांच जारी
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Wed, 11 Mar 2026 11:56 PM IST
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औरैया। जनपद के बेला स्थित उप डाकघर में वर्ष 2020 में सामने आए गबन प्रकरण की दोबारा जांच चल रही है।
अभी तक 900 खातों की जांच की जा चुकी है, जिसमें कुछ भी गलत नहीं पाया गया है, पर अभी इससे कई गुना खाते खंगाले जाने हैं। उप डाकघर की ओर से लगातार उपभोक्ताओं से अपील की जा रही है कि वे अपनी पासबुक लेकर आएं। इधर, अभी तक तत्कालीन पोस्ट मास्टर के विरुद्ध एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है।
वर्ष 2021 में यह मामला उस समय सामने आया था, जब उप डाकघर के सॉफ्टवेयर में दर्ज रकम और वास्तविक जमा राशि का मिलान किया गया। जांच में पाया गया था कि वर्ष 2020 में ग्राहकों की पासबुक में 1.03 लाख रुपये जमा दर्ज थे, लेकिन यह रकम उप डाकघर के खाते में नहीं मिली। 2021 में की गई जांच के आधार पर तत्कालीन पोस्टमास्टर को निलंबित कर दिया गया था, हालांकि बाद में वह बहाल हो गए।
विभागीय समीक्षा हुई तो पहली जांच को संतोषजनक नहीं माना गया और छह साल बाद दोबारा जांच के आदेश दिए गए। साथ ही तत्कालीन पोस्टमास्टर के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए गए। चार सदस्यीय कमेटी अब डाकघर के खातों की जांच में जुटी है।
डाकघर निरीक्षक दिबियापुर आशीष सिंह चौहान की अध्यक्षता में बनी कमेटी अभी तक 900 खातों की जांच कर चुकी है, जबकि डाकघर में 12 हजार उपभोक्ता हैं। आशीष सिंह चौहान ने बताया कि अभी तक कोई खाता संदिग्ध नहीं मिला है। एफआईआर के संबंध में दोबारा से पत्र आना था, जो अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है। जल्द ही इस पर निर्णय लिया जाएगा।
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अभी तक 900 खातों की जांच की जा चुकी है, जिसमें कुछ भी गलत नहीं पाया गया है, पर अभी इससे कई गुना खाते खंगाले जाने हैं। उप डाकघर की ओर से लगातार उपभोक्ताओं से अपील की जा रही है कि वे अपनी पासबुक लेकर आएं। इधर, अभी तक तत्कालीन पोस्ट मास्टर के विरुद्ध एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है।
वर्ष 2021 में यह मामला उस समय सामने आया था, जब उप डाकघर के सॉफ्टवेयर में दर्ज रकम और वास्तविक जमा राशि का मिलान किया गया। जांच में पाया गया था कि वर्ष 2020 में ग्राहकों की पासबुक में 1.03 लाख रुपये जमा दर्ज थे, लेकिन यह रकम उप डाकघर के खाते में नहीं मिली। 2021 में की गई जांच के आधार पर तत्कालीन पोस्टमास्टर को निलंबित कर दिया गया था, हालांकि बाद में वह बहाल हो गए।
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विभागीय समीक्षा हुई तो पहली जांच को संतोषजनक नहीं माना गया और छह साल बाद दोबारा जांच के आदेश दिए गए। साथ ही तत्कालीन पोस्टमास्टर के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए गए। चार सदस्यीय कमेटी अब डाकघर के खातों की जांच में जुटी है।
डाकघर निरीक्षक दिबियापुर आशीष सिंह चौहान की अध्यक्षता में बनी कमेटी अभी तक 900 खातों की जांच कर चुकी है, जबकि डाकघर में 12 हजार उपभोक्ता हैं। आशीष सिंह चौहान ने बताया कि अभी तक कोई खाता संदिग्ध नहीं मिला है। एफआईआर के संबंध में दोबारा से पत्र आना था, जो अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है। जल्द ही इस पर निर्णय लिया जाएगा।