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Azamgarh News: खतौनी-आधार कार्ड में नाम मिसमैच होने से नहीं बन रही फॉर्मर आईडी
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आजमगढ़। जिले में 70 हजार से ज्यादा किसान ऐसे हैं। जिनकी फॉर्मर आइडी नहीं बन पाई है। कारण कि आधार कार्ड और खतौनी में नाम मिसमैच है। जब तक राजस्व विभाग खतौनी में या किसान आधार कार्ड में नाम एक जैसा नहीं करायेंगे तब तक इनकी फॉर्मर आईडी नहीं बनेगी। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार विभाग में 8.27 लाख किसान पंजीकृत हैं। किसानों को सम्मान निधि सहित कृषि विभाग की अन्य योजनाओं का लाभ लेने के लिए फॉर्मर आईडी को अनिवार्य कर दिया गया है। उप कृषि निदेशक आशीष कुमार ने बताया कि अब तक 91.5 प्रतिशत किसानों की फॉर्मर आईडी बन गई है। जबकि अन्य किसानों की नहीं बन पाई है। जिन किसानों की फॉर्मर आईडी नहीं बन पाई है। उसकी सूची सीआरओ को भी भेजी जा चुकी है। खतौनी में नाम संशोधन की जिम्मेदारी राजस्व विभाग की है। अब छूटे किसानों को अपने लेखपाल से मिलकर खतौनी में या फिर आधार केंद्र पर जाकर आधार में नाम संशोधन कराना होगा।
उर्वरक के लिए जरूरी फॉर्मर आईडी
उप कृषि निदेशक ने बताया कि निजी या सरकारी दुकानों से उर्वरक लेने के लिए किसानों को अपनी फॉर्मर आईडी दिखानी होगी। जिन किसानों की फॉर्मर आईडी बन चुकी है, वह लेखपाल से मिलकर या जनसेवा केंद्र पर जाकर सभी खेतों के खतौनी को जुड़वा दें। जब खतौनी जुड़ी रहेगी तो रकबा के हिसाब से पर्याप्त उर्वरक मिलेगी।
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उर्वरक के लिए जरूरी फॉर्मर आईडी
उप कृषि निदेशक ने बताया कि निजी या सरकारी दुकानों से उर्वरक लेने के लिए किसानों को अपनी फॉर्मर आईडी दिखानी होगी। जिन किसानों की फॉर्मर आईडी बन चुकी है, वह लेखपाल से मिलकर या जनसेवा केंद्र पर जाकर सभी खेतों के खतौनी को जुड़वा दें। जब खतौनी जुड़ी रहेगी तो रकबा के हिसाब से पर्याप्त उर्वरक मिलेगी।
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