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Azamgarh News: 5.97 करोड़ से बिजली के 131 प्रोटेक्शन कार्य कराए जाएंगे
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आजमगढ़।
जिले में बिजली आपूर्ति को अधिक सुरक्षित और निर्बाध बनाने के लिए निगम दोनों सर्किल में 5.97 करोड़ से 131 प्रोटेक्शन कार्य कराएगा। शासन से इसकी मंजूरी मिल चुकी है। कुछ क्षेत्रों में काम भी शुरू हो चुका है। योजना के तहत पुराने और जर्जर उपकरणों को बदलने के साथ ही आवश्यक स्थानों पर नए सुरक्षा उपकरण लगाए जाएंगे। इससे फाल्ट, ट्रिपिंग और तकनीकी खराबियों में कमी आएगी और उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति मिल सकेगी। अधीक्षण अभियंता घनश्याम ने बताया कि कई फीडरों और उपकेंद्रों पर वर्षों पुराने उपकरणों के कारण आए दिन तकनीकी खराबियां सामने आती हैं। इसे देखते हुए निगम ने बड़े स्तर पर प्रोटेक्शन कार्य कराने की योजना तैयार की है। मंजूरी मिलने के बाद कुछ स्थानों पर कार्य भी शुरू करा दिए गए हैं।
ये उपकरण बदले जाएंगे
प्रोटेक्शन कार्य के तहत जर्जर तार, केबल, वैक्यूम सर्किट ब्रेकर (वीसीबी), लाइटनिंग अरेस्टर (एलए), अर्थिंग सिस्टम, सीआरपी, टेललेस यूनिट, एलटी एसीबी, आरएमयू सहित अन्य आवश्यक बिजली उपकरणों को बदला या स्थापित किया जाएगा। इन उपकरणों के लगने से बिजली लाइन और उपकेंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी। किसी भी फाल्ट की स्थिति में नुकसान सीमित रहेगा। इसका सीधा लाभ शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों उपभोक्ताओं को मिलेगा। विशेष रूप से उन इलाकों में राहत मिलेगी, जहां पुराने उपकरणों के कारण बार-बार बिजली बाधित होती है।
दोनों सर्किलों में 131 प्रोटेक्शन कार्य स्वीकृत हुए हैं। इन पर लगभग 5.97 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। काम शुरू हो चुके हैं, सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप कराए जाएंगे, जिससे बिजली व्यवस्था अधिक सुरक्षित और मजबूत बनेगी। - घनश्याम, अधीक्षण अभियंता।
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जिले में बिजली आपूर्ति को अधिक सुरक्षित और निर्बाध बनाने के लिए निगम दोनों सर्किल में 5.97 करोड़ से 131 प्रोटेक्शन कार्य कराएगा। शासन से इसकी मंजूरी मिल चुकी है। कुछ क्षेत्रों में काम भी शुरू हो चुका है। योजना के तहत पुराने और जर्जर उपकरणों को बदलने के साथ ही आवश्यक स्थानों पर नए सुरक्षा उपकरण लगाए जाएंगे। इससे फाल्ट, ट्रिपिंग और तकनीकी खराबियों में कमी आएगी और उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति मिल सकेगी। अधीक्षण अभियंता घनश्याम ने बताया कि कई फीडरों और उपकेंद्रों पर वर्षों पुराने उपकरणों के कारण आए दिन तकनीकी खराबियां सामने आती हैं। इसे देखते हुए निगम ने बड़े स्तर पर प्रोटेक्शन कार्य कराने की योजना तैयार की है। मंजूरी मिलने के बाद कुछ स्थानों पर कार्य भी शुरू करा दिए गए हैं।
ये उपकरण बदले जाएंगे
प्रोटेक्शन कार्य के तहत जर्जर तार, केबल, वैक्यूम सर्किट ब्रेकर (वीसीबी), लाइटनिंग अरेस्टर (एलए), अर्थिंग सिस्टम, सीआरपी, टेललेस यूनिट, एलटी एसीबी, आरएमयू सहित अन्य आवश्यक बिजली उपकरणों को बदला या स्थापित किया जाएगा। इन उपकरणों के लगने से बिजली लाइन और उपकेंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी। किसी भी फाल्ट की स्थिति में नुकसान सीमित रहेगा। इसका सीधा लाभ शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों उपभोक्ताओं को मिलेगा। विशेष रूप से उन इलाकों में राहत मिलेगी, जहां पुराने उपकरणों के कारण बार-बार बिजली बाधित होती है।
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दोनों सर्किलों में 131 प्रोटेक्शन कार्य स्वीकृत हुए हैं। इन पर लगभग 5.97 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। काम शुरू हो चुके हैं, सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप कराए जाएंगे, जिससे बिजली व्यवस्था अधिक सुरक्षित और मजबूत बनेगी। - घनश्याम, अधीक्षण अभियंता।
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