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Auraiya News: ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं ने सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sat, 13 Jun 2026 12:19 AM IST
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फोटो-42-एसडीएम को ज्ञापन देते तहसील बार के पदाधिकारी।स्रोत:पदाधिकारी
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बिधूना। तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों व स्टांप विक्रेताओं ने प्रस्तावित ई-रजिस्ट्रीकरण व्यवस्था का विरोध किया। उन्होंने शुक्रवार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम निखिल राजपूत को सौंपा।
ज्ञापन में नई व्यवस्था को अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टांप विक्रेताओं के हितों के विरुद्ध बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की गई। ज्ञापन में कहा गया कि महानिरीक्षक निबंधन द्वारा जारी पत्र के अनुसार अधिकृत संस्थाओं के माध्यम से दस्तावेजों का ई-पंजीकरण एवं स्टांप शुल्क का ऑनलाइन भुगतान कराने की व्यवस्था लागू की जा रही है। अधिवक्ताओं का कहना है कि इस व्यवस्था से दस्तावेज लेखन कार्य से जुड़े हजारों लोगों की आजीविका प्रभावित होगी और बड़ी संख्या में बेरोजगारी बढ़ने की आशंका है।
पदाधिकारियों ने कहा कि अधिकृत संस्थाओं के संचालकों के पास पर्याप्त विधिक ज्ञान न होने के कारण दस्तावेजों में त्रुटियों की संभावना बढ़ जाएगी। इससे भविष्य में भूमि एवं संपत्ति संबंधी विवादों में वृद्धि हो सकती है तथा अदालतों में बोझ बढ़ेगा।
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अधिवक्ताओं ने ई-रजिस्ट्रीकरण संबंधी आदेश को वापस लेकर पूर्व की भांति रजिस्ट्रीकरण प्रक्रिया संचालित करने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष नवीन तिवारी व महामंत्री अतुल कुमार तिवारी सहित बार पदाधिकारी, अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक व स्टांप विक्रेता मौजूद रहे।
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ज्ञापन में नई व्यवस्था को अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टांप विक्रेताओं के हितों के विरुद्ध बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की गई। ज्ञापन में कहा गया कि महानिरीक्षक निबंधन द्वारा जारी पत्र के अनुसार अधिकृत संस्थाओं के माध्यम से दस्तावेजों का ई-पंजीकरण एवं स्टांप शुल्क का ऑनलाइन भुगतान कराने की व्यवस्था लागू की जा रही है। अधिवक्ताओं का कहना है कि इस व्यवस्था से दस्तावेज लेखन कार्य से जुड़े हजारों लोगों की आजीविका प्रभावित होगी और बड़ी संख्या में बेरोजगारी बढ़ने की आशंका है।
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पदाधिकारियों ने कहा कि अधिकृत संस्थाओं के संचालकों के पास पर्याप्त विधिक ज्ञान न होने के कारण दस्तावेजों में त्रुटियों की संभावना बढ़ जाएगी। इससे भविष्य में भूमि एवं संपत्ति संबंधी विवादों में वृद्धि हो सकती है तथा अदालतों में बोझ बढ़ेगा।
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अधिवक्ताओं ने ई-रजिस्ट्रीकरण संबंधी आदेश को वापस लेकर पूर्व की भांति रजिस्ट्रीकरण प्रक्रिया संचालित करने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष नवीन तिवारी व महामंत्री अतुल कुमार तिवारी सहित बार पदाधिकारी, अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक व स्टांप विक्रेता मौजूद रहे।