{"_id":"69baa49a2fa3bb8ca90af8f4","slug":"women-living-in-huts-reached-the-collectorate-auraiya-news-c-12-1-jhs1001-1459796-2026-03-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Auraiya News: झोपड़ियों में जिंदगी काट रहीं महिलाएं पहुंचीं कलक्ट्रेट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Auraiya News: झोपड़ियों में जिंदगी काट रहीं महिलाएं पहुंचीं कलक्ट्रेट
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Wed, 18 Mar 2026 07:33 PM IST
विज्ञापन
फोटो-11-डीएम को प्रार्थना पत्र देने के लिए कलक्ट्रेट में बैठीं महिलाएं।संवाद
विज्ञापन
ककोर। सहार क्षेत्र के गांव जगदीशपुर डेरा में नाथ संप्रदाय के 40-50 परिवार शौचालय व आवास के लिए भटक रहे हैं।
इस संप्रदाय की महिलाओं ने बुधवार को कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को प्रार्थना पत्र सौंपा और आवास व शौचालय की मांग की।
महिलाओं ने बताया कि गांव में करीब 40 से 50 परिवार रहते हैं। इनमें अधिकांश आज भी कच्चे घरों और झोपड़ियों में जीवन यापन कर रहे हैं।
बरसात और सर्दी के मौसम में हालात और भी बदतर हो जाते हैं। कई परिवारों के पास सिर छुपाने के लिए सुरक्षित छत तक नहीं है। बताया कि गांव में शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा का भी अभाव है। इससे खुले में शौच के लिए जाने की मजबूरी आज भी बनी हुई है।
प्रार्थना पत्र देने पहुंचीं महिलाओं में सुखदेवी, पूजा, कविता, लक्ष्मी, प्रियंका, आरती, नारायणी, रामबेटी, आशा, पूनम, उमा देवी, शिवानी और सुधा समेत 12 से अधिक महिलाएं शामिल रहीं। महिलाओं ने बताया कि कई बार स्थानीय स्तर पर अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
इस मामले में खंड विकास अधिकारी सहार राजनारायण पांडेय ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है, संबंधित कर्मचारी को मौके पर भेजकर पूरी जांच कराई जाएगी। जांच के आधार पर पात्र पाए जाने वाले परिवारों को आवास योजना का लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
Trending Videos
इस संप्रदाय की महिलाओं ने बुधवार को कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को प्रार्थना पत्र सौंपा और आवास व शौचालय की मांग की।
महिलाओं ने बताया कि गांव में करीब 40 से 50 परिवार रहते हैं। इनमें अधिकांश आज भी कच्चे घरों और झोपड़ियों में जीवन यापन कर रहे हैं।
बरसात और सर्दी के मौसम में हालात और भी बदतर हो जाते हैं। कई परिवारों के पास सिर छुपाने के लिए सुरक्षित छत तक नहीं है। बताया कि गांव में शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा का भी अभाव है। इससे खुले में शौच के लिए जाने की मजबूरी आज भी बनी हुई है।
प्रार्थना पत्र देने पहुंचीं महिलाओं में सुखदेवी, पूजा, कविता, लक्ष्मी, प्रियंका, आरती, नारायणी, रामबेटी, आशा, पूनम, उमा देवी, शिवानी और सुधा समेत 12 से अधिक महिलाएं शामिल रहीं। महिलाओं ने बताया कि कई बार स्थानीय स्तर पर अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस मामले में खंड विकास अधिकारी सहार राजनारायण पांडेय ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है, संबंधित कर्मचारी को मौके पर भेजकर पूरी जांच कराई जाएगी। जांच के आधार पर पात्र पाए जाने वाले परिवारों को आवास योजना का लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा।